अदाणी पावर ने घोषित किए वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे

शुद्ध मुनाफा ₹4,271 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 64% ज्यादा है

अहमदाबाद, 29 अप्रैल 2026: अदाणी समूह की कंपनी अदाणी पावर लिमिटेड (एपीएल), जो भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की थर्मल पावर कंपनी है, ने आज 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के वित्तीय नतीजों की घोषणा की।

नतीजों पर बात करते हुए सीईओ श्री एस.बी. ख्यालिया ने कहा, "जब दुनिया एक बार फिर ऊर्जा की कीमतों के झटके से गुजर रही है, तब भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। हमारे पास कोयले जैसे प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में हैं, जो लंबे समय तक देश के विकास को ऊर्जा देंगे। भारत तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी के लक्ष्यों को हासिल कर रहा है, वहीं थर्मल पावर ग्रिड को स्थिर रखने और पीक डिमांड को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसी बीच, अदाणी पावर अपनी 23.7 गीगावाट क्षमता विस्तार योजना में लगातार नए मुकाम हासिल कर रही है और लंबे समय के पावर परचेज एग्रीमेंट कर रही है। साथ ही, बदलती मांग के माहौल में कंपनी मजबूत मुनाफा और अच्छा कैश फ्लो बनाए हुए है। आने वाले वर्षों में हम अपनी क्षमता विस्तार के लक्ष्यों को पूरा करने और कई गुना कमाई बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। साथ ही, हम समझदारी से निवेश करते हुए भविष्य के नए अवसरों का लाभ उठाएंगे।"

पावर मार्केट अपडेट

  • वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में ठंड और कई जगहों पर बेमौसम बारिश की वजह से बिजली की मांग प्रभावित हुई और फरवरी तक खपत कम रही। हालांकि मार्च में गर्मी बढ़ने के साथ मांग फिर बढ़ने लगी।
  • पूरे भारत में बिजली की मांग वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में 1.6% बढ़कर 422 बीयू रही, जबकि वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में 415 बीयू थी। पूरे वित्त वर्ष 26 में मांग 0.8% बढ़कर 1,709 बीयू रही, जो वित्त वर्ष 25 में 1,695 बीयू थी।
  • वित्त वर्ष 26 में अधिकतम बिजली मांग 243 गीगावाट दर्ज की गई, जो वित्त वर्ष 25 के 250 गीगावाट से कम रही।
  • मांग में उतार-चढ़ाव और रिन्यूएबल एनर्जी का बढ़ता हिस्सा, इन दोनों कारणों से वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में मर्चेंट मार्केट में बिजली की कीमतें दबाव में रहीं।

ऑपरेटिंग प्रदर्शन

पैरामीटर क्यू4 एफवाय26 क्यू4 एफवाय25 वित्त वर्ष 26 वित्त वर्ष 25
इंस्टॉल्ड क्षमता (मेगावाट) 18,150 17,550 18,150 17,550
प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) 74.0% 74.2% 66.5% 70.5%
यूनिट्स सोल्ड (बीयू) 27.2 26.4 99.1 95.9

बीयू = बिलियन यूनिट

  • बिजली की मांग कमजोर रहने और रिन्यूएबल एनर्जी बढ़ने से कुछ पीपीए के तहत बिजली की खपत कम हुई और मर्चेंट में बिक्री भी घटी।
  • नए लंबी और मध्यम अवधि के पीपीए जुड़ने और बुटीबोरी प्लांट के संचालन से कुल बिक्री में बढ़ोतरी हुई।
  • वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में मर्चेंट और शॉर्ट-टर्म बिक्री 5.2 बीयू रही, जो वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में 5.6 बीयू थी। पूरे वित्त वर्ष 26 में मर्चेंट बिक्री 20.9 बीयू रही, जो वित्त वर्ष 25 के 20.6 बीयू से थोड़ी ज्यादा है।

बिज़नेस अपडेट

  • एपीएल को महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) से 1,600 मेगावाट बिजली सप्लाई के लिए 25 साल का लेटर ऑफ़ अवार्ड (एलओए) मिला है। यह बिजली एक नए अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट (यूएससीटीपीपी) से दी जाएगी, जिसे डीबीएफओओ मॉडल (डिजाइन, निर्माण, फाइनेंस, स्वामित्व और संचालन) पर विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए कोयला शक्ति नीति के तहत उपलब्ध कराया जाएगा।
  • एपीएल की सहायक कंपनी मॉक्सी पावर जेनरेशन लिमिटेड (एमपीजीएल) ने तमिलनाडु डिस्कॉम के साथ 558 मेगावाट (नेट) का 5 साल का पीपीए साइन किया है। यह बिजली तूतीकोरिन (मुटियारा) पावर प्लांट से सप्लाई की जाएगी। इस समझौते के बाद एमपीजीएल की पूरी ऑपरेटिंग क्षमता अब पीपीए के तहत जुड़ गई है, और एपीएल की कुल ऑपरेटिंग क्षमता का लगभग 95% हिस्सा अब लंबी और मध्यम अवधि के पीपीए से सुरक्षित हो गया है।

फाइनेंसियल प्रदर्शन

विवरण (₹ करोड़ में) क्यू 4 एफवाय 26 क्यू 4 एफवाय 25 चेंज +/- वित्त वर्ष26 वित्त वर्ष25 चेंज +/-
ऑपरेशन से कंटिन्यूइंग रेवेन्यू(1) 14,559.97 14,145.31 2.93% 53,781.45 54,502.81 (1.32%)
कंटिन्यूइंग अदर इनकम(2) 498.99 377.08 32.33% 1,801.18 1,969.91 (8.57%)
टोटल कंटिन्यूइंग रेवेन्यू 15,058.96 14,522.39 3.69% 55,582.63 56,472.72 (1.58%)
टोटल रिपोर्टेड रेवेन्यू 15,989.09 14,535.60 10.00% 57,865.28 58,905.83 (1.77%)
कंटिन्यूइंग एबिट्डा(3) 5,572.64 5,097.62 9.32% 21,285.35 21,575.07 (1.34%)
रिपोर्टेड एबिट्डा 6,498.47 5,110.83 27.15% 23,430.87 24,008.18 (2.40%)
कंटिन्यूइंग प्रॉफिट बिफोर टैक्स 3,458.15 3,248.07 6.47% 13,353.99 13,926.40 (4.11%)
रिपोर्टेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स 4,383.98 3,261.28 34.43% 15,499.51 16,359.51 (5.26%)
टैक्स चार्ज / (क्रेडिट) 112.58 662.05 (83.00%) 2,528.43 3,609.90 (29.96%)
प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 4,271.40 2,599.23 64.33% 12,971.08 12,749.61 1.74%

(1), (2), (3): कंटिन्यूइंग ऑपरेटिंग रेवेन्यू और कंटिन्यूइंग अदर इनकम में पिछले अवधि की आय को शामिल नहीं किया जाता है। कंटिन्यूइंग एबिट्डा में भी पिछले अवधि की आय और खर्च शामिल नहीं होते। एबिट्डा: ब्याज, कर, मूल्यह्रास और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई।

प्रमुख फाइनेंसियल हाइलाइट्स

  • वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में ऑपरेटिंग रेवेन्यू 2.93% बढ़कर ₹14,559.97 करोड़ हो गया, जबकि वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में यह ₹14,145.31 करोड़ था। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से प्लांट के अच्छे संचालन, विदेशी मुद्रा के अनुकूल बदलाव और अधिक ऑपरेटिंग क्षमता के कारण हुई। हालांकि, मर्चेंट में बिजली की कीमतें और आयातित कोयले की कीमतें कम रहने के बावजूद कंपनी ने यह बढ़त हासिल की।
  • वित्त वर्ष 26 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹53,781.45 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 25 के ₹54,502.81 करोड़ के लगभग बराबर है। यह स्थिरता मुख्य रूप से मर्चेंट में कम कीमतों और आयातित कोयले की कम कीमतों के कारण रही।
  • वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में अन्य आय 32.33% बढ़कर ₹498.99 करोड़ हो गई, जबकि वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में यह ₹377.08 करोड़ थी। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा में अनुकूल बदलाव के कारण हुई।
  • वित्त वर्ष 26 में अन्य आय ₹1,801.18 करोड़ रही, जो वित्त वर्ष 25 के ₹1,969.91 करोड़ से कम है। पिछले साल यह ज्यादा थी क्योंकि उस समय कुछ प्रावधान वापस जोड़े गए थे और टैक्स रिफंड मिला था।
  • वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में एबिटडा ₹5,572.64 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही के ₹5,097.62 करोड़ से अधिक है। यह बढ़त मुख्य रूप से लंबी अवधि के पीपीए से बेहतर टैरिफ और बेहतर संचालन के कारण हुई, हालांकि मर्चेंट से कम कमाई ने इसका थोड़ा असर कम किया।
  • वित्त वर्ष 26 में एबिटडा ₹21,285.35 करोड़ रहा, जबकि वित्त वर्ष 25 में यह ₹21,575.07 करोड़ था। हाल ही में खरीदे गए पावर प्लांट्स से आय बढ़ी, लेकिन ज्यादा सीएसआर खर्च और बिजली की कम बिक्री कीमतों के कारण कुल एबिटडा थोड़ा कम रहा।
  • वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में पिछले अवधि से जुड़े वन-टाइम रेवेन्यू ₹930.13 करोड़ दर्ज किए गए, जबकि वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में यह सिर्फ ₹13.21 करोड़ था। पूरे वित्त वर्ष 26 में ऐसे वन टाइम रेवेन्यू ₹2,282.65 करोड़ रहे, जबकि वित्त वर्ष 25 में ₹2,433.11 करोड़ थे। वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में वन टाइम खर्च ₹4.30 करोड़ रहा, जो ऑपरेटिंग खर्च में शामिल है। वित्त वर्ष 26 में कुल ₹137.13 करोड़ का वन-टाइम खर्च ट्रांसमिशन चार्ज के रूप में हुआ। इन वन -टाइम खर्चों को कंटीन्यूइंग एबिटडा की गणना में शामिल नहीं किया गया है।
  • वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में शुद्ध मुनाफा ₹4,271.40 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही के ₹2,599.23 करोड़ से काफी ज्यादा है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कम टैक्स खर्च के कारण हुई।
  • पूरे वित्त वर्ष 26 में शुद्ध मुनाफा ₹12,971.08 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 25 के ₹12,749.61 करोड़ से थोड़ा अधिक है। यहां भी मुनाफे में बढ़त का मुख्य कारण कम टैक्स खर्च रहा।
  • एपीएल अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए सावधानीपूर्वक पूंजी प्रबंधन नीति अपना रही है।
  • वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में कंपनी ने फंड जुटाने के तहत ₹7,500 करोड़ के सिक्योर्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स जारी किए। कंपनी के पास मजबूत लिक्विडिटी और अच्छा मुनाफा है, जिससे उसका कर्ज नियंत्रण में बना हुआ है। 31 मार्च 2026 तक कुल कर्ज ₹53,555.54 करोड़ रहा, जो 31 मार्च 2025 के ₹38,334.88 करोड़ से ज्यादा है। नेट कर्ज 31 मार्च 2026 तक ₹45,022.02 करोड़ रहा, जबकि 31 मार्च 2025 में यह ₹31,023.43 करोड़ था।

प्रोजेक्ट अपडेट

एपीएल अपने 2032 तक 23.7 गीगावाट थर्मल पावर क्षमता बढ़ाने के लक्ष्य की दिशा में तेजी से काम कर रही है। 31 मार्च 2026 तक प्रोजेक्ट की प्रगति इस प्रकार है: माहन फेज-II (1600 मेगावाट) – 86% काम पूरा, रायपुर फेज-II (1,600 मेगावाट) – 54% काम पूरा, रायगढ़ फेज-II (1,600 मेगावाट) – 47% काम पूरा। इसके अलावा, एपीएल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कोरबा पावर लिमिटेड के 1,320 मेगावाट फेज-II विस्तार का काम भी वित्त वर्ष 2026-27 में पूरा होने की संभावना है।

एपीएल तेजी से अपनी क्षमता बढ़ा रही है, जिसका आधार उसका मजबूत अनुभव और बेहतर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट है। कंपनी ज्यादातर विस्तार ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स के जरिए कर रही है, जिससे लागत और समय दोनों बचते हैं। कंपनी के पास अपनी इन-हाउस प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टीम है, जिससे काम तेजी और बेहतर तरीके से होता है। आने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी उपकरण पहले से ही ऑर्डर कर दिए गए हैं, जिससे देरी नहीं होती और लागत पर नियंत्रण रहता है। इन सभी कारणों से एपीएल को प्रोजेक्ट लागत में खास बढ़त मिलती है। साथ ही, कंपनी का कर्ज कम है और वह अपने अधिकतर निवेश खुद के पैसे से कर रही है।

ईएसजी प्रदर्शन

  • एपीएल को केयरएज ईएसजी रेटिंग्स से 80 का ईएसजी स्कोर मिला है, जो इंडस्ट्री के औसत स्कोर से 35% ज्यादा है।
  • वित्त वर्ष 26 में बिजली उत्पादन के लिए पानी की खपत 2.34 एम³/एमडब्ल्यूएच रही, जो निर्धारित सीमा (3.50 एम³/एमडब्ल्यूएच) से 34% कम है।
  • वित्त वर्ष 26 में सभी 12 प्लांट्स के लिए कुल मीठे पानी की खपत 2.18 एम³/एमडब्ल्यूएच रही।
  • वित्त वर्ष 26 में कंपनी ने अपने सभी थर्मल पावर स्टेशनों में 113% फ्लाई ऐश का उपयोग किया, यानी जितनी ऐश बनी उससे भी ज्यादा का उपयोग किया गया।
  • कंपनी के सभी 13 प्लांट/लोकेशन को सिंगल यूज प्लास्टिक फ्री (एसयूपीएफ) सर्टिफिकेशन मिल चुका है।.

अदाणी पावर के बारे में जानकारी

अदाणी पोर्टफोलियो का हिस्सा अदाणी पावर भारत की सबसे बड़ी निजी थर्मल पावर उत्पादक कंपनी है। कंपनी के पास कुल 18,110 मेगावाट की स्थापित थर्मल पावर क्षमता है, जो गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और तमिलनाडु में स्थित 12 पावर प्लांट्स में फैली हुई है। इसके अलावा गुजरात में कंपनी का 40 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट भी है।

पावर सेक्टर के हर क्षेत्र में विशेषज्ञों की विश्वस्तरीय टीम के सहयोग से अदाणी पावर अपनी विकास क्षमता को हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी तकनीक और नवाचार की मदद से भारत को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर और पावर-सरप्लस राष्ट्र बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है, ताकि देश के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और किफायती बिजली पहुंचाई जा सके।

ज्यादा जानकारी के लिए लॉगिन करें www.adanipower.com

मीडिया संपर्क: Roy.paul@adani.com

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