अहमदाबाद, 15 मार्च, 2026: भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की बिजली उत्पादन कंपनी अदाणी पावर लिमिटेड (एपीएल) ने आज बताया कि उसे महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) से 1,600 मेगावॉट बिजली की आपूर्ति के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) प्राप्त हुआ है। यह बिजली अदाणी पावर के प्रस्तावित अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट्स में से एक से दी जाएगी।
यह एलओए एक कड़ी प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद मिला है, जिसमें अदाणी पॉवर सबसे कम टैरिफ की पेशकश करने वाली कंपनी के रूप में सामने आई। कंपनी ने 5.30 रुपये प्रति यूनिट के संयुक्त टैरिफ पर बिजली आपूर्ति की पेशकश की थी। प्रस्तावित 25 साल पावर सप्लाई एग्रीमेंट (पीएसए) के तहत बिजली आपूर्ति वित्त वर्ष 30-31 से शुरू होने की योजना है।
यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है जब थर्मल पावर सेक्टर में निवेश एक बार फिर तेज़ी से बढ़ रहा है और इस दौरान एपीएल को एक और पीएसए हासिल हुआ है। अदाणी पावर नई बिजली उत्पादन क्षमता उपलब्ध कराने वाली अग्रणी कंपनियों में शामिल हो चुकी है और वर्ष 2032 तक देश में 100 गीगावाट थर्मल पावर क्षमता जोड़ने के लक्ष्य को समर्थन दे रही है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान एपीएल ने कुल 10,400 मेगावाट क्षमता के साथ पांच लंबे समय तक के पीएसए हासिल किए हैं।
अदाणी पावर लिमिटेड के सीईओ एस.बी. ख्यालिया ने कहा, “भारत में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दीर्घकालिक और भरोसेमंद क्षमता बढ़ाना बेहद जरूरी है। एमएसईडीसीएल से मिला यह एलओए अदाणी पावर की प्रतिस्पर्धी लागत संरचना, भरोसेमंद बेसलोड बिजली देने की हमारी क्षमता और भारत की बढ़ती बिजली जरूरतों को दीर्घकालिक साझेदारी के माध्यम से पूरा करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। देश के प्रमुख निजी बिजली उत्पादक के रूप में हम महाराष्ट्र और सम्पूर्ण देश के विकास लक्ष्यों को विश्वसनीय और किफायती बिजली आपूर्ति के साथ समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इस विकास के साथ अदाणी पावर ने अपनी निर्माणाधीन 23.8 गीगावाट क्षमता में से 13.3 गीगावॉट के लिए दीर्घकालिक पीएसए कर लिए हैं, जो कंपनी के लगभग पूरी क्षमता को ऐसे समझौतों के तहत सुरक्षित करने के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम है। वर्तमान में कंपनी की 18.15 गीगावाट चालू उत्पादन क्षमता में से 95 प्रतिशत से अधिक क्षमता मीडियम से लान्ग टर्म पीएसए के तहत सुरक्षित है, जबकि आने वाली 23.8 गीगावाट क्षमता में से 55 प्रतिशत से अधिक 25 साल के पीएसए के तहत तय हो चुकी है, जिससे भविष्य में उत्पादन और राजस्व को लेकर बेहतर स्थिरता और स्पष्टता मिलती है।
एमएसईडीसीएल की इस बोली में पहले से तय कोयला लिंकज शामिल है, जिससे दीर्घकालिक ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित होती है और भरोसेमंद तथा किफायती बिजली आपूर्ति को समर्थन मिलता है।
अदाणी पावर भारत के निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा थर्मल पावर कैपेक्स कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इसके तहत कंपनी अपनी क्षमता को मौजूदा 18.15 गीगावाट से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2031-32 तक 41.87 गीगावाट करने की योजना पर काम कर रही है, जिसमें लगभग 2 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। ये प्रोजेक्ट्स भारत में तेजी से बढ़ती बिजली मांग को ध्यान में रखकर विकसित किए जा रहे हैं, जो आर्थिक विकास, शहरीकरण, औद्योगिक विस्तार और घरों में बढ़ती बिजली पहुँच के कारण लगातार बढ़ रही है। प्रोजेक्ट्स के निर्माण के दौरान हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है और कई उद्योग क्षेत्रों में मांग को बढ़ावा मिलेगा।
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