अहमदाबाद, 3 फरवरी, 2026: भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईज़ेड) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के नतीजे जारी किए हैं।
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही और वित्त वर्ष 26 के नौवें माह के प्रमुख वित्तीय आँकड़ें (समेकित)
| विवरण (करोड़ रुपए) | वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही | वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही | सालाना | वित्त वर्ष 26 के 9 माह | वित्त वर्ष 25 के 9 माह | सालाना |
|---|---|---|---|---|---|---|
| राजस्व | 9,705 | 7,964 | 22% | 27,998 | 22,590 | 24% |
| एबिट्डा | 5,786 | 4,802 | 20% | 16,832 | 14,019 | 20% |
| पीएटी | 3,043 | 2,518 | 21% | 9,474 | 8,038 | 18% |
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही और वित्त वर्ष 2026 के नौवें माह का परिचालन प्रदर्शन
| विवरण | वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही | वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही | सालाना | वित्त वर्ष 26 के 9 माह | वित्त वर्ष 25 के 9 माह | सालाना |
|---|---|---|---|---|---|---|
| कार्गो (एमएमटी) | 123 | 112 | 9% | 367 | 332 | 11% |
| अखिल भारतीय बाजार हिस्सेदारी | 26.4% | 27.0% | -60 बीपीएस | 27.4% | 27.2% | +20 बीपीएस |
| अखिल भारतीय कंटेनर बाजार हिस्सेदारी | 45.8% | 45.4% | +40 बीपीएस | 45.6% | 45.2% | +40 बीपीएस |
| रेल वॉल्यूम (टीईयू) | 170,466 | 164,601 | 4% | 528,872 | 475,821 | 11% |
| जीपीडब्ल्यूआईएस (एमएमटी) | 5.2 | 5.5 | -6% | 16.1 | 16.2 | -21 बीपीएस |
व्यावसायिक खंड प्रदर्शन प्रक्षेपवक्र
| राजस्व (करोड़ रुपए) | वित्त वर्ष 23 की तीसरी तिमाही | वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही | वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही | वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही |
|---|---|---|---|---|
| डोमेस्टिक पोर्ट्स | 3,784 | 5,371 | 5,826 | 6,701 |
| इंटरनेशनल पोर्ट्स | 167 | 812 | 885 | 1,067 |
| लॉजिस्टिक्स | 490 | 529 | 693 | 1,121 |
| मरीन | 152 | 163 | 406 | 773 |
| अन्य | 193 | 45 | 154 | 43 |
| कुल | 4,786 | 6,920 | 7,964 | 9,705 |
| एबिट्डा (करोड़ रुपए) | वित्त वर्ष 23 की तीसरी तिमाही | वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही | वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही | वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही |
|---|---|---|---|---|
| डोमेस्टिक पोर्ट्स | 2,661 | 3,843 | 4,256 | 4,877 |
| इंटरनेशनल पोर्ट्स | 20 | 80 | 116 | 236 |
| लॉजिस्टिक्स | 142 | 146 | 161 | 203 |
| मरीन | 76 | 101 | 182 | 428 |
| अन्य | 112 | 16 | 87 | 43 |
| कुल | 3,011 | 4,186 | 4,802 | 5,786 |
वित्त वर्ष 26 का मार्गदर्शन अपडेट
| करोड़ रुपए | पिछला मार्गदर्शन | संशोधित मार्गदर्शन | टिप्पणियाँ |
|---|---|---|---|
| राजस्व | 36,000 – 38,000 | 38,000 | उच्च वृद्धि + वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के एनक्यूएक्सटी कार्गो का समेकन |
| एबिट्डा | 21,000 – 22,000 | 22,800 | पिछले मार्गदर्शन के उच्चतम स्तर से भी 800 करोड़ रुपए अधिक, निम्न कारणों से:
(1) अनुमान से अधिक वृद्धि (गैर-एनक्यूएक्सटी)- लगभग 500 करोड़ रुपए (2) एक तिमाही, जिसमें वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के एनक्यूएक्सटी कार्गो को शामिल किया गया है- लगभग 300 करोड़ रुपए |
| पूँजीगत व्यय | 11,000 – 12,000 | 11,000 – 12,000 | |
| शुद्ध ऋण से एबिट्डा अनुपात | नीति 2.5 गुना तक | नीति 2.5 गुना तक | वास्तविक- 1.9 गुना; प्रोफार्मा- 1.8 गुना |
| पोर्ट कार्गो मात्रा | 505-515 मिमी | 505-515 मिमी | मार्गदर्शन में वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के एनक्यूएक्सटी कार्गो शामिल हैं |
| ट्रकिंग मात्रा | 3 गुना – 4 गुना | 3 गुना – 4 गुना | |
| मरीन राजस्व | 2 गुना | 2.3 गुना |
प्रदर्शन स्थिति
अश्वनी गुप्ता, पूर्णकालिक निदेशक एवं सीईओ ने कहा, "भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी के तौर पर एपीएसईज़ेड ने एक बार फिर मज़बूत और संतुलित प्रदर्शन किया है। हमारे चारों व्यावसायिक स्तंभों में बनी निरंतर गति और एनक्यूएक्सटी के कंसोलिडेशन के चलते हम वित्त वर्ष 26 के लिए एबिट्डा मार्गदर्शन के ऊपरी स्तर को 800 करोड़ रुपए तक बढ़ाने में सक्षम हुए हैं। एनक्यूएक्सटी के अधिग्रहण के बाद भी हमारा लीवरेज जस का तस बना हुआ है, जो हमारे मज़बूत बैलेंस शीट और पूँजी आवंटन के प्रति अनुशासित दृष्टिकोण को दर्शाता है। हमारी वित्तीय और परिचालन स्थिरता को कई क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड्स से और मजबूती मिली है। इसमें जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी से मिला 'ए–/स्थिर' रेटिंग विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जो भारत की संप्रभु रेटिंग से एक पायदान ऊपर है और हमारे गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स तथा वित्तीय समझदारी की स्पष्ट पुष्टि करता है। वित्त वर्ष 24 के अंत में हमने वित्त वर्ष 29 तक अपने राजस्व और एबिट्डा को दोगुना कर क्रमशः 65,500 करोड़ रुपए और 36,500 करोड़ रुपए तक पहुँचाने का स्पष्ट लक्ष्य रखा था। क्षमता विस्तार, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और बेहतर कस्टमर एक्सपीरियंस पर हमारा लगातार फोकस हमें इन लक्ष्यों को हासिल करने की मज़बूत स्थिति में रखता है।"
उन्होंने कहा, "सतत विकास हमारी विकास रणनीति का अहम् हिस्सा बना हुआ है। हमें इस बात पर गर्व है कि हम अपने सेक्टर की भारत की पहली और दुनिया की चुनिंदा कंपनियों में शामिल हैं, जिन्होंने प्रकृति से जुड़े वित्तीय खुलासों के लिए गठित टास्कफोर्स (टास्कफोर्स ऑन नेचर-रिलेटेड फाइनेंशियल डिस्क्लोज़र्स) को अपनाया है, जिससे प्रकृति के अनुकूल अवसंरचना विकास में एक नया बेंचमार्क स्थापित हुआ है।"
ग्लोबल लीडरशिप: एपीएसईज़ेड 653 एमटीपीए क्षमता के साथ एक ग्लोबल इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल वैल्यू चेन एनेबलर के रूप में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए हुए है। विझिंजम फेज़-2, धामरा में दो नए बर्थ, मुंद्रा लिक्विड और कंटेनर टर्मिनल, सीडब्ल्यूआईटी फेज़-2, हल्दिया टर्मिनल, दीनदयाल पोर्ट (कांडला) का बर्थ नंबर 13, एन्नोर और कट्टुपल्ली विस्तार जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए कंपनी वर्ष 2030 तक 1 अरब टन थ्रूपुट के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रही है। वर्ल्ड बैंक के कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स 20241 में मुंद्रा पोर्ट को दुनिया के टॉप 25 पोर्ट्स में जगह मिली, जबकि डीएनवी-मेनन इकोनॉमिक्स रिपोर्ट में इसे टॉप 20 कंटेनर पोर्ट्स में शामिल किया गया
ऑपरेशनल एक्सीलेंस: मुंद्रा पोर्ट देश का पहला और दुनिया के चुनिंदा पोर्ट्स में शामिल हो गया है, जहाँ पूरी तरह लदे हुए वेरी लार्ज क्रूड कैरियर (वीएलसीसी) ने सीधे जेट्टी पर बर्थिंग की। इससे परिवहन लागत में उल्लेखनीय कमी आई
लॉजिस्टिक्स एक्सीलरेशन: हाल ही में शुरू की गई एसेट-लाइट ट्रकिंग और इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क सर्विस के चलते लॉजिस्टिक्स बिज़नेस में तेज़ी आई। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में इन सर्विसेस की हिस्सेदारी, लॉजिस्टिक्स राजस्व का 52% रही, जबकि वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में यह 17% थी
रिकॉर्ड परफॉर्मेंस: एपीएसईज़ेड के नए ग्रीनफील्ड पोर्ट विझिंजम ने पहले ही साल में 13 लाख टीईयू हैंडल कर भारतीय समुद्री क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बनाया। यह 10 लाख टीईयू का आँकड़ा पार करने वाला देश का सबसे तेज़ पोर्ट बन गया। इसके अलावा पोर्ट पर 41 अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स (यूएलसीवी) का संचालन हुआ, जो किसी भी भारतीय पोर्ट के लिए सबसे अधिक है
इंटरनेशनल एक्सपैंशन: एपीएसईज़ेड ने ऑस्ट्रेलिया की एनक्यूएक्सटी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। 50 एमटीपीए क्षमता वाला यह कैश जनरेटिंग एसेट ईस्ट-वेस्ट ट्रेड कॉरिडोर पर कंपनी की इंटरनेशनल मौजूदगी को और मजबूत करता है
मरीन फ्लीट विस्तार: कंपनी की मरीन फ्लीट अब 129 वेसल्स के साथ अब तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुँच गई है
सस्टेनेबिलिटी लीडरशिप: एपीएसईज़ेड प्रकृति से जुड़े वित्तीय खुलासों के लिए गठित टास्कफोर्स (टीएनएफडी) को अपनाने वाली भारत की पहली और दुनिया की चुनिंदा इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी कंपनियों में शामिल है। एसएंडपी ग्लोबल सीएसए2 2025 में कंपनी को 100 में से 66 अंक मिले, जिससे वह वैश्विक स्तर पर टॉप 95वें परसेंटाइल में रही। इसके अलावा 12 पोर्ट्स को ज़ीरो वेस्ट टू लैंडफिल सर्टिफिकेशन मिला। एमएससीआई ने मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस और सस्टेनेबिलिटी प्रैक्टिसेस के आधार पर एपीएसईज़ेड की ईएसजी रेटिंग 'सीसीसी' से बढ़ाकर 'बी' कर दी।
बैलेंस शीट की मजबूती: जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (जेसीआर) ने एपीएसईज़ेड को विदेशी और घरेलू मुद्रा में 'ए–/स्थिर' लॉन्ग-टर्म इश्यूअर क्रेडिट रेटिंग दी है, जो भारत की संप्रभु रेटिंग से एक पायदान ऊपर है। मूडीज़ ने आउटलुक 'नकारात्मक' से बदलकर 'स्थिर' किया और 'बीएए3' रेटिंग की पुष्टि की। यह मजबूत बाज़ार स्थिति, सुदृढ़ वित्तीय स्थिति, विकास से जुड़ी कई पहलें और कारोबार की स्थिरता को दर्शाता है।
बिज़नेस ट्रांसफॉर्मेशन एनालिसिस
लॉजिस्टिक्स बिज़नेस: वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में लॉजिस्टिक्स बिज़नेस ने 62% सालाना वृद्धि के साथ प्रभावशाली राजस्व दर्ज किया (नौ महीनों में 81% सालाना बढ़त), जो एपीएसईज़ेड की रणनीतिक रूप से इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी कंपनी बनने की दिशा को मजबूत करता है। कंपनी का लॉजिस्टिक्स बिज़नेस एसेट-लाइट सर्विसेस (ट्रकिंग और इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क) और देशभर में फैली भौतिक संपत्तियों की मजबूत नेटवर्क (एमएमएलपी, वेयरहाउस, कंटेनर और बल्क रेक, एग्री-साइलो) के अनोखे संयोजन पर चलता है।
मरीन ऑपरेशंस: वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में मरीन ऑपरेशंस ने 91% सालाना वृद्धि हासिल की (नौ महीनों में 150% सालाना बढ़त)। मध्य पूर्व, अफ्रीका और साउथ एशिया (एमईएएसए) के पानी में ऑफशोर सपोर्ट वेसल्स की खरीद और टियर-1 ग्राहकों के साथ टेक-ऑर-पे कॉन्ट्रैक्ट्स के कारण मरीन ऑपरेशंस उच्च राजस्व दृश्यता और पूँजी दक्षता प्रदान करते हैं। तीसरी तिमाही तक, एपीएसईज़ेड की मरीन फ्लीट अब तक के सबसे उच्च स्तर 129 वेसल्स पर पहुँच गई है।
इंटरनेशनल पोर्ट्स: इंटरनेशनल पोर्ट्स ने वित्त वर्ष 26 के नौ महीनों में सबसे उच्च राजस्व 3,117 करोड़ रुपए दर्ज किया (+26% सालाना)। इसका कारण कोलंबो में वृद्धि और ऑस्ट्रेलिया, हाइफा और तंज़ानिया में स्थिर संचालन रहा। एनक्यूएक्सटी का कंसोलिडेशन इंटरनेशनल पोर्ट्स के राजस्व वृद्धि की गति को और तेज़ करेगा।
डोमेस्टिक पोर्ट्स: वित्त वर्ष 26 के नौ महीनों में डोमेस्टिक पोर्ट्स का राजस्व 15% बढ़ा। इसका मुख्य कारण लगातार बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि रही (वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में अखिल भारतीय कार्गो बाजार हिस्सेदारी 27.4% बनाम 27.2% वित्त वर्ष 25) और कंटेनर कार्गो में मजबूत बढ़ोतरी (+11% वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में, कंटेनर बाजार हिस्सेदारी 45.6% बनाम 45.2% वित्त वर्ष 25)। साथ ही, एबिट्डा मार्जिन स्थिर रहा (73.7% बनाम 72.8%), जो कारोबार की मजबूत स्थिरता को दर्शाता है।
1.स्रोत: कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स 2020 से 2024: रुझान और सीखें, वर्ल्ड बैंक ग्रुप और एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस द्वारा प्रकाशित
कॉर्पोरेट सततता मूल्यांकन स्कोर, 2 फरवरी, 2026 तक
वित्तीय स्थिति
रणनीतिक विकास
1.पोर्ट क्षमता विस्तार
2. मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स विस्तार
3. मरीन फ्लीट विकास
रिकॉर्ड संचालन प्रदर्शन
ईएसजी उत्कृष्टता
1.पर्यावरण संरक्षण
2.ईएसजी रेटिंग्स
1. एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सततता मूल्यांकन (सीएसए) का स्कोर 2 फरवरी, 2026 तक।
पुरस्कार और सम्मान
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