अहमदाबाद, 16 जून 2026: अब बाकी जगहों की तरह पोर्ट्स पर भी एआई इंटीग्रेशन का दौर शुरू हो रहा है। भारत
की सबसे बड़ी प्राइवेट पोर्ट कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईज़ेड) ने अपने पोर्ट्स और
लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में अगली पीढ़ी की क्षमताओं को विकसित करने के लिए अमेरिकी कंपनी कैलेरिस के साथ अपनी रणनीतिक
साझेदारी बढ़ाई है। यह साझेदारी एपीएसईज़ेड के साल 2030 तक के व्यापक लक्ष्यों का हिस्सा है। इसके तहत कंपनी
डीकार्बोनाइजेशन, टेक्नोलॉजी अपग्रेड और हर साल एक अरब टन कार्गो हैंडलिंग क्षमता हासिल करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के
लिए 850 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश कर रही है।
इस लंबे समय के समझौते के तहत कैलेरिस अपने अत्याधुनिक टर्मिनल ऑपरेटिंग सिस्टम तथा एआई-सक्षम एडवांस्ड कंटेनर हैंडलिंग
और ऑप्टिमाइजेशन समाधानों को एपीएसईज़ेड के 15 कंटेनर टर्मिनल्स में लागू करेगा, जो देश और विदेश के कुल नौ पोर्ट्स में
फैले हुए हैं। छह पोर्ट्स पर पहले चरण के सफल क्रियान्वयन के बाद अब एपीएसईज़ेड अपने समुद्री और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में
एडवांस ऑपरेटिंग, प्लानिंग, ऑप्टिमाइजेशन और ऑटोमेशन क्षमताओं का विस्तार करेगा। इससे एकीकृत डिजिटल ढांचा तैयार होगा,
जो परिचालन दक्षता, कार्यप्रणाली में एकरूपता और संपूर्ण नेटवर्क में बेहतर दृश्यता सुनिश्चित करेगा।
कैलेरिस के एडवांस्ड ऑप्टिमाइजेशन समाधान के लागू होने से परिचालन दक्षता में महत्वपूर्ण सुधार होने की उम्मीद है। इसके
तहत रबर टायर्ड गैन्ट्री (आरटीजी) क्रेन की उत्पादकता में 20 फीसदी तक और टर्मिनल ट्रकों की उत्पादकता में 14 फीसदी तक
वृद्धि हो सकती है। यह पहल एपीएसईज़ेड के टेक्नोलॉजी से संचालित इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट प्लेटफार्म और दीर्घकालिक विकास
के लिए अधिक कुशलता के साथ विस्तार करने के लक्ष्य को और मजबूती प्रदान करेगी।
एपीएसईज़ेड के पूर्णकालिक निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अश्वनी गुप्ता ने कहा,
"एआई-सक्षम ऑटोमेशन पोर्ट्स और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता की अगली बड़ी दिशा तय करेगा।
एपीएसईज़ेड पहले ही तट से गंतव्य तक एक एंड-टू-एंड डिजिटल प्लेटफॉर्म लागू कर चुका है, जो निर्बाध
ट्रैक-एंड-ट्रेस के साथ एकीकृत कमांड एवं कंट्रोल क्षमताएं प्रदान करता है। कैलेरिस के इंटीग्रेशन से
उत्पादकता में वृद्धि होगी, टर्नअराउंड समय में सुधार आएगा और ग्राहकों को लगातार बेहतर अनुभव मिलेगा।"
कैलेरिस के प्रेसिडेंट और सीईओ किर्क नॉफ ने कहा, "एपीएसईज़ेड बड़े स्तर पर एआई-सक्षम पोर्ट
नेटवर्क के वास्तविक प्रभाव को दर्शा रहा है। सभी 15 टर्मिनल्स तक इसका विस्तार उन परिणामों को दर्शाता है,
जो अब तक हासिल किए जा चुके हैं, साथ ही यह इस साझेदारी पर बने भरोसे को भी मजबूत करता है। कलेरिस में हम
सफलता को ग्राहकों को मिलने वाले परिणामों से मापते हैं और एन4 तथा हमारे एडवांस्ड ऑप्टिमाइजेशन सॉल्यूशंस
की मदद से अब इन परिणामों को पूरे नेटवर्क में और बड़े स्तर पर पहुँचाया जा सकेगा।"
जैसे-जैसे कार्गो वॉल्यूम बढ़ रहा है और सप्लाई चेन पहले से अधिक जटिल होती जा रही है, एपीएसईज़ेड रियल-टाइम विजिबिलिटी,
संसाधनों के बेहतर उपयोग और तेज़ निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इंटरनेट ऑफ
थिंग्स (आईओटी), कम्प्यूटर विज़न और एडवांस्ड ऑप्टिमाइजेशन टूल्स में निवेश कर रहा है। इस तैनाती के तहत कलेरिस के एन4
टर्मिनल ऑपरेटिंग सिस्टम (टीओएस) को एपीएसईज़ेड के पूरे नेटवर्क में लागू किया जाएगा, जिससे यार्ड के बेहतर उपयोग,
जहाजों के तेज़ टर्नअराउंड, अधिक सटीक योजना और ग्राहकों के लिए कार्गो की अधिक भरोसेमंद तथा अनुमानित आवाजाही सुनिश्चित
की जा सकेगी। यह पहल एपीएसईज़ेड के वर्ष 2030 तक हर साल 100 करोड़ टन कार्गो संभालने के लक्ष्य को हासिल करने में भी
महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
वर्ष 2030 तक हर साल 100 करोड़ टन कार्गो हैंडल करने का एपीएसईज़ेड का लक्ष्य उसकी तेज़ी से बढ़ती क्षमता और मजबूत
निष्पादन को दर्शाता है। कंपनी को शुरुआती 10 करोड़ टन कार्गो का आँकड़ा हासिल करने में एक दशक से अधिक समय लगा था, लेकिन
इसके बाद के हर पड़ाव को पहले से कहीं अधिक तेज़ गति से हासिल किया गया। इसके पीछे पोर्ट्स, रेल, सड़कों, ट्रकिंग,
वेयरहाउस और कार्गो गेटवे को जोड़ने वाला उसका मजबूत और आपस में जुड़ा हुआ ट्रांसपोर्ट एवं लॉजिस्टिक्स नेटवर्क है।
एपीएसईज़ेड के बारे में
वैश्विक स्तर पर विविधीकृत अदाणी ग्रुप का हिस्सा एपीएसईज़ेड एक अग्रणी इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर है, जो इंटरनेशनल
फ्रेट नेटवर्क के माध्यम से कार्गो की शुरुआत से लेकर पोर्ट हैंडलिंग, रेल परिवहन, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क,
वेयरहाउसिंग और सड़क मार्ग से ग्राहकों तक अंतिम डिलीवरी जैसी सेवाएँ प्रदान करता है।
अत्याधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई आधारित ऑप्टिमाइजेशन से सुसज्जित इसकी व्यापक ‘शोर-टू-डोर’ क्षमता एपीएसईज़ेड
को भारत के प्रमुख इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस प्रदाताओं में शामिल करती है। कंपनी भारत के पश्चिमी, दक्षिणी और
पूर्वी तटों पर रणनीतिक रूप से स्थित 15 पोर्ट्स और टर्मिनल्स का संचालन करती है। इसके साथ ही इसके पास 137 जहाजों का
विविधीकृत मरीन बेड़ा, 12 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, 31 लाख वर्गफुट वेयरहाउसिंग क्षमता और अपने प्लेटफॉर्म पर
संचालित 25,000 से अधिक ट्रकों का नेटवर्क है। यह मजबूत व्यवस्था कंपनी को तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ देश के अंदरूनी
हिस्सों से आने वाले बड़े पैमाने के कार्गो को संभालने में सक्षम बनाती है। एपीएसईज़ेड ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो, इज़राइल और
तंजानिया में चार इंटरनेशनल पोर्ट्स का भी संचालन करता है।
वर्तमान में, 65.3 करोड़ टन प्रतिवर्ष कार्गो हैंडलिंग क्षमता के साथ एपीएसईज़ेड भारत के कुल पोर्ट कार्गो वॉल्यूम में
लगभग 27 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। कंपनी ने वर्ष 2030 तक 100 करोड़ टन कार्गो थ्रूपुट हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित
किया है।
एपीएसईज़ेड को वर्ष 2025 की एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट में दुनिया की परिवहन और परिवहन
इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों के शीर्ष 5 प्रतिशत में जगह मिली है। वहीं, इसके पाँच पोर्ट्स विश्व बैंक के कंटेनर पोर्ट
परफॉर्मेंस इंडेक्स 2024 में भी शामिल रहे हैं। अपने बड़े नेटवर्क, बेहतर संचालन क्षमता और एकीकृत सेवाओं के दम पर
एपीएसईज़ेड वैश्विक व्यापार को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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