अदाणी ग्रुप करेगा स्वदेशी एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में 100 अरब डॉलर का निवेश

यह प्रत्यक्ष निवेश दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा-कम्प्यूट पहलों में से एक है। इसके जरिए अगले दशक में 150 अरब डॉलर का अतिरिक्त इंटेलिजेंस इकोसिस्टम विकसित होने की उम्मीद है और एआई युग के लिए भारत की ऊर्जा-कम्प्यूट रीढ़ मजबूत होगी

सम्पादक का सारांश:

  • वर्ष 2035 तक ग्रीन एनर्जी से संचालित एआई-रेडी डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने के लिए 100 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष निवेश
  • वर्ष 2035 तक विनिर्माण, सर्वर निर्माण और स्वदेशी क्लाउड सेवाओं में अतिरिक्त 150 अरब डॉलर निवेश को बढ़ावा मिलने की संभावना
  • अदाणीकोनेक्स के 2 गीगावॉट राष्ट्रीय डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म और गूगल के साथ रणनीतिक साझेदारी पर आधारित विस्तार
  • फ्लिपकार्ट के साथ विस्तारित साझेदारी, जिसके तहत दूसरा हाई-परफॉर्मेंस एआई डेटा सेंटर विकसित किया जाएगा
  • नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रिड की मजबूती और हाइपरस्केल एआई कम्प्यूट को जोड़ने वाला एकीकृत मॉडल
  • भारतीय एआई स्टार्टअप, शोध संस्थानों और डीप-टेक नवाचार को समर्थन देने के लिए समर्पित हाई-डेंसिटी कम्प्यूट क्षमता
  • भारत में विशेष एआई इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग क्षमता विकसित करने के लिए टैलेंट पहलें

अहमदाबाद, 17 फरवरी, 2026: अदाणी ग्रुप ने आज दुनिया की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा-कम्प्यूट पहलों में से एक की घोषणा की। ग्रुप 2035 तक नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित, हाइपरस्केल और एआई-रेडी डेटा सेंटर विकसित करने के लिए 100 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष निवेश करेगा। यह पहल एक दीर्घकालिक स्वदेशी ऊर्जा और कम्प्यूट प्लेटफॉर्म तैयार करेगी, जिसका उद्देश्य उभरती इंटेलिजेंस क्राँति में भारत को वैश्विक नेतृत्व की स्थिति में पहुँचाना है।

अनुमान है कि वर्ष 2035 तक यह निवेश सर्वर निर्माण, उन्नत विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वदेशी क्लाउड प्लेटफॉर्म और सहायक उद्योगों में अतिरिक्त 150 अरब डॉलर के निवेश को भी बढ़ावा देगा। इस तरह आने वाले दशक में भारत में करीब 250 अरब डॉलर का एआई इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम विकसित होने की संभावना है।

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन श्री गौतम अदाणी ने कहा, "दुनिया एक ऐसी इंटेलिजेंस क्राँति के दौर में प्रवेश कर रही है, जो किसी भी पिछली औद्योगिक क्राँति से कहीं ज्यादा गहरी है। आने वाले दशक को वही देश दिशा देंगे, जो ऊर्जा और कम्प्यूट के बीच सही संतुलन बना पाएँगे। भारत इस मामले में खास स्थिति में है और नेतृत्व करने में सक्षम है। अदाणी में हम अपने डेटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी के मजबूत आधार पर आगे बढ़ते हुए भारत की तकनीकी संप्रभुता पर केंद्रित एआई के पूरे पाँच-स्तरीय स्टैक को विकसित कर रहे हैं। एआई के युग में भारत सिर्फ उपभोक्ता बनकर नहीं रहेगा। हम इसके निर्माता, विकासकर्ता और वैश्विक स्तर पर समाधान देने वाले देश बनेंगे और हमें इस भविष्य का हिस्सा बनने पर गर्व है।"

यह रोडमैप अदाणीकॉनेक्स के मौजूदा 2 गीगावॉट राष्ट्रीय डेटा सेंटर नेटवर्क पर आधारित है, जिसे बढ़ाकर 5 गीगावॉट तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इससे भारत वैश्विक एआई अर्थव्यवस्था के केंद्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकेगा। इस दृष्टि को आगे बढ़ाने के लिए विशाखापत्तनम में देश के सबसे बड़े गीगावॉट-स्तरीय एआई डेटा सेंटर कैंपस की स्थापना के लिए गूगल के साथ अहम साझेदारी की गई है। इसके अलावा, नोएडा में अतिरिक्त कैंपस और हैदराबाद व पुणे में माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर भी परियोजनाएँ विकसित की जा रही हैं। अदाणी ग्रुप अन्य बड़े ग्लोबल लीडर्स के साथ भी चर्चा में है, जो भारत में बड़े पैमाने पर कैंपस स्थापित करना चाहते हैं। इससे देश में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रमुख भागीदार के रूप में ग्रुप की स्थिति और मजबूत होगी।

इसी विज़न के तहत ग्रुप फ्लिपकार्ट के साथ अपनी डेटा सेंटर साझेदारी को और भी मजबूत करेगा। इस सहयोग के अंतर्गत एक दूसरा एआई डेटा सेंटर विकसित किया जाएगा, जिसे खास तौर पर फ्लिपकार्ट के अगली पीढ़ी के डिजिटल कॉमर्स, हाई-परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग और बड़े पैमाने पर एआई वर्कलोड को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।

दुनिया का सबसे बड़ा एकीकृत डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म

5 गीगावॉट की यह योजना दुनिया का सबसे बड़ा एकीकृत डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म तैयार करेगी। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन, ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर और हाइपरस्केल एआई कम्प्यूट क्षमता को एक ही ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में जोड़ा जाएगा। सामान्य डेटा सेंटर विस्तार की तरह यह केवल क्षमता बढ़ाने की योजना नहीं है, बल्कि इसे एक समग्र ऊर्जा और कम्प्यूट इकोसिस्टम के रूप में डिजाइन किया गया है। इसमें बिजली उत्पादन, ग्रिड की मजबूती और उच्च क्षमता वाली प्रोसेसिंग को एक साथ और संतुलित तरीके से विकसित किया जाएगा।

इन सुविधाओं को बड़े और हाई-डेंसिटी कम्प्यूट क्लस्टर तथा अगली पीढ़ी के एआई वर्कलोड को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। इसके लिए उन्नत लिक्विड कूलिंग सिस्टम और ऊर्जा-कुशल पॉवर आर्किटेक्चर का उपयोग किया जाएगा। समर्पित कम्प्यूट क्षमता भारतीय लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (एलएलएम) और राष्ट्रीय डेटा पहलों को समर्थन देगी, जिससे लंबे समय तक डेटा संप्रभुता सुनिश्चित की जा सके। मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क और आधुनिक ग्रिड सिस्टम इस पूरे प्लेटफॉर्म की नींव होंगे, जो स्थिरता, विस्तार की क्षमता और लगातार संचालन सुनिश्चित करेंगे।

भारत की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लाभ

जैसे-जैसे वैश्विक स्तर पर एआई वर्कलोड ज्यादा ऊर्जा की माँग कर रहे हैं, अदाणी ग्रुप प्रतिस्पर्धी दरों पर कार्बन-न्यूट्रल बिजली उपलब्ध कराने की मजबूत स्थिति में है। इस रणनीति का प्रमुख आधार अदाणी ग्रीन एनर्जी की 30 गीगावॉट क्षमता वाली खावड़ा परियोजना है, जिसमें से 10 गीगावॉट से अधिक पहले ही चालू हो चुके हैं। इसके अलावा, ग्रुप अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लिए 55 अरब अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसमें दुनिया के सबसे बड़े बैटरी ऊर्जा भंडारण सिस्टम (बीईएसएस) में से एक भी शामिल होगा।

अदाणी के पोर्ट्स नेटवर्क पर स्थित केबल लैंडिंग स्टेशन्स के जरिए रणनीतिक कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाएगी। इससे अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और एशिया के साथ कम विलंबता वाली वैश्विक कनेक्टिविटी संभव होगी।

जोखिम कम करना और आत्मनिर्भर सप्लाई चेन बनाना

वैश्विक सप्लाई चेन में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करने के लिए अदाणी ग्रुप देश के भीतर महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर उपकरणों के निर्माण में भी सह-निवेश करेगा। इसमें उच्च क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर, उन्नत पॉवर इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रिड सिस्टम, इन्वर्टर और इंडस्ट्रियल थर्मल मैनेजमेंट सॉल्यूशंस जैसे अहम् घटक शामिल होंगे।

इस पहल से भारत सिर्फ एक डेटा हब बनकर नहीं रहेगा, बल्कि अगली पीढ़ी की इंटेलिजेंस और कम्प्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माता और निर्यातक देश भी बनेगा।

राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ एकीकरण

अपने मौजूदा एआई आधारित इंडस्ट्री क्लाउड का उपयोग करते हुए, जो वर्तमान में रियल-टाइम में लाखों रिन्यूएबल संपत्तियों का प्रबंधन करता है, अदाणी ग्रुप बड़े पैमाने पर आंतरिक कम्प्यूट क्षमता बढ़ाने के लिए एक डिजिटल ब्लूप्रिंट तैयार कर रहा है। पीएम गति शक्ति कार्यक्रम के अनुरूप, समूह अपने लॉजिस्टिक्स, पोर्ट्स और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में उन्नत एआई तकनीक को शामिल कर रहा है, ताकि संचालन को अत्यधिक कुशल और स्मार्ट बनाया जा सके। यह रणनीतिक एकीकरण न केवल देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाता है, बल्कि डेटा की सुरक्षा और संप्रभुता भी सुनिश्चित करता है। इससे हैवी इंडस्ट्री और इंटेलीजेंट, सिक्योर ऑटोमेशन के बीच की दूरी कम हो रही है।

हाई-परफॉर्मेंस कम्प्यूट को सभी के लिए सुलभ बनाना

भारत की पाँच-स्तरीय एआई संरचना (एप्लिकेशन, मॉडल, चिप्स, एनर्जी और डेटा सेंटर) के अनुरूप, अदाणी ग्रुप पूरे तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर में साझेदारियों के माध्यम से सक्रिय भूमिका निभाएगा। जीपीयू क्षमता का एक बड़ा हिस्सा भारतीय एआई स्टार्टअप्स, रिसर्च इंस्टीट्यूशंस और डीप-टेक उद्यमियों के लिए आरक्षित किया जाएगा। इससे कम्प्यूट संसाधनों की कमी दूर होगी और देश में नवाचार को बढ़ावा देने वाला एक मजबूत घरेलू इकोसिस्टम तैयार होगा।

भारत की प्रतिभा का लाभ उठाना

अदाणी ग्रुप देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर विशेष एआई इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू करेगा। साथ ही, एनर्जी और लॉजिस्टिक्स पर केंद्रित एप्लाइड एआई रिसर्च लैब स्थापित की जाएंगी और स्किल्स की बढ़ती कमी को दूर करने के लिए एक नेशनल फेलोशिप प्रोग्राम भी शुरू किया जाएगा।

यह दीर्घकालिक पहल राष्ट्रीय स्तर पर एनर्जी और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को एकीकृत करने वाले दुनिया के सबसे महत्वाकांक्षी प्लेटफॉर्म्स में से एक होगी। अदाणी ग्रुप वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनियों, संप्रभु संस्थानों और इनोवेशन पार्टनर्स को भारत के अगले दौर के एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म के निर्माण में भागीदारी और सहयोग के लिए आमंत्रित करता है।

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