इस टर्मिनल का डिज़ाइन प्रधानमंत्री द्वारा एडवांटेज असम 2.0 के दौरान प्रस्तुत किया गया था। आज इसका उद्घाटन और फरवरी के आखिर तक इसके ऑपरेशन की तैयारी, इस बात को रेखांकित करती है कि भारत में अब एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर कितनी तेज़ी से ज़मीन पर उतारा जा रहा है। जर्मनी के म्यूनिख से आए एक्सपर्ट की टीम के सहयोग से ऑपरेशनल रेडीनेस और एयरपोर्ट ट्रांसफर प्रोग्राम ने यह सुनिश्चित किया है कि सिस्टम, प्रोसेस, स्टाफ और पैसेंजर फ्लो पहले दिन से ही सुरक्षित और सटीक रूप से काम करे।