अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने की 2035 तक राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी परियोजनाओं पर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने की घोषणा
कोलकाता, 24 सितंबर 2026: पश्चिम बंगाल के माननीय मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने आज कोलकाता के न्यू टाउन स्थित बंगाल सिलिकॉन वैली टेक हब में 2,000 बेड वाले अदाणी आरोग्य मंदिर की आधारशिला रखी। पश्चिम बंगाल की 2026 की स्वास्थ्य सेवा योजना के अनुरूप तैयार की जा रही इस परियोजना को अदाणी फाउंडेशन द्वारा विकसित किया जाएगा। अदाणी आरोग्य मंदिर में हर साल 2 लाख से अधिक मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जाएगा, जबकि 20 लाख से अधिक मरीजों को ओपीडी की सुविधा मिलेगी। इस परियोजना से करीब 10,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसे पूर्वी भारत और आसपास के क्षेत्रों के लिए विश्वस्तरीय शैक्षणिक चिकित्सा केंद्र और व्यापक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा।
51.75 एकड़ में फैला अदाणी आरोग्य मंदिर एक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल होगा। इसमें मरीजों के लिए स्टेप-डाउन और ट्रांजिशनल केयर की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इस पूरे स्वास्थ्य सेवा परिसर में मेडिटेल और विश्राम गृह भी होंगे, जहां अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों के परिजनों के ठहरने की व्यवस्था होगी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "श्री अदाणी, हम बंगाल के पुनर्निर्माण और विकास में आपकी भूमिका की उम्मीद करते हैं। हमारा अंतिम लक्ष्य केवल एक अस्पताल परिसर बनाना नहीं है, बल्कि इसे एक पूरी तरह से विकसित और एकीकृत स्वास्थ्य सेवा शहर के रूप में तैयार करना है। पूरे भारत में इस स्तर की सुविधाओं वाला अस्पताल कहीं नहीं है। यह अस्पताल मेडिकल टूरिज्म को भी बड़ा बढ़ावा देगा। यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक, महत्वपूर्ण और शुभ दिन है। विकसित भारत 2047 का लक्ष्य तभी पूरा हो सकता है, जब बंगाल भी तेजी से विकास करे।"
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा, "अदाणी आरोग्य मंदिर एक विश्वस्तरीय, गैर-लाभकारी चिकित्सा संस्थान होगा, जिसमें 2,000 बेड होंगे। इनमें से 1,000 बेड आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए होंगे, जो राज्य और केंद्र सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत इलाज के पात्र हैं।"
गुजरात के मुंद्रा का उदाहरण देते हुए, जिसे अदाणी ग्रुप के बड़े प्रोजेक्ट्स की नींव माना जाता है, श्री गौतम अदाणी ने पश्चिम बंगाल को पूर्वी भारत में ग्रुप की कर्मभूमि बताया। उन्होंने वर्ष 2035 तक पश्चिम बंगाल में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की योजना की घोषणा की। यह निवेश पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, बिजली उत्पादन, बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, सड़क एवं पुल, ग्रीन सीमेंट और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा।
अदाणी आरोग्य मंदिर परिसर में एक मेडिकल कॉलेज भी होगा, जिसमें हर साल 150 स्नातक, 100 से अधिक स्नातकोत्तर और 40 से अधिक सुपर-स्पेशियलिटी डॉक्टरों को प्रवेश दिया जाएगा। परिसर में नर्सिंग कॉलेज के साथ-साथ एलाइड हेल्थकेयर और पैरामेडिकल शिक्षा के लिए एक संस्थान भी होगा। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ी के डॉक्टरों, नर्सों, तकनीशियनों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए एक व्यापक और बहु-विषयक शिक्षा एवं प्रशिक्षण व्यवस्था तैयार करना है। परिसर में स्वास्थ्य क्षेत्र के कर्मचारियों और उनके परिवारों के रहने के लिए आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
पहले चरण में यह मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल कैंसर के इलाज पर विशेष ध्यान देगा। यहां कैंसर मरीजों के लिए अत्याधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
अदाणी आरोग्य मंदिर में जीनोमिक्स, प्रिसीजन मेडिसिन, बायोमेडिकल इंफॉर्मेटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लिनिकल ट्रायल, मॉलिक्यूलर साइंस और अन्य बायोमेडिकल क्षेत्रों में रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए एक व्यापक रिसर्च इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। अस्पताल का मुख्य ध्यान वैज्ञानिक शोध और नई खोजों को बेहतर जांच, इलाज और बीमारी की रोकथाम में इस्तेमाल करने पर रहेगा।
यह संस्थान अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर नई चिकित्सा जानकारी, तकनीक, इलाज की नई प्रक्रियाएं और बौद्धिक संपदा विकसित करेगा। इसका उद्देश्य वैश्विक वैज्ञानिक विशेषज्ञता और तकनीकी क्षमताओं को भारत के रिसर्च वातावरण से जोड़ना है। यह रिसर्च भारत की खास स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर काम करेगी और ऐसी चिकित्सा तकनीक व समाधान विकसित करने का प्रयास करेगी, जो पूरी दुनिया के लिए उपयोगी हों।
अदाणी फाउंडेशन ने अमेरिका की मायो क्लिनिक ग्लोबल कंसल्टिंग और सिंगापुर की सिंगहेल्थ के साथ साझेदारी की है। इन संस्थानों के जरिए क्लिनिकल केयर, मेडिकल शिक्षा, डिजिटल हेल्थ, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मेडिकल स्टाफ के विकास और नई तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक विशेषज्ञता लाई जाएगी। इस निवेश से कोलकाता में एक बड़ा स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक संस्थान तैयार होगा। इसके बाद दूसरे चरण में अलग-अलग स्पेशियलिटी और सुपर-स्पेशियलिटी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की योजना है। एक ही परिसर में व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने से पूर्वी भारत के लोगों को इलाज के लिए दूसरे शहरों या राज्यों में जाने की जरूरत कम करने में मदद मिलेगी।
राज्य में अदाणी ग्रुप की औद्योगिक और स्वास्थ्य संबंधी पहलों के साथ-साथ, श्री गौतम अदाणी ने प्रसिद्ध कुमारटुली घाट के पुनर्विकास में सहयोग देने की भी घोषणा की। अदाणी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल सरकार के साथ दो एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग के संरक्षण और पुनरुद्धार तथा अदाणी पूजो प्रीव्यू के माध्यम से कोलकाता की दुर्गा पूजा की कला और संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुंचाने की पहल शामिल है। इस पहल के तहत दुर्गा पूजा आयोजकों, कलाकारों, कारीगरों, सर्विस प्रोवाइडर्स और बंगाल से जुड़े पूरे पूजा इकोसिस्टम को सहयोग दिया जाएगा।
अदाणी फाउंडेशन के बारे में:
1996 से, अदाणी ग्रुप की सामाजिक कल्याण और विकास शाखा अदाणी फाउंडेशन पूरे भारत में टिकाऊ विकास के लिए सामाजिक क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा है। फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, स्थायी आजीविका, जलवायु संरक्षण और सामुदायिक विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बच्चों, महिलाओं, युवाओं और वंचित समुदायों के जीवन को बेहतर बनाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए काम करता है।फाउंडेशन की योजनाएं देश की प्राथमिकताओं और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप तैयार की जाती हैं। वर्तमान में अदाणी फाउंडेशन 22 राज्यों के 7,247 गांवों में काम कर रहा है और इसके प्रयासों से 1.33 करोड़ लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
अधिक जानकारी: www.adanifoundation.org
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