20% सालाना बढ़कर 5,786 करोड़ रुपए पहुंचा
वित्त वर्ष 26 के एबिट्डा अनुमान में 800 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी का अनुमान
- वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में राजस्व 9,705 करोड़ रुपए रहा, जो सालाना आधार पर 22% अधिक है
- एसेट-लाइट सर्विसेस के चलते लॉजिस्टिक्स सेगमेंट का राजस्व 1,121 करोड़ रुपए रहा, जिसमें 62% सालाना बढ़ोतरी दर्ज की
गई। इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क सर्विस का एबिट्डा 770 बेसिस पॉइंट बढ़ा
- लगातार हो रहे वेसल अधिग्रहण से मरीन बिज़नेस का तीसरी तिमाही का राजस्व 773 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल से 91%
अधिक है। एबिट्डा 428 करोड़ रुपए रहा, जिसमें 135% की सालाना बढ़ोतरी हुई
- इंटरनेशनल पोर्ट्स से तिमाही राजस्व पहली बार 1,000 करोड़ रुपए के पार पहुँचा। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में यह
1,067 करोड़ रुपए रहा, जो सालाना आधार पर 20% अधिक है, जबकि एबिट्डा दोगुना हुआ
- वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में ऑल-इंडिया कंटेनर मार्केट में हिस्सेदारी 45.8% रही। डोमेस्टिक पोर्ट्स का राजस्व
15% बढ़ा और एबिट्डा अब तक के सबसे उच्च स्तर 4,877 करोड़ रुपए पर पहुँचा
- ऑस्ट्रेलिया की एनक्यूएक्सटी के अधिग्रहण को पूरा किया गया। कंपनी वर्ष 2030 तक 1 अरब टन कार्गो हैंडल करने के
लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रही है
- जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (जेसीआर) ने 'ए–' रेटिंग के साथ स्थिर आउटलुक दिया, जो भारत की संप्रभु रेटिंग से एक
पायदान ऊपर है। मूडीज़ ने आउटलुक 'नकारात्मक' से बदलकर 'स्थिर' किया और 'बीएए3' रेटिंग की पुष्टि की
- एपीएसईज़ेड टीएनएफडी फ्रेमवर्क अपनाने वाली भारत की पहली और चुनिंदा वैश्विक इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी
कंपनियों में शामिल हुई, जिससे सस्टेनेबिलिटी में उसका नेतृत्व और मजबूत हुआ
अहमदाबाद, 3 फरवरी, 2026: भारत की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड
स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईज़ेड) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के नतीजे जारी किए हैं।
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही और वित्त वर्ष 26 के नौवें माह के प्रमुख वित्तीय आँकड़ें (समेकित)
| विवरण (करोड़ रुपए) |
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही |
वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही |
सालाना |
वित्त वर्ष 26 के 9 माह |
वित्त वर्ष 25 के 9 माह |
सालाना |
| राजस्व |
9,705 |
7,964 |
22% |
27,998 |
22,590 |
24% |
| एबिट्डा |
5,786 |
4,802 |
20% |
16,832 |
14,019 |
20% |
| पीएटी |
3,043 |
2,518 |
21% |
9,474 |
8,038 |
18% |
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही और वित्त वर्ष 2026 के नौवें माह का परिचालन प्रदर्शन
| विवरण |
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही |
वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही |
सालाना |
वित्त वर्ष 26 के 9 माह |
वित्त वर्ष 25 के 9 माह |
सालाना |
| कार्गो (एमएमटी) |
123 |
112 |
9% |
367 |
332 |
11% |
| अखिल भारतीय बाजार हिस्सेदारी |
26.4% |
27.0% |
-60 बीपीएस |
27.4% |
27.2% |
+20 बीपीएस |
| अखिल भारतीय कंटेनर बाजार हिस्सेदारी |
45.8% |
45.4% |
+40 बीपीएस |
45.6% |
45.2% |
+40 बीपीएस |
| रेल वॉल्यूम (टीईयू) |
170,466 |
164,601 |
4% |
528,872 |
475,821 |
11% |
| जीपीडब्ल्यूआईएस (एमएमटी) |
5.2 |
5.5 |
-6% |
16.1 |
16.2 |
-21 बीपीएस |
व्यावसायिक खंड प्रदर्शन प्रक्षेपवक्र
| राजस्व (करोड़ रुपए) |
वित्त वर्ष 23 की तीसरी तिमाही |
वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही |
वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही |
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही |
| डोमेस्टिक पोर्ट्स |
3,784 |
5,371 |
5,826 |
6,701 |
| इंटरनेशनल पोर्ट्स |
167 |
812 |
885 |
1,067 |
| लॉजिस्टिक्स |
490 |
529 |
693 |
1,121 |
| मरीन |
152 |
163 |
406 |
773 |
| अन्य |
193 |
45 |
154 |
43 |
| कुल |
4,786 |
6,920 |
7,964 |
9,705 |
| एबिट्डा (करोड़ रुपए) |
वित्त वर्ष 23 की तीसरी तिमाही |
वित्त वर्ष 24 की तीसरी तिमाही |
वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही |
वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही |
| डोमेस्टिक पोर्ट्स |
2,661 |
3,843 |
4,256 |
4,877 |
| इंटरनेशनल पोर्ट्स |
20 |
80 |
116 |
236 |
| लॉजिस्टिक्स |
142 |
146 |
161 |
203 |
| मरीन |
76 |
101 |
182 |
428 |
| अन्य |
112 |
16 |
87 |
43 |
| कुल |
3,011 |
4,186 |
4,802 |
5,786 |
वित्त वर्ष 26 का मार्गदर्शन अपडेट
| करोड़ रुपए |
पिछला मार्गदर्शन |
संशोधित मार्गदर्शन |
टिप्पणियाँ |
| राजस्व |
36,000 – 38,000 |
38,000 |
उच्च वृद्धि + वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के एनक्यूएक्सटी कार्गो का समेकन |
| एबिट्डा |
21,000 – 22,000 |
22,800 |
पिछले मार्गदर्शन के उच्चतम स्तर से भी 800 करोड़ रुपए अधिक, निम्न कारणों से:
(1) अनुमान से अधिक वृद्धि (गैर-एनक्यूएक्सटी)- लगभग 500 करोड़ रुपए
(2) एक तिमाही, जिसमें वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के एनक्यूएक्सटी कार्गो को शामिल किया गया है- लगभग
300 करोड़ रुपए
|
| पूँजीगत व्यय |
11,000 – 12,000 |
11,000 – 12,000 |
|
| शुद्ध ऋण से एबिट्डा अनुपात |
नीति 2.5 गुना तक |
नीति 2.5 गुना तक |
वास्तविक- 1.9 गुना; प्रोफार्मा- 1.8 गुना |
| पोर्ट कार्गो मात्रा |
505-515 मिमी |
505-515 मिमी |
मार्गदर्शन में वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के एनक्यूएक्सटी कार्गो शामिल हैं |
| ट्रकिंग मात्रा |
3 गुना – 4 गुना |
3 गुना – 4 गुना |
|
| मरीन राजस्व |
2 गुना |
2.3 गुना |
|
प्रदर्शन स्थिति
अश्वनी गुप्ता, पूर्णकालिक निदेशक एवं सीईओ ने कहा, "भारत की सबसे बड़ी और दुनिया की सबसे तेज़ी से
बढ़ती इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी के तौर पर एपीएसईज़ेड ने एक बार फिर मज़बूत और संतुलित प्रदर्शन किया है।
हमारे चारों व्यावसायिक स्तंभों में बनी निरंतर गति और एनक्यूएक्सटी के कंसोलिडेशन के चलते हम वित्त वर्ष 26 के लिए
एबिट्डा मार्गदर्शन के ऊपरी स्तर को 800 करोड़ रुपए तक बढ़ाने में सक्षम हुए हैं। एनक्यूएक्सटी के अधिग्रहण के बाद
भी हमारा लीवरेज जस का तस बना हुआ है, जो हमारे मज़बूत बैलेंस शीट और पूँजी आवंटन के प्रति अनुशासित दृष्टिकोण को
दर्शाता है। हमारी वित्तीय और परिचालन स्थिरता को कई क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड्स से और मजबूती मिली है। इसमें जापान
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी से मिला 'ए–/स्थिर' रेटिंग विशेष रूप से उल्लेखनीय है, जो भारत की संप्रभु रेटिंग से एक
पायदान ऊपर है और हमारे गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स तथा वित्तीय समझदारी की स्पष्ट पुष्टि करता है। वित्त वर्ष 24 के अंत
में हमने वित्त वर्ष 29 तक अपने राजस्व और एबिट्डा को दोगुना कर क्रमशः 65,500 करोड़ रुपए और 36,500 करोड़ रुपए तक
पहुँचाने का स्पष्ट लक्ष्य रखा था। क्षमता विस्तार, ऑपरेशनल एक्सीलेंस और बेहतर कस्टमर एक्सपीरियंस पर हमारा लगातार
फोकस हमें इन लक्ष्यों को हासिल करने की मज़बूत स्थिति में रखता है।"
उन्होंने कहा, "सतत विकास हमारी विकास रणनीति का अहम् हिस्सा बना हुआ है। हमें इस बात पर गर्व है कि हम अपने सेक्टर
की भारत की पहली और दुनिया की चुनिंदा कंपनियों में शामिल हैं, जिन्होंने प्रकृति से जुड़े वित्तीय खुलासों के लिए
गठित टास्कफोर्स (टास्कफोर्स ऑन नेचर-रिलेटेड फाइनेंशियल डिस्क्लोज़र्स) को अपनाया है, जिससे प्रकृति के अनुकूल
अवसंरचना विकास में एक नया बेंचमार्क स्थापित हुआ है।"
ग्लोबल लीडरशिप: एपीएसईज़ेड 653 एमटीपीए क्षमता के साथ एक ग्लोबल इंटीग्रेटेड मल्टी-मोडल वैल्यू चेन
एनेबलर के रूप में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए हुए है। विझिंजम फेज़-2, धामरा में दो नए बर्थ, मुंद्रा लिक्विड और कंटेनर
टर्मिनल, सीडब्ल्यूआईटी फेज़-2, हल्दिया टर्मिनल, दीनदयाल पोर्ट (कांडला) का बर्थ नंबर 13, एन्नोर और कट्टुपल्ली विस्तार
जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए कंपनी वर्ष 2030 तक 1 अरब टन थ्रूपुट के लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रही है। वर्ल्ड बैंक के
कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स 20241 में मुंद्रा पोर्ट को दुनिया के टॉप 25 पोर्ट्स में जगह मिली, जबकि
डीएनवी-मेनन इकोनॉमिक्स रिपोर्ट में इसे टॉप 20 कंटेनर पोर्ट्स में शामिल किया गया
ऑपरेशनल एक्सीलेंस: मुंद्रा पोर्ट देश का पहला और दुनिया के चुनिंदा पोर्ट्स में शामिल हो गया है, जहाँ
पूरी तरह लदे हुए वेरी लार्ज क्रूड कैरियर (वीएलसीसी) ने सीधे जेट्टी पर बर्थिंग की। इससे परिवहन लागत में उल्लेखनीय कमी
आई
लॉजिस्टिक्स एक्सीलरेशन: हाल ही में शुरू की गई एसेट-लाइट ट्रकिंग और इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क सर्विस के
चलते लॉजिस्टिक्स बिज़नेस में तेज़ी आई। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में इन सर्विसेस की हिस्सेदारी, लॉजिस्टिक्स
राजस्व का 52% रही, जबकि वित्त वर्ष 25 की तीसरी तिमाही में यह 17% थी
रिकॉर्ड परफॉर्मेंस: एपीएसईज़ेड के नए ग्रीनफील्ड पोर्ट विझिंजम ने पहले ही साल में 13 लाख टीईयू हैंडल
कर भारतीय समुद्री क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बनाया। यह 10 लाख टीईयू का आँकड़ा पार करने वाला देश का सबसे तेज़ पोर्ट बन
गया। इसके अलावा पोर्ट पर 41 अल्ट्रा लार्ज कंटेनर वेसल्स (यूएलसीवी) का संचालन हुआ, जो किसी भी भारतीय पोर्ट के लिए
सबसे अधिक है
इंटरनेशनल एक्सपैंशन: एपीएसईज़ेड ने ऑस्ट्रेलिया की एनक्यूएक्सटी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। 50
एमटीपीए क्षमता वाला यह कैश जनरेटिंग एसेट ईस्ट-वेस्ट ट्रेड कॉरिडोर पर कंपनी की इंटरनेशनल मौजूदगी को और मजबूत करता है
मरीन फ्लीट विस्तार: कंपनी की मरीन फ्लीट अब 129 वेसल्स के साथ अब तक के सबसे उच्च स्तर पर पहुँच गई है
सस्टेनेबिलिटी लीडरशिप: एपीएसईज़ेड प्रकृति से जुड़े वित्तीय खुलासों के लिए गठित टास्कफोर्स (टीएनएफडी)
को अपनाने वाली भारत की पहली और दुनिया की चुनिंदा इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी कंपनियों में शामिल है। एसएंडपी
ग्लोबल सीएसए2 2025 में कंपनी को 100 में से 66 अंक मिले, जिससे वह वैश्विक स्तर पर टॉप 95वें परसेंटाइल में
रही। इसके अलावा 12 पोर्ट्स को ज़ीरो वेस्ट टू लैंडफिल सर्टिफिकेशन मिला। एमएससीआई ने मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस और
सस्टेनेबिलिटी प्रैक्टिसेस के आधार पर एपीएसईज़ेड की ईएसजी रेटिंग 'सीसीसी' से बढ़ाकर 'बी' कर दी।
बैलेंस शीट की मजबूती: जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (जेसीआर) ने एपीएसईज़ेड को विदेशी और घरेलू मुद्रा
में 'ए–/स्थिर' लॉन्ग-टर्म इश्यूअर क्रेडिट रेटिंग दी है, जो भारत की संप्रभु रेटिंग से एक पायदान ऊपर है। मूडीज़
ने आउटलुक 'नकारात्मक' से बदलकर 'स्थिर' किया और 'बीएए3' रेटिंग की पुष्टि की। यह मजबूत बाज़ार स्थिति, सुदृढ़ वित्तीय
स्थिति, विकास से जुड़ी कई पहलें और कारोबार की स्थिरता को दर्शाता है।
बिज़नेस ट्रांसफॉर्मेशन एनालिसिस
लॉजिस्टिक्स बिज़नेस: वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में लॉजिस्टिक्स बिज़नेस ने 62% सालाना वृद्धि के
साथ प्रभावशाली राजस्व दर्ज किया (नौ महीनों में 81% सालाना बढ़त), जो एपीएसईज़ेड की रणनीतिक रूप से इंटीग्रेटेड
ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी कंपनी बनने की दिशा को मजबूत करता है। कंपनी का लॉजिस्टिक्स बिज़नेस एसेट-लाइट सर्विसेस (ट्रकिंग
और इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क) और देशभर में फैली भौतिक संपत्तियों की मजबूत नेटवर्क (एमएमएलपी, वेयरहाउस, कंटेनर और बल्क
रेक, एग्री-साइलो) के अनोखे संयोजन पर चलता है।
मरीन ऑपरेशंस: वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में मरीन ऑपरेशंस ने 91% सालाना वृद्धि हासिल की (नौ
महीनों में 150% सालाना बढ़त)। मध्य पूर्व, अफ्रीका और साउथ एशिया (एमईएएसए) के पानी में ऑफशोर सपोर्ट वेसल्स की खरीद और
टियर-1 ग्राहकों के साथ टेक-ऑर-पे कॉन्ट्रैक्ट्स के कारण मरीन ऑपरेशंस उच्च राजस्व दृश्यता और पूँजी दक्षता प्रदान करते
हैं। तीसरी तिमाही तक, एपीएसईज़ेड की मरीन फ्लीट अब तक के सबसे उच्च स्तर 129 वेसल्स पर पहुँच गई है।
इंटरनेशनल पोर्ट्स: इंटरनेशनल पोर्ट्स ने वित्त वर्ष 26 के नौ महीनों में सबसे उच्च राजस्व 3,117 करोड़
रुपए दर्ज किया (+26% सालाना)। इसका कारण कोलंबो में वृद्धि और ऑस्ट्रेलिया, हाइफा और तंज़ानिया में स्थिर संचालन रहा।
एनक्यूएक्सटी का कंसोलिडेशन इंटरनेशनल पोर्ट्स के राजस्व वृद्धि की गति को और तेज़ करेगा।
डोमेस्टिक पोर्ट्स: वित्त वर्ष 26 के नौ महीनों में डोमेस्टिक पोर्ट्स का राजस्व 15% बढ़ा। इसका मुख्य
कारण लगातार बाजार हिस्सेदारी में वृद्धि रही (वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में अखिल भारतीय कार्गो बाजार हिस्सेदारी
27.4% बनाम 27.2% वित्त वर्ष 25) और कंटेनर कार्गो में मजबूत बढ़ोतरी (+11% वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में, कंटेनर
बाजार हिस्सेदारी 45.6% बनाम 45.2% वित्त वर्ष 25)। साथ ही, एबिट्डा मार्जिन स्थिर रहा (73.7% बनाम 72.8%), जो कारोबार
की मजबूत स्थिरता को दर्शाता है।
1.स्रोत: कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स 2020 से 2024: रुझान और सीखें, वर्ल्ड बैंक ग्रुप और एसएंडपी ग्लोबल मार्केट
इंटेलिजेंस द्वारा प्रकाशित
कॉर्पोरेट सततता मूल्यांकन स्कोर, 2 फरवरी, 2026 तक
वित्तीय स्थिति
- ऋण प्रबंधन: सकल ऋण (एनक्यूएक्सटी शामिल, लेकिन एनक्यूएक्सटी की गैर-मुख्य देनदारियों को छोड़कर-
गैर-मुख्य देनदारियों के निपटान के लिए अंतिम शेयरधारक अनुमोदन 2 फरवरी, 2026 को प्राप्त) 53,097 करोड़ रुपए है। नकद
शेष (एनक्यूएक्सटी सहित) 11,807 करोड़ रुपए है। शुद्ध ऋण / एबिट्डा 1.9 गुना है (टीटीएम एनक्यूएक्सटी एबिट्डा के आधार
पर प्रोफार्मा शुद्ध ऋण / एबिट्डा 1.8 गुना)।
- क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड: जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ने एपीएसईज़ेड को विदेशी और घरेलू मुद्रा में
दीर्घकालिक क्रेडिट रेटिंग 'ए–/स्थिर' दी, जो भारत की संप्रभु रेटिंग से एक पायदान ऊपर है। मूडीज़ ने आउटलुक
'नकारात्मक' से बदलकर 'स्थिर' किया और 'बीएए3' रेटिंग की पुष्टि की। आईसीआरए ने 'एएए/स्थिर' की पुष्टि की। फिच
रेटिंग्स ने आउटलुक 'नकारात्मक' से 'स्थिर' किया और रेटिंग 'बीबीबी-' बनाए रखा। एसएंडपी ग्लोबल ने रेटिंग आउटलुक
'नकारात्मक' से 'सकारात्मक' किया और 'बीबीबी-' रेटिंग की पुष्टि की।
- पूँजी अनुकूलन: अगस्त 2025 में बॉन्ड पुनर्खरीद कार्यक्रम पूरा किया, कुल 386.03 मिलियन डॉलर की
पुनर्खरीद (शुरुआती टेंडर तिथि पर 384.38 मिलियन डॉलर और समाप्ति से पहले 1.65 मिलियन डॉलर) की गई। जीवन बीमा निगम
के लिए 15 वर्षों के लिए 5,000 करोड़ रुपए के अनिश्चितकालीन बॉन्ड जारी किए। औसत ऋण परिपक्वता मार्च 31, 2025 को 4.3
वर्ष से बढ़कर सितंबर 30, 2025 को 5.2 वर्ष हुई। 31 दिसंबर, 2026 तक औसत ऋण परिपक्वता 5.6 वर्ष है।
रणनीतिक विकास
1.पोर्ट क्षमता विस्तार
- एपीएसईज़ेड ने एनक्यूएक्सटी ऑस्ट्रेलिया का अधिग्रहण पूरा किया। वर्तमान क्षमता 50 मिलियन टन प्रति वर्ष (एमटीपीए)
वाली एनक्यूएक्सटी एक रणनीतिक उच्च-विकास और नकद सृजन करने वाली संपत्ति है, जो एपीएसईज़ेड के इंटरनेशनल पोर्टफोलियो
को पूर्व-पश्चिम व्यापार कॉरिडोर में बढ़ाएगी।
- विझिंजम पोर्ट में चरण 2 का निर्माण शुरू हुआ, जिसे दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। चरण 2 के निर्माण में
लगभग 16,000 करोड़ रुपए का निवेश अनुमानित है। इससे विझिंजम पोर्ट की क्षमता वर्तमान 1.6 मिलियन टीईयू से बढ़कर 5.7
मिलियन टीईयू हो जाएगी।
- डिगी पोर्ट में मॉटर्सन ग्रुप के साथ साझेदारी की घोषणा की गई, जिसमें ऑटो निर्यात के लिए समर्पित सुविधा स्थापित की
जाएगी। नया रोल ऑन-रोल ऑफ (आरओआरओ) टर्मिनल मुंबई-पुणे ऑटो बेल्ट के निर्यातकों के लिए प्रति वर्ष 2,00,000 कारों को
संभालेगा।
- करैकल पोर्ट में त्वरूर ऑइल्स एंड फैट्स (मुसिम मास समूह की सहायक कंपनी, पाम और खाद्य तेल उत्पादों में वैश्विक
अग्रणी) के साथ टर्मिनलिंग सर्विस समझौता किया गया, जो खाद्य तेल कार्गो को संभालेगा।
- मुंद्रा के साउथ पोर्ट रेल हेड (एसपीआरएच) में दो कंटेनर रेल हैंडलिंग लाइन्स चालू की गईं, जिससे पोर्ट की हैंडलिंग
क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
- भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे विझिंजम पोर्ट में
भारत की पहली शिप-टू-शिप एलएनजी बंकरींग सर्विस शुरू होगी। यह पोर्ट पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर में जहाजों के लिए समर्पित
एलएनजी ईंधन हब के रूप में कार्य करेगा।
- धामरा पोर्ट में नया निर्यात बर्थ खोला गया; दो नए बर्थ का निर्माण शुरू हुआ, जिससे क्षमता 92 मिलियन मीट्रिक टन तक
बढ़ेगी।
- करैकल पोर्ट में अनुमत ड्राफ्ट बढ़ाकर 14.5 मीटर किया गया, जिससे यह दक्षिण भारत के सबसे गहरे ड्राफ्ट वाले पोर्ट्स में
शामिल हो गया। एमवी सकिज़ाया विक्ट्री (सबसे गहरा ड्राफ्ट वाला जहाज करैकल में बर्थ किया गया) को यहाँ बर्थ कराया
गया।
2. मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स विस्तार
- कोच्चि में 70 एकड़, 1.3 मिलियन वर्ग फीट लॉजिस्टिक्स पार्क का शिलान्यास किया गया, जिसमें 600 करोड़ रुपए का निवेश
होगा। यह रणनीतिक रूप से स्थित पार्क 1,500 से अधिक नौकरियाँ उत्पन्न करेगा और ई-कॉमर्स, एफएमसीजी/एफएमसीडी,
फार्मास्यूटिकल और रिटेल क्षेत्रों की सेवाएँ देगा।
- वीरोचननगर (गुजरात), किशनगढ़ (राजस्थान) और मलुर (कर्नाटक) आईसीडी में एक्सिम ऑपरेशन शुरू करने के लिए अनुमति
प्राप्त हुई।
- आईसीडी टुम्ब और आईसीडी पातली के बीच डबल स्टैक कंटेनर रेक मूवमेंट शुरू किया गया।
- आईसीडी वीरोचननगर से सिप्लाई कंपनियों ओशन नेटवर्क एक्सप्रेस (ओएनई) और एमिरेट्स शिपिंग के लिए मुंद्रा पोर्ट तक
ब्लॉक रेक्स को सितंबर 2025 में रवाना किया गया।
- वित्त वर्ष 26 की नौ महीनों में 528,872 टीईयू रेल वॉल्यूम (+11% सालाना) और 16.1 मिलियन मीट्रिक टन जीपीडब्ल्यूआईएस
वॉल्यूम (-21 बेसिस पॉइंट सालाना) संभाला गया।
3. मरीन फ्लीट विकास
- वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में जहाजों की संख्या 129 रही। इस तिमाही में 2 नए जहाज अधिग्रहित किए गए।
- वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में पश्चिम अफ्रीका जलक्षेत्र में 4 प्लेटफॉर्म सप्लाई वेसल्स (पीएसवी) और 1 वर्कबोट
के समूह अधिग्रहण के माध्यम से भौगोलिक उपस्थिति बढ़ाई गई।
- मरीन संचालन के लिए स्ट्रैटेजिक कमांड सेंटर का उद्घाटन किया गया, जो वास्तविक समय में जहाजों की ट्रैकिंग और संचालन
नियंत्रण को बेहतर बनाता है।
- ओशन स्पार्कल ने डिजिटल एकीकरण में महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया, पूरी फ्लीट पेपरलेस संचालन में शामिल हुई; फ्लीट
में क्लाउड-आधारित एकीकृत जहाज प्रबंधन प्रणाली (सीफ्लक्स) लागू की गई।
रिकॉर्ड संचालन प्रदर्शन
- मुंद्रा पोर्ट पहला भारतीय पोर्ट बन गया और दुनिया के चुनिंदा पोर्ट्स में शामिल हो गया, जिसने पूर्ण रूप से भरा हुआ
वरीय बहुत बड़ा क्रूड कैरियर (वीएलसीसी) सीधे जेट्टी पर बर्थ किया। 400 मीटर लंबी जेट्टी, जिसमें दो क्रूड अनलोडिंग
आर्म लगे हैं, 25 मीटर तक के ड्राफ्ट और 3,30,000 डीडब्ल्यूटी क्षमता वाले जहाजों को संभाल सकती है। यह जेट्टी
हिंदुस्तान पेट्रोलियम निगम लिमिटेड (एचपीसीएल) के क्रूड ऑइल टैंक फार्म से जुड़ी है, जो राजस्थान के बाड़मेर
रिफाइनरी से 489 किलोमीटर लंबी क्रूड पाइपलाइन के माध्यम से जुड़ती है। इस प्रत्यक्ष कनेक्शन से क्रूड ऑइल मुंद्रा
पोर्ट से सीधे रिफाइनरी तक भेजा जा सकता है, जिससे लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ेगी और बड़े क्रूड आयात का टर्नअराउंड समय
कम होगा।
- दिसंबर 2025 में, दाहेज पोर्ट ने एक नया रिकॉर्ड बनाया, जब एक ही दिन में 872 ट्रकों के माध्यम से 30,965 मीट्रिक टन
कार्गो भेजा गया। इसके अलावा, पोर्ट ने 55,610 मीट्रिक टन चूना पत्थर लाने वाले जहाज को केवल 1.9 दिनों में अनलोड करके
एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
- ग्लॉटिस शिपिंग ने कट्टुपल्ली पोर्ट को मुख्य एशियाई बाजारों से जोड़ने वाली नई पखवाड़ेवार सेवा शुरू की।
- ओशन स्पार्कल ने वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी को अपनी तीसरी मान्यता प्राप्त मानक टग डिजाइन और विनिर्देश
(एएसटीडीएस) टग सुपुर्द की।
ईएसजी उत्कृष्टता
1.पर्यावरण संरक्षण
- एपीएसईज़ेड ने टीएनएफडी को भागीदार के रूप में पंजीकृत किया और प्रकृति-संबंधित निर्भरता, प्रभाव, जोखिम और अवसरों
को टीएनएफडी सिफारिशों के अनुरूप संबोधित करने का संकल्प लिया। एपीएसईज़ेड भारत की पहली एकीकृत परिवहन सुविधा कंपनी
है, जिसने टीएनएफडी फ्रेमवर्क को अपनाया, जिससे प्रकृति-सकारात्मक आधारभूत संरचना विकास के लिए नया मानक स्थापित
हुआ।
- 12 पोर्ट्स को ज़ीरो वेस्ट टू लैंडफिल प्रमाणित किया गया, जो परिपत्र अर्थव्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाता है।
- वर्ष 2040 तक नेट ज़ीरो लक्ष्य प्राप्त करने का संकल्प लिया।
2.ईएसजी रेटिंग्स
- एपीएसईज़ेड ने ट्रांज़िशन पाथवे इनिशिएटिव (टीपीआई) से उच्चतम 'लेवल 5' प्रबंधन गुणवत्ता रेटिंग प्राप्त की (पूर्व
'लेवल 4' से उन्नत)। टीपीआई ने एपीएसईज़ेड को वैश्विक चार प्रमुख औद्योगिक परिवहन कंपनियों में स्थान दिया। विशेष
रूप से, एपीएसईज़ेड यह विशिष्टता हासिल करने वाला अकेला वैश्विक पोर्ट ऑपरेटर है।
- एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सततता मूल्यांकन (सीएसए) 2025 में 66/100 स्कोर किया, जिससे एपीएसईज़ेड वैश्विक परिवहन और
परिवहन आधारभूत संरचना क्षेत्र में शीर्ष 95वें पर्सेंटाइल1 में आया। एपीएसईज़ेड ने लगातार तीसरे वर्ष
पर्यावरण आयाम में उच्चतम स्कोर बनाए रखा।
- एमएससीआई ने मजबूत कॉर्पोरेट शासन और सततता प्रथाओं के आधार पर एपीएसईज़ेड की ईएसजी रेटिंग 'सीसीसी' से बढ़ाकर 'बी'
कर दी।
- इंस्टीट्यूशनल शेयरहोल्डर सर्विसेस (आईएसएस) ईएसजी रेटिंग में 'प्राइम' स्थिति बनाए रखी।
- क्रिसिल से कुल स्कोर 61 और कोर ईएसजी स्कोर 67 के साथ 'मजबूत' ईएसजी रेटिंग प्राप्त की (मूल्यांकन की गई कंपनियों
में शीर्ष 15% में)। एनएसई सततता रेटिंग्स और एनालिटिक्स ने 66 रेटिंग और 'आकांक्षी' श्रेणी प्रदान की। एसईएस ईएसजी
रिसर्च ने एपीएसईज़ेड को 74.6 (ग्रेड बी+) स्कोर दिया, जो 'मध्यम जोखिम' प्रोफाइल को दर्शाता है। ईएसजी रिस्क
असेसमेंट्स एंड इनसाइट्स लिमिटेड ने एपीएसईज़ेड को 76 स्कोर के साथ 'उत्कृष्ट' श्रेणी में रखा।
- एपीएसईज़ेड को प्रमुख ईएसजी बेंचमार्क सूचकांक में शामिल किया गया, जिनमें बीएसई 100 ईएसजी इंडेक्स, निफ्टी100 ईएसजी
इंडेक्स, निफ्टी100 ईएसजी सेक्टर लीडर्स इंडेक्स और निफ्टी100 एन्हांस्ड ईएसजी इंडेक्स शामिल हैं।
1. एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सततता मूल्यांकन (सीएसए) का स्कोर 2 फरवरी, 2026 तक।
पुरस्कार और सम्मान
- मुंद्रा पोर्ट को डीएनवी-मेंनॉन इकोनॉमिक्स लीडिंग कंटेनर पोर्ट्स रिपोर्ट में विश्व के शीर्ष 20 कंटेनर पोर्ट्स में
शामिल किया गया। भारतीय उपमहाद्वीप में मुंद्रा पोर्ट को प्रथम स्थान दिया गया। वैश्विक स्तर पर, मुंद्रा पोर्ट को
बर्थ उपयोगिता में चौथा, विकास गति में नवाँ और सततता प्रथाओं में शीर्ष 10 में शामिल किया गया।
- विझिंजम पोर्ट को नेशनल प्रोजेक्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया, जो अंतर्राष्ट्रीय परियोजना एवं
कार्यक्रम प्रबंधन संस्थान और प्रोजेक्ट प्रबंधन में उत्कृष्टता केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में
दिया गया।
- धामरा पोर्ट को 39वें राष्ट्रीय गुणवत्ता सम्मेलन (एनसीक्यूसी), 2025 में उच्चतम पीएआर एक्सीलेंस अवॉर्ड और गुणवत्ता
एवं संचालन उत्कृष्टता के लिए 2 सर्वश्रेष्ठ मॉडल ट्रॉफी प्रदान की गई।
- मुंद्रा पोर्ट को स्वच्छ औद्योगिक पार्क अवॉर्ड 2025 एफआईसीसीआई द्वारा प्रदान किया गया।
- कट्टुपल्ली पोर्ट को लेजेंड (एमर्जिंग) अवॉर्ड 19वें एक्सीड एन्वायर्नमेंट अवॉर्ड्स 2025 में मिला।
- ओशन स्पार्कल लिमिटेड को समुद्र मंथन अवॉर्ड सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण (एसएचई) उत्कृष्टता के लिए प्रदान किया गया।