अदाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए

क्षमता विस्तार के लिए AA रेटिंग वाले एनसीडी के माध्यम से 7,500 करोड़ रुपये जुटाए

अहमदाबाद, 29 जनवरी, 2026: अदाणी ग्रुप की कंपनी और भारत की निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी थर्मल पॉवर उत्पादक कंपनी अदाणी पॉवर लिमिटेड (एपीएल) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही और वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों के वित्तीय नतीजे जारी किए।

नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए, अदाणी पावर लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री एस. बी. ख्यालिया ने कहा, "कंपनी अपने मजबूत प्रतिस्पर्धात्मक लाभ और लागत-कुशल बिजली संयंत्रों के कारण लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है और उसकी तरलता स्थिति भी मजबूत बनी हुई है। हम अपनी आने वाली बिजली क्षमताओं के लिए तेज़ी से दीर्घकालिक पावर परचेस एग्रीमेंट हासिल कर रहे हैं और 23.7 गीगावॉट के विस्तार में से लगभग आधी क्षमता के लिए राज्य वितरण कंपनियों के साथ पीपीए पहले ही तय हो चुके हैं। कंपनी की परियोजनाओं का क्रियान्वयन तय समय-सीमा के अनुसार, बल्कि कई मामलों में लक्ष्य से बेहतर गति से आगे बढ़ रहा है। हमें राज्यों के विकास लक्ष्यों को पूरा करने में भरोसेमंद और किफायती बिजली उपलब्ध कराकर अपना योगदान देने पर गर्व है। भारत में दीर्घकालिक बिजली माँग को लेकर हमारा भरोसा पूरी तरह बना हुआ है और देश की ऊर्जा व्यवस्था में थर्मल पॉवर की भूमिका को हम बेहद अहम् मानते हैं। अदाणी पावर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और एक समृद्ध और टिकाऊ भविष्य के लिए नए अवसरों को अपनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

पावर मार्केट अपडेट

  • वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में बिजली की माँग पर लंबे मानसून का असर पड़ा, जो देश के कई हिस्सों में अक्टूबर तक बना रहा, साथ ही वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में अपेक्षाकृत ठंडे तापमान ने भी माँग को प्रभावित किया, जबकि उस अवधि में तेज हीट वेव के कारण माँग में उछाल देखा गया था
  • वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में अखिल भारतीय ऊर्जा माँग 392 बीयू रही, जो वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में 393 बीयू थी, जबकि वित्त वर्ष 26 के नौ महीनों में ऊर्जा माँग 0.5% बढ़कर 1,287 बीयू रही, जो वित्त वर्ष 25 के नौ महीनों में 1,280 बीयू थी
  • वित्त वर्ष 26 के नौ महीनों की अवधि में अधिकतम बिजली माँग 242 गीगावाट रही, जो वित्त वर्ष 25 में दर्ज 250 गीगावाट की अधिकतम माँग की तुलना में कम थी
  • इस माँग में व्यवधान के साथ नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं से बढ़ते उत्पादन के कारण वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में मर्चेंट बाजार में बिजली दरें दबाव में रहीं

परिचालन प्रदर्शन

पैरामीटर वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही वित्त वर्ष 26 के 9 महीने वित्त वर्ष 25 के 9 महीने वित्त वर्ष 25
स्थापित क्षमता (मेगावाट) 18,150 17,550 18,150 17,550 17,550
प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) 62.6% 63.9% 64.1% 69.2% 70.5%
बेची गई इकाइयाँ (बीयू) 23.6 23.3 71.8 69.5 95.5

मेगावाट: मेगावाट; बीयू: बिलियन इकाइयाँ

  • कमजोर बिजली माँग और नवीकरणीय ऊर्जा की बढ़ती हिस्सेदारी के कारण कुछ पॉवर परचेस एग्रीमेंट्स के तहत खरीद कम रही और मर्चेंट बाजार में बिक्री मात्रा भी घट गई
  • कम पीएलएफ के बावजूद अधिक परिचालन क्षमता के चलते अदाणी पॉवर लिमिटेड ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही की तुलना में बिजली बिक्री में मामूली वृद्धि दर्ज की
  • वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में मर्चेंट और अल्पकालिक बिजली बिक्री 4.3 बीयू रही, जबकि वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में यह 4.6 बीयू थी, वहीं वित्त वर्ष 26 के नौ महीनों में मर्चेंट बिक्री 15.7 बीयू रही, जो वित्त वर्ष 25 के नौ महीनों में 15 बीयू थी

व्यवसाय से जुड़े अपडेट

  • अदाणी पावर लिमिटेड को असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड से दीर्घकालिक आधार पर बिजली आपूर्ति के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड प्राप्त हुआ है, जिसमें असम में विकसित की जाने वाली 3,200 मेगावाट क्षमता की ग्रीनफील्ड अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पॉवर परियोजना की पूरी क्षमता शामिल है, जिसे डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, स्वामित्व और संचालन मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा और इसके लिए ईंधन की व्यवस्था शक्ति नीति के अंतर्गत आवंटित कोयला लिंकेज के माध्यम से की जाएगी
  • अदाणी पॉवर लिमिटेड की परिचालन क्षमता का 90% अब दीर्घकालिक और मध्यम अवधि के पॉवर परचेस एग्रीमेंट्स के तहत सुरक्षित है, जिससे राजस्व की स्थिरता बढ़ी है और अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के जोखिम में कमी आई है
  • कंपनी ने 27 जनवरी, 2026 को प्रतिष्ठित निवेशकों के साथ निजी प्लेसमेंट के माध्यम से दो से पाँच वर्ष की अवधि की चार किश्तों में 7,500 करोड़ रुपए के एए रेटेड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स जारी कर पूँजी जुटाई है, जिसका उपयोग क्षमता विस्तार, कार्यशील पूँजी की आवश्यकताओं और अन्य व्यावसायिक जरूरतों के लिए किया जाएगा
  • केयरएज रेटिंग्स ने अदाणी पॉवर लिमिटेड की 58,000 करोड़ रुपए की बैंक ऋण सुविधाओं और 11,000 करोड़ रुपए की नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर सुविधाओं के लिए एए (स्थिर) / ए1+ क्रेडिट रेटिंग प्रदान की है और इसे दोबारा पुष्टि भी की है

परिचालन प्रदर्शन

विवरण (करोड़ रुपए में) वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही परिवर्तन +/- वित्त वर्ष 26 के 9 महीने वित्त वर्ष 25 के 9 महीने परिवर्तन +/-
परिचालन से निरंतर राजस्व (1) 12,412.20 12,691.83 (2.20%) 39,221.48 40,357.84 (2.82%)
अन्य निरंतर आय (2) 304.72 741.94 (58.93%) 1,302.19 1,592.83 (18.25%)
कुल निरंतर राजस्व 12,716.92 13,433.77 (5.34%) 40,523.67 41,950.67 (3.40%)
कुल रिपोर्ट किया गया राजस्व 12,994.70 14,833.44 (12.40%) 41,876.19 44,370.23 (5.62%)
निरंतर एबिट्डा (3) 4,636.38 4,785.51 (3.12%) 15,712.71 16,477.79 (4.64%)
रिपोर्ट किया गया एबिट्डा 4,781.33 6,185.18 (22.70%) 16,932.40 18,897.35 (10.40%)
कर पूर्व निरंतर लाभ 2,800.07 2,658.97 5.31% 9,895.84 10,678.67 (7.33%)
कर पूर्व रिपोर्ट किया गया लाभ 2,945.02 4,058.64 (27.44%) 11,115.53 13,098.23 (15.14%)
कर व्यय / (क्रेडिट) 456.93 1,118.57 (59.15%) 2,415.85 2,947.85 (18.05%)
कर पश्चात लाभ 2,488.09 2,940.07 (15.37%) 8,699.68 10,150.38 (14.29%)

(1), (2), (3): लगातार परिचालन राजस्व और लगातार अन्य आय में पिछली अवधि की आय की मान्यता शामिल नहीं है। लगातार एबिट्डा में पिछली अवधि की आय और व्यय शामिल नहीं किए गए हैं

एबिट्डा: ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पूर्व आय

मुख्य वित्तीय प्रदर्शन के प्रमुख बिंदु

  • वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में लगातार परिचालन राजस्व 12,412.20 करोड़ रुपए रहा, जबकि वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में यह 12,691.83 करोड़ रुपए था और यह अंतर अधिक परिचालन क्षमता तथा बिक्री मात्रा के बावजूद कम पीपीए दरों और मर्चेंट दरों में कमी के कारण रहा
  • वित्त वर्ष 26 के नौ महीनों में लगातार परिचालन राजस्व 39,221.48 करोड़ रुपए रहा, जबकि वित्त वर्ष 25 के नौ महीनों में यह 40,357.84 करोड़ रुपए था और अधिक बिक्री मात्रा के बावजूद कम दरों के कारण इसमें मामूली कमी दर्ज की गई
  • वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में लगातार अन्य आय 304.72 करोड़ रुपए रही, जबकि वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में यह 741.94 करोड़ रुपए थी और इसका मुख्य कारण पिछले वर्ष की समान तिमाही में देर से भुगतान अधिभार से अधिक आय का होना था
  • वित्त वर्ष 26 के नौ महीनों में लगातार अन्य आय 1,302.19 करोड़ रुपए रही, जबकि वित्त वर्ष 25 के नौ महीनों में यह 1,592.83 करोड़ रुपए थी और इसके कारण भी समान ही रहे
  • वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में लगातार एबिट्डा 4,636.38 करोड़ रुपए रहा, जबकि वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में यह 4,785.51 करोड़ रुपए था और इसमें हाल ही में अधिग्रहित बुटीबोरी पॉवर प्लांट का योगदान तथा अधिक क्षमता शुल्क शामिल रहा
  • वित्त वर्ष 26 के नौ महीनों में लगातार एबिट्डा 15,712.71 करोड़ रुपए रहा, जबकि वित्त वर्ष 25 के नौ महीनों में यह 16,477.79 करोड़ रुपए था, जिसमें हाल ही में अधिग्रहित पॉवर प्लांट्स का योगदान अधिक सामाजिक उत्तरदायित्व व्यय और कम दरों के प्रभाव को संतुलित करता रहा
  • वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही और नौ महीनों की अवधि में नई परिसंपत्तियों के अधिग्रहण और परिचालन स्तर बढ़ने के बावजूद वित्त वर्ष 25 की समान अवधियों की तुलना में वित्तीय लागत पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा गया
  • वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में पिछली अवधि से जुड़ी एकमुश्त आय 277.78 करोड़ रुपए रही, जबकि वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में यह 1,399.67 करोड़ रुपए थी और वित्त वर्ष 26 के नौ महीनों में यह 1,352.52 करोड़ रुपए रही, जबकि वित्त वर्ष 25 के नौ महीनों में 2,419.56 करोड़ रुपए थी, वहीं वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में ट्रांसमिशन शुल्क से जुड़ा 132.83 करोड़ रुपए का एकमुश्त व्यय भी दर्ज किया गया, जिसे लगातार एबिट्डा की गणना से बाहर रखा गया है
  • वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में लगातार शुद्ध लाभ 2,488.09 करोड़ रुपए रहा, जबकि वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में यह 2,940.07 करोड़ रुपए था और यह अंतर मुख्य रूप से पिछली अवधि की एकमुश्त आय कम रहने के कारण रहा
  • वित्त वर्ष 26 के नौ महीनों में शुद्ध लाभ 8,699.68 करोड़ रुपए रहा, जबकि वित्त वर्ष 25 के नौ महीनों में यह 10,150.38 करोड़ रुपए था और इसका मुख्य कारण परिचालन तथा एकमुश्त आय में कमी और नए अधिग्रहित संयंत्रों पर अधिक मूल्यह्रास रहा
  • अदाणी पॉवर लिमिटेड को मजबूत तरलता और स्वस्थ लाभप्रदता का लाभ लगातार मिल रहा है, जिससे क्षमता विस्तार कार्यक्रम के बावजूद ऋण स्तर नियंत्रित रहा और 31 दिसंबर, 2025 तक कुल बकाया ऋण 45,330.79 करोड़ रुपए रहा, जबकि 31 मार्च, 2025 को यह 38,334.88 करोड़ रुपए था, वहीं शुद्ध ऋण 31 दिसंबर, 2025 तक 38,679.28 करोड़ रुपए रहा, जो 31 मार्च, 2025 को 31,023.43 करोड़ रुपए था और ऋण में यह वृद्धि पूँजीगत व्यय के लिए ब्रिज फाइनेंसिंग के कारण हुई

प्रोजेक्ट अपडेट्स

एपीएल ने थर्मल पॉवर सेक्टर में तेजी से बढ़ते अवसरों का लाभ उठाने के लिए कई सक्रिय कदम उठाए हैं। इनमें भारत का अब तक का सबसे बड़ा थर्मल पॉवर कैपेसिटी एक्सपेंशन प्रोग्राम (23.7 गीगावाट) शुरू करना, जरूरी मुख्य उपकरणों की पहले से ऑर्डरिंग करना और इन-हाउस प्रोजेक्ट मैनेजमेंट शामिल है, जिससे एपीएल को परियोजना लागत में बड़ा फायदा मिलता है। इसके अलावा, एपीएल की रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर मौजूदगी उसे प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देती है, क्योंकि इससे फ्यूल लॉजिस्टिक्स की लागत कम हो सकती है। ये सभी सक्रिय कदम, एपीएल की कम कर्ज वाली और अपने ही संसाधनों से पूंजी खर्च करने की रणनीति के साथ मिलकर, कंपनी को समय पर व कम लागत में क्षमता विस्तार करने का बेजोड़ लाभ प्रदान करते हैं।

एपीएल के ब्राउनफील्ड एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। इसमें महान फेज-II (1,600 मेगावाट) अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल थर्मल पॉवर प्लांट का लगभग 80% काम पूरा हो चुका है, रायपुर फेज-II (1,600 मेगावाट) का 44% और रायगढ़ फेज-II (1,600 मेगावाट) का 38% काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा, एपीएल की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कोरबा पॉवर लिमिटेड ने छत्तीसगढ़ के कोरबा में अपने 1,320 मेगावाट के सुपरक्रिटिकल पॉवर प्रोजेक्ट के निर्माण कार्य को फिर से शुरू कर दिया है। इन सभी प्रोजेक्ट्स को वित्त वर्ष 2026-27 से 2028-29 के बीच चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना है।

ईएसजी प्रदर्शन

  • एपीएल को एनएसई सस्टेनेबिलिटी रेटिंग्स एंड एनालिटिक्स (एनएसआरए) की ओर से वित्त वर्ष 25 के लिए 65 का ईएसजी रेटिंग स्कोर मिला है। यह पॉवर जेनरेशन यूटिलिटी सेक्टर की समकक्ष कंपनियों में एक नया प्रदर्शन मानक है
  • मॉर्निंगस्टार सस्टेनलिस्टिक्स की ईएसजी रिस्क रेटिंग में एपीएल का स्कोर 33.14 (हाई रिस्क) से सुधरकर 29.2 (मीडियम रिस्क) हो गया है, जो ईएसजी से जुड़े अहम जोखिमों के बेहतर प्रबंधन को दर्शाता है
  • सीआरआईएसआईएल ईएसजी रेटिंग्स एंड एनालिटिक्स लिमिटेड ने अदाणी पॉवर लिमिटेड को ‘सीआरआईएसआईएल ईएसजी 54; एडेक्वैट’ की ईएसजी रेटिंग और ‘सीआरआईएसआईएल कोर ईएसजी 61’ की कोर ईएसजी रेटिंग दी है
  • वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में एपीएल के ताजे पानी पर आधारित पॉवर प्लांट्स की वॉटर इंटेंसिटी 2.20 एम³/एमडब्ल्यूएच रही, जो हिंटरलैंड प्लांट्स के लिए तय कानूनी सीमा (3.50 एम³/एमडब्ल्यूएच) से 37% कम है।
  • एपीएल ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही तक अपने सभी चालू थर्मल पॉवर स्टेशंस में 105% ऐश उपयोग का लक्ष्य हासिल किया है
  • तिमाही के दौरान, अदाणी पावर की कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) से जुड़ी पहलें शिक्षा, स्वास्थ्य, सतत आजीविका और कम्युनिटी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के क्षेत्रों में सकारात्मक और प्रभावशाली योगदान देती रहीं

    • शिक्षा:तिमाही के दौरान शिक्षा पर केंद्रित सीएसआर पहलों के माध्यम से लगभग 30,000 से अधिक छात्रों को बुनियादी शिक्षा, परीक्षा की तैयारी और संवर्धनात्मक गतिविधियों में सहयोग दिया गया। इसमें 2,700 से अधिक छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग, 440 छात्रों को लर्निंग असेसमेंट के बाद मुख्यधारा में शामिल करना, 1,800 छात्रों को अबेकस और मेंटल मैथ्स कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षण देना शामिल है। इसके अलावा, लगभग 13,500 माताओं को स्कूल-समुदाय के संरचित संवाद के जरिए जोड़ा गया, वहीं करीब 1,900 छात्रों ने एक्सपोज़र विज़िट और डिजिटल लर्निंग पहलों में भाग लिया।
    • स्वास्थ्य:सामुदायिक स्वास्थ्य पहलों के तहत निरंतर चल रहे ग्रामीण क्लीनिक्स और मोबाइल हेल्थ केयर यूनिट्स के माध्यम से, साथ ही स्वास्थ्य शिविरों के जरिए, लगभग 30,000 से अधिक मरीजों को परामर्श सेवाएँ दी गईं। तिमाही के दौरान सामान्य और विशेष स्वास्थ्य शिविरों में 3,000 से अधिक मरीजों का इलाज किया गया, जिनमें 1,000 से अधिक मरीज मेगा कैंप्स के अंतर्गत शामिल थे। इसके अलावा, 9,500 से अधिक ग्रामीणों को निरंतर स्वास्थ्य बीमा कवरेज का लाभ मिला, साथ ही गंभीर मामलों के लिए एम्बुलेंस और रेफरल सेवाओं का भी सहयोग दिया गया।
    • सतत आजीविका: तिमाही के दौरान आजीविका से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से 7,300 से अधिक डेयरी किसानों को दूध संग्रह और चिलिंग सेंटर्स के जरिए सहयोग दिया गया, जिसमें कुल लगभग 12.3 लाख लीटर दूध का संग्रह किया गया। पशुपालन पहलों के तहत 230 से अधिक बछड़ों को सहयोग मिला। महिला-केंद्रित गारमेंट इकाइयों में लगभग 84,000 परिधानों का उत्पादन किया गया, जिससे 300 से अधिक महिलाओं को लाभ हुआ। इसके अलावा, हरित पहलों के अंतर्गत 10,000 पेड़ों का रोपण पूरा किया गया, जिससे आय सृजन को पर्यावरणीय लाभों के साथ जोड़ा गया।
    • कम्युनिटी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट: सामुदायिक विकास पहलों का फोकस साझा सार्वजनिक संपत्तियों और आवश्यक सेवाओं को मजबूत करने पर रहा। इसके तहत कम्युनिटी हॉल्स, शेड्स और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण व उन्नयन किया गया। सुरक्षित पेयजल की सुविधा लगभग 6,000 ग्रामीणों तक पहुँचाई गई। जल संरक्षण कार्यों से बेहतर सिंचाई क्षमता के माध्यम से 500 से अधिक किसानों को सहयोग मिला।

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