अहमदाबाद, 21 जनवरी 2025: अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने आज घोषणा कर बताया कि उसने 25 हजार करोड़ रुपये का भड़ला (राजस्थान) से फतेहपुर (उत्तर प्रदेश) तक के एचवीडीसी (हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट) प्रोजेक्ट आर्डर अपने नाम कर लिया है। यह एईएसएल के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है, जिससे कंपनी का वर्तमान ऑर्डरबुक 54,761 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके साथ ही एईएसएल का ट्रांसमिशन नेटवर्क 25,778 सर्किट किलोमीटर और 84,186 एमवीए ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता का हो गया है।
यह प्रोजेक्ट टैरिफ बेस्ड कंपेटिटिव बिडिंग (टीबीसीबी) प्रक्रिया के तहत प्राप्त किया गया है, जिसमें आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल) ने बिड प्रक्रिया का कॉर्डिनेशन किया। 20 जनवरी 2025 को प्रोजेक्ट एसपीवी को आधिकारिक रूप से एईएसएल को सौंपा गया।
इस प्रोजेक्ट का नाम "राजस्थान (20 गीगावॉट) के नवीकरणीय ऊर्जा ज़ोन से पावर निकासी के लिए ट्रांसमिशन सिस्टम (फेज़-III पार्ट I)" है। इसमें भड़ला से फतेहपुर (~2400 सर्किट किलोमीटर) तक 6,000 मेगावाट की एचवीडीसी (हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट) प्रणाली की स्थापना और 7,500 एमवीए की ट्रांसमिशन क्षमता शामिल है। यह प्रोजेक्ट राजस्थान के विभिन्न नवीकरणीय ऊर्जा ज़ोनों से 6 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा को उत्तर भारत के मांग केंद्रों और राष्ट्रीय ग्रिड तक पहुंचाने में मदद करेगा। एईएसएल इसे 4.5 साल में पूरा करेगा।
एईएसएल के सीईओ कंदर्प पटेल ने कहा,"देश के सबसे दुर्गम इलाकों से नवीकरणीय ऊर्जा की कुशल निकासी सुनिश्चित कर उन्हें राष्ट्रीय ग्रिड से जोड़ते हुए, एईएसएल भारत की डीकार्बोनाइजेशन यात्रा में अपनी भूमिका निभा रहा है। हम इस प्रोजेक्ट को समय पर और न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव के साथ पूरा करने के लिए नई तकनीक का उपयोग करेंगे।"
एईएसएल निजी क्षेत्र की एकमात्र कंपनी है, जो एचवीडीसी संपत्ति की मालिक है, जिसे लंबी दूरी की पावर ट्रांसमिशन के लिए प्राथमिकता दी जाती है। भड़ला-फतेहपुर प्रोजेक्ट एईएसएल का तीसरा एचवीडीसी प्रोजेक्ट है। इससे पहले, कंपनी ने मुण्डरा-महेन्द्रगढ़ प्रोजेक्ट पूरा किया था और वर्तमान में आरई-कुडुस प्रोजेक्ट (एईएमएल की सहायक कंपनी द्वारा) पर काम चल रहा है।
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