ग्लोबल एल्युमीनियम सप्लाई चेन में ओडिशा की स्थिति होगी और मजबूत
भुवनेश्वर, 2 जुलाई, 2026: अदाणी समूह की प्रमुख कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) और आईएचसी
ग्रुप की कंपनी 2 पॉइंटज़ीरो के माध्यम से संचालित होने वाले , अबू धाबी स्थित नेचुरल रिसोर्सेज इन्वेस्टमेंट प्लेटफार्म,
इंटरनेशनल रिसोर्सेज होल्डिंग (आईआरएच) ने आज ओडिशा सरकार के साथ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य में एक इंटीग्रेटेड
ग्रीनफील्ड एल्युमीनियम प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
प्रस्तावित प्रोजेक्ट के लिए एईएल और आईएचसी, अपनी सहायक कंपनी आईआरएच के माध्यम से, 50:50 की भागीदारी वाला जॉइंट वेंचर
स्थापित करेंगे।
लगभग ₹1.08 लाख करोड़ (11.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर) के प्रस्तावित निवेश वाला यह प्रोजेक्ट ओडिशा में अब तक का सबसे बड़ा
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रस्ताव तथा इसके भारत के मेटलर्जी क्षेत्र में सबसे बड़ा विदेशी प्रत्यक्ष निवेश बनने
की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रति वर्ष 40 लाख मीट्रिक टन (4 एमएमटीपीए) क्षमता वाली एल्युमिना रिफाइनरी, 20
लाख मीट्रिक टन (2 एमएमटीपीए) क्षमता वाला एल्युमीनियम स्मेल्टर, 4,000 मेगावाट (एमडब्ल्यू) क्षमता का कैप्टिव पावर
प्लांट तथा 10 लाख मीट्रिक टन (1 एमएमटीपीए) क्षमता वाला डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किया जाएगा। इन सभी
को आवश्यक सहायक इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी समर्थन प्राप्त होगा। इस प्रोजेक्ट से निर्माण और संचालन के दौरान लगभग 53,500
रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
एनर्जी, ट्रांसमिशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे क्षेत्रों में पहले से स्थापित साझेदारी के आधार
पर, अदाणी समूह और आईएचसी ने पिछले कुछ वर्षों में अपने रणनीतिक संबंधों को और अधिक मजबूत किया है। इसी
वर्ष, आईएचसी ग्रुप की कंपनी ईपॉइंटज़ीरो ने भारत में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के विकास के लिए अदाणी
ग्रीन एनर्जी के साथ एक जॉइंट वेंचर स्थापित किया था, जिसका उद्देश्य देश के एनर्जी ट्रांजीशन को गति देना
है। आईआरएच के साथ यह नया जॉइंट वेंचर भारत के लिए आईएचसी द्वारा पहले घोषित मल्टी-बिलियन अमेरिकी डॉलर की
निवेश रणनीति में एक और महत्वपूर्ण माइलस्टोन है। यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दीर्घकालिक
निवेश के प्रति समूह की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है, जो औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति को गति देने
में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अब आईआरएच के साथ यह नया जॉइंट वेंचर दोनों समूहों की साझेदारी के अगले चरण का प्रतीक है। यह उन रणनीतिक रूप से
महत्वपूर्ण उद्योगों में दीर्घकालिक निवेश करने की दोनों समूहों की साझा प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करता है।
यह एमओयू ओडिशा के माननीय मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी, उद्योग तथा कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा मंत्री संपद चंद्र
स्वैन तथा ओडिशा सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में साइन किया गया।
समारोह में आईएचसी के सीईओ, मैनेजिंग डायरेक्टर और बोर्ड मेंबर सैयद बसर शुएब, आईआरएच के सीईओ अली राशिद अलराशदी तथा
ईपॉइंटज़ीरो के सीईओ मोहम्मद हिशाम उपस्थित रहे। अदाणी समूह की ओर से अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एपीएसईजेड)
के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं अदाणी सीमेंट के डायरेक्टर करण अदाणी, तथा अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) के
एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अदाणी ने प्रतिनिधित्व किया। इस अवसर पर देश के प्रमुख उद्योगपति, विभिन्न उद्योग संगठनों
के प्रतिनिधि, वर्ल्ड स्किल सेंटर के छात्र तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। उनकी सहभागिता इस
प्रोजेक्ट से विकसित होने वाले व्यापक इकोसिस्टम, इसके डाउनस्ट्रीम अवसरों तथा प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन के प्रति
साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक रही।
इस अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा, "आज का दिन ग्लोबल एल्युमीनियम सप्लाई चेन में ओडिशा की औपचारिक
भागीदारी का प्रतीक है। मेटल्स और मिनरल आधारित इंडस्ट्रीज के क्षेत्र में भारत के अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान
स्थापित कर चुका ओडिशा अब एल्युमीनियम और वैल्यू -एडेड मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल सेंटर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा
है। यह निवेश ओडिशा को माइनिंग और एल्युमिना रिफाइनिंग से लेकर एल्युमीनियम स्मेल्टिंग तथा डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग
तक पूरी एल्युमीनियम वैल्यू चेन विकसित करने में सक्षम बनाएगा, जिससे राज्य के भीतर ही अधिक मूल्य सृजित होगा। यह
‘समृद्ध ओडिशा 2036’ के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण में हमारा सार्थक
योगदान भी है।"
अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एपीएसईज़ेड) के मैनेजिंग डायरेक्टर और अदाणी सीमेंट के डायरेक्टर करण अदाणी ने
कहा, "यह प्रस्तावित प्रोजेक्ट ओडिशा को एक लॉन्ग-टर्म मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के रूप में लेकर हमारे विश्वास को
दर्शाती है। अदाणी समूह और आईएचसी समूह के बीच प्रस्तावित जॉइंट वेंचर हमारी मजबूत रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ करेगा।
ओडिशा सरकार के साथ मिलकर हम एक इंटीग्रेटेड एल्युमीनियम इकोसिस्टम का निर्माण करेंगे, जो रोजगार के नए अवसर सृजित
करेगा, वैल्यू -एडेड मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा तथा भारत की औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता को और मजबूत बनाएगा।"
आईएचसी के सीईओ सैयद बसर शुएब ने कहा, "आईएचसी में हमारा उद्देश्य ऐसे उद्योगों में दीर्घकालिक निवेश मंच विकसित करना है,
जो भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगे। आईआरएच के माध्यम से हम एक एकीकृत खनन एवं खनिज (माइनिंग एंड
मिनरल्स) व्यवसाय का निर्माण कर रहे हैं तथा औद्योगिक विकास को गति देने, आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) की मजबूती
बढ़ाने और ऊर्जा परिवर्तन (एनर्जी ट्रांज़िशन) को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) में निवेश कर
रहे हैं। अडानी एंटरप्राइजेज के साथ यह साझेदारी हमारी इसी रणनीति और विश्वस्तरीय एकीकृत एल्युमीनियम परियोजना विकसित
करने की साझा प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है, जो दीर्घकालिक आर्थिक मूल्य का सृजन करेगी।"
ओडिशा के उद्योग, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री संपद चंद्र स्वैन ने कहा, "यह निवेश ओडिशा के इंडस्ट्रियल
इकोसिस्टम में बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। राज्य सरकार सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर प्रोजेक्ट के लिए समयबद्ध
अनुमोदन सुनिश्चित करेगी तथा इसके प्रभावी और सफल क्रियान्वयन के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।"
इस प्रोजेक्ट का विकास दो चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण में लगभग ₹66,000 करोड़ तथा द्वितीय चरण में लगभग ₹44,000
करोड़ का निवेश किया जाएगा।
प्रोजेक्ट के निर्माण चरण के दौरान लगभग 35,000 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। वहीं, प्रोजेक्ट के माइनिंग,
एल्युमिना रिफाइनिंग, एल्युमीनियम प्रोडक्शन तथा डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स के माध्यम से
अतिरिक्त 18,500 रोजगार उपलब्ध होने का अनुमान है। इसके अलावा, यह प्रोजेक्ट लॉजिस्टिक्स, इंजीनियरिंग, मेंटेनेंस तथा
सहायक उद्योगों में भी बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित करेगी।
यह निवेश ओडिशा में वैल्यू-एडेड एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरिंग को नई गति देगा और साथ ही ग्लोबल एल्युमीनियम सप्लाई चेन में
भारत की स्थिति को और अधिक मजबूत करेगा। प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रस्तावित डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग पार्क से
ट्रांसपोर्ट, कंस्ट्रक्शन, पावर, पैकेजिंग, रिन्यूएबल एनर्जी तथा एडवांस्ड इंजीनियरिंग क्षेत्रों के लिए पुर्जों और
उत्पादों का निर्माण करने वाली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को आकर्षित किए जाने की उम्मीद है। इससे राज्यभर में एमएसएमई के
विकास और विस्तार को भी महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।
प्रोजेक्ट का परिचालन शुरू होने के बाद इसके भारत के एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरिंग आधार को और अधिक सुदृढ़ करने की उम्मीद
है। साथ ही, यह ओडिशा की पहचान को एशिया में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश के प्रमुख गंतव्यों में से एक के रूप में और
मजबूत करेगा।
एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद प्रस्तावित जॉइंट वेंचर पार्टनर्स एईएल और आईआरएच, ओडिशा सरकार के साथ मिलकर प्रोजेक्ट के
अगले चरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएंगे। इसके अंतर्गत भूमि अधिग्रहण, वैधानिक अनुमोदन तथा आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर की
योजना तैयार करने जैसे कार्य शामिल होंगे।
आईएचसी दुनिया की सबसे बड़ी निवेश कंपनियों में से एक है, जिसका मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 233 बिलियन अमेरिकी डॉलर है।
कंपनी के पास 1,300 से अधिक सब्सिडियरीज़ का व्यापक पोर्टफोलियो है, जो टेक्नोलॉजी, इन्फ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंसियल
सर्विसेज और उपभोक्ता क्षेत्र सहित अनेक क्षेत्रों में कार्यरत हैं। 2पॉइंटज़ीरो के माध्यम से आईएचसी समूह की कंपनी
आईआरएच एक ग्लोबल 'माइन-टू-मार्केट' प्लेटफ़ॉर्म है, जो एनर्जी ट्रांजीशन और टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट के लिए महत्वपूर्ण
खनिजों के संपूर्ण वैल्यू चैन में रणनीतिक निवेश करता है।
भारत के सबसे बड़े बॉक्साइट भंडारों में से कुछ का घर ओडिशा पहले से ही एल्युमिना और एल्युमीनियम का प्रमुख उत्पादक राज्य
है। यह निवेश खनन से लेकर डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग तक संपूर्ण एल्युमीनियम वैल्यू चेन को एकीकृत करते हुए ओडिशा की
पहचान को ग्लोबल एल्युमीनियम मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में और अधिक मजबूत करेगा।
अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के बारे में जानकारी
अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल), अदाणी समूह की फ्लैगशिप कंपनी है, जो भारत के सबसे बड़े व्यावसायिक समूहों में से एक
है। वर्षों से अदाणी एंटरप्राइजेज ने उभरते हुए तथा क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्रों में व्यवसाय स्थापित करने पर
ध्यान केंद्रित किया है। कंपनी ने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए इन व्यवसायों को विकसित किया और समय
के साथ उन्हें अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों के रूप में स्थापित किया। अदाणी पोर्ट्स एंड एसईज़ेड, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस,
अदाणी पावर, अदाणी ग्रीन एनर्जी, अदाणी टोटल गैस तथा अदाणी विल्मर (अब एडब्ल्यूएल एग्री बिज़नेस लिमिटेड) जैसे बड़े और
विस्तार योग्य (स्केलेबल) व्यवसायों का सफलतापूर्वक निर्माण करते हुए कंपनी ने अपने मजबूत कारोबारी मॉडल के माध्यम से
भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले तीन दशकों के दौरान कंपनी के इस सतत विकास और मजबूत
प्रदर्शन ने उसके शरहोल्डर्स को भी उल्लेखनीय रिटर्न प्रदान किया है।
कंपनी की अगली पीढ़ी के रणनीतिक निवेश ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम, एयरपोर्ट मैनेजमेंट, डेटा सेंटर, रोड्स तथा कॉपर और
पेट्रोकेमिकल्स जैसे प्राथमिक उद्योगों पर केंद्रित हैं, जहाँ दीर्घकालिक मूल्य सृजन की व्यापक संभावनाएँ मौजूद हैं।
अधिक जानकारी के लिए देखें:
www.adanienterprises.com
मीडिया संपर्क: roy.paul@adani.com