अदाणी एग्री फ्रेश अपने ब्रांड फार्म-पिक के तहत ताजे फलों की बिक्री करती है। कंपनी सेब की खरीद और आधुनिक नियंत्रित वातावरण (CA) भंडारण तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी रही है। शिमला में इसके तीन अत्याधुनिक भंडारण केंद्र हैं और यह हिमाचल प्रदेश के 17,000 से अधिक किसानों के नेटवर्क से सेब खरीदती है। उन्नत एआई आधारित सॉर्टिंग और ग्रेडिंग तकनीक की मदद से फार्म-पिक ग्राहकों तक उच्च गुणवत्ता वाले फल पहुंचाना सुनिश्चित करता है। हाल के वर्षों में कंपनी ने सेब के अलावा अन्य फलों की श्रेणियों में भी विस्तार किया है, जबकि ताजगी और गुणवत्ता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी है। डिजिटल मंडी, अदाणी एग्री फ्रेश की एक अभिनव पहल है, जो हिमाचल के सेब उत्पादकों को सीधे खरीदारों से जोड़ती है। इसके माध्यम से किसानों को रियल-टाइम डिजिटल नीलामी, पारदर्शी मूल्य निर्धारण, बेहतर ग्रेडिंग और तेज़ डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलती है।

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उपलब्धियों पर एक नजर

उन्नत एआई-संचालित ऑप्टिकल सॉर्टिंग तकनीक प्रत्येक सेब को उसके आकार, रंग और गुणवत्ता के आधार पर सटीक रूप से ग्रेड करती है, जिससे केवल सर्वोत्तम गुणवत्ता वाले फल ही उपभोक्ताओं तक पहुँचते हैं।
उन्नत कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर (CA) स्टोरेज तकनीक वातावरण की परिस्थितियों को वैज्ञानिक रूप से नियंत्रित कर ऐसा अनुकूल वातावरण तैयार करती है, जिससे सेब कटाई के बाद भी लंबे समय तक अपनी ताज़गी, गुणवत्ता और प्राकृतिक गुणों को बनाए रखते हैं।
नवीनतम उच्च-स्तरीय 8 लेन ऑटोमैटिक मशीन द्वारा संचालित।
भारत के 36 से ज़्यादा शहरों में वितरित
न्यूट्रिशन को बनाए रखते हुए एक साल तक सुरक्षित रखने योग्य

हमारी मौजूदगी

हम यहाँ हैं

  • बिथल
  • सैंज
  • मेहंदली
हिमाचल प्रदेश

स्थिर और स्थायी कल के लिए

स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच
अदाणी फाउंडेशन, सैंज स्थित केंद्र पर एक क्लिनिक चलाता है, जहां आसपास के लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं।
किसानों को लॉजिस्टिक्स सहायता
किसानों को मुफ्त में क्रेट (फल-सब्जियां रखने की पेटियां) उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे उनका परिवहन खर्च कम होता है और उपज को सुरक्षित ढंग से ले जाना आसान हो जाता है।
हेल नेट से सहायता
अदाणी एग्री फ्रेश किसानों को हेल नेट (ओलों से बचाने का सुरक्षा जाल) उपलब्ध कराता है। इससे बागानों को खराब मौसम और ओलावृष्टि से बचाने में मदद मिलती है। हेल नेट होने पर फसलों को होने वाला नुकसान कम होता है, उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है और टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलता है।
किसान प्रशिक्षण और जागरूकता
किसानों को खेती की अच्छी तकनीकों, फसल प्रबंधन और टिकाऊ खेती (Sustainable Farming) के बारे में जानकारी देने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मेडिकल फैसिलिटी
अदाणी फाउंडेशन हिमाचल प्रदेश के रिमोट क्षेत्र सैंज में एक मोबाइल हेल्थ केयर यूनिट (एमएचसीयू) और एक ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र चलाता है।
सॉइल टेस्टिंग फैसिलिटी
अदाणी एग्री फ्रेश किसानों के लिए मिट्टी (Soil) और पत्तियों (Leaf) की जांच रियायती दरों पर कराने में मदद करता है। इसके लिए कंपनी कृषि इनपुट और एग्री-सर्विस कंपनियों के साथ मिलकर काम करती है। इससे किसानों को बागवानी का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करने में मदद मिलती है और फसल की पैदावार बेहतर होती है।
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