एपीएसईजेड का बेहतरीन प्रदर्शन, वित्त वर्ष 26 में 25 फीसदी बढ़ा रेवेन्यू

एपीएसईजेड भारत की पहली इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर कंपनी जिसने एक साल में 500 एमएमटी पोर्ट कार्गो संभाला

30 अप्रैल 2026, अहमदाबाद: भारत के सबसे बड़े इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकनोमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड), ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे साल के अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की। वित्त वर्ष 26, एपीएसईजेड के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ, क्योंकि कंपनी ने अपने संचालन को एक बड़े स्तर तक पहुंचा दिया है। हमारी मजबूत कार्यान्वयन क्षमता हमें लगातार तय समय से पहले प्रोजेक्ट पूरे करने में सक्षम बनाती है। इस साल ने हमारे बिज़नेस की मजबूती भी दिखाई, जहां मध्य पूर्व के संघर्ष और वैश्विक व्यापार में टैरिफ के कारण आई रुकावटों के बावजूद हमने समुद्री व्यापार को लगातार जारी रखा। मरीन और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में तेज़ वृद्धि हमारे इंटीग्रेटेड बिज़नेस मॉडल की मजबूती को दर्शाती है। जैसे-जैसे शोर-टू-डोर समाधान भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं, एपीएसईजेड देश की लॉजिस्टिक्स दक्षता और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका निभा रही है।

क्यू4 एफवाय26 और एफवाय26 के प्रमुख फाइनेंसियल (कंसोलिडेटेड)

विवरण (₹ करोड़ में) क्यू4 एफवाय26 क्यू4 एफवाय25 सालाना एफवाय26 एफवाय25 सालाना
रेवेन्यू 10,738 8,488 26% 38,736 31,079 25%
एबिटडा 6,020 5,006 20% 22,851 19,025 20%
पीएटी 3,308 3,023 9% 12,782 11,061 16%

पूर्णकालिक डायरेक्टर और सीईओ अश्विनी गुप्ता ने कहा, "इस तिमाही में हमारा मजबूत प्रदर्शन हमारे बिज़नेस मॉडल की मजबूती और हमारी रणनीति के अनुशासित क्रियान्वयन को दर्शाता है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अस्थिरता और टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं के बावजूद, हमने वित्त वर्ष 26 के अपने लक्ष्य को पार किया। इसमें 500 एमएमटी के रिकॉर्ड पोर्ट कार्गो वॉल्यूम का बड़ा योगदान रहा। साल के दौरान लॉजिस्टिक्स और मरीन व्यवसायों में भी तेज़ वृद्धि हुई, जो क्रमशः 55% और 134% रही। यह प्रगति महत्वपूर्ण है, लेकिन हमारी यात्रा अभी पूरी नहीं हुई है। एपीएसईजेड ने वित्त वर्ष 31 तक अपने रेवेन्यू और एबिटडा को दोगुना से भी अधिक करने के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। यह लक्ष्य दिसंबर 2030 तक एक अरब टन पोर्ट कार्गो हासिल करने, एसेट-लाइट और एसेट-ज़ीरो सेवाओं के तेज़ विस्तार, और मरीन फ्लीट के विस्तार पर आधारित है। अनुशासित पूंजी प्रबंधन यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य के कैपेक्स को आंतरिक आय से ही फंड किया जाए, साथ ही जरूरत पड़ने पर चुनिंदा अधिग्रहण के लिए लचीलापन भी बना रहे।"

क्यू4 एफवाय26 और एफवाय26 का ऑपरेशनल प्रदर्शन

विवरण क्यू4 एफवाय26 क्यू4 एफवाय25 सालाना एफवाय26 एफवाय25 सालाना
कार्गो (एमएमटी) 133.4 117.9 13% 500.8 450.2 11%
ऑल -इंडिया मार्केट शेयर 26% 26.3% -30 bps 27.1% 27% 10 bps
ऑल - इंडिया कंटेनर मार्केट शेयर 45.2% 46.3% -110 bps 45.5% 45.5% -
रेल वॉल्यूम (टीईयू) 166,646 167,659 -1% 695,517 643,480 8%

एफवाय26 प्रदर्शन बनाम लक्ष्य

एफवाय26 लक्ष्य एफवाय26 वास्तविक
रेवेन्यू (₹ करोड़) 38,000 38,736
एबिटडा (₹ करोड़) 22,800 22,851
कैपेक्स (₹ करोड़) 11,000 – 12,000 15,320
एबिटडा नीति अनुसार नेट डेब्ट 2.5एक्स तक 1.9एक्स
पोर्ट कार्गो वॉल्यूम 505-515 एमएमटी 500.8 एमएमटी
ट्रकिंग रेवेन्यू 3एक्स – 4एक्स 3.4एक्स
मरीन रेवेन्यू 2.3एक्स 2.34एक्स

डोमेस्टिक पोर्ट्स की आय वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में 8% बढ़ी (₹6,566 करोड़ बनाम वित्त वर्ष 25 चौथी तिमाही में ₹6,062 करोड़)। पूरे साल में, डोमेस्टिक पोर्ट्स की आय 13% बढ़ी (₹25,755 करोड़ बनाम वित्त वर्ष 25 में ₹22,740 करोड़), जिसमें 45.5% कंटेनर मार्केट शेयर का बड़ा योगदान रहा। वित्त वर्ष 26 में एबिटडा 14% बढ़कर ₹18,849 करोड़ हो गया (वित्त वर्ष 25 में ₹16,503 करोड़ था)। वित्त वर्ष 26 में एबिटडा मार्जिन 73.2% रहा (वित्त वर्ष 25 में 72.6% ) था। 31 मार्च 2026 तक, डोमेस्टिक पोर्ट्स की कुल क्षमता 653 एमएमटी रही। वित्त वर्ष 26 में आरओसीई 23% रहा (वित्त वर्ष 25 में 21% था)।"

इंटरनेशनल पोर्ट्स ने वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही आय ₹1,422 करोड़ हासिल की (+58% सालाना, वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में ₹901 करोड़), जिसका मुख्य कारण एनक्यूएक्सटी का जुड़ना और कोलंबो पोर्ट का तेज़ विकास रहा। इंटरनेशनल पोर्ट्स का एबिटडा भी वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में लगभग 5 गुना बढ़कर ₹597 करोड़ हो गया (वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में ₹131 करोड़), जिसमें रिकॉर्ड 42% एबिटडा मार्जिन का योगदान रहा (वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में 14.5%)। वित्त वर्ष 26 के दौरान, इंटरनेशनल पोर्ट्स की कुल आय 34% बढ़कर ₹4,539 करोड़ हो गई (वित्त वर्ष 25 में ₹3,380 करोड़)। वित्त वर्ष 26 में एबिटडा मार्जिन 28.6% रहा, जबकि वित्त वर्ष 25 में यह 13.7% था। वित्त वर्ष 26 में आरओसीई 8%* रहा (वित्त वर्ष 25 में 6%)।"

लॉजिस्टिक्स बिजनेस ने वित्त वर्ष 26 में 55% की साल-दर-साल आय वृद्धि दर्ज की (₹4,478 करोड़ बनाम वित्त वर्ष 25 में ₹2,881 करोड़)। यह वृद्धि मुख्य रूप से एसेट -लाइट ट्रकिंग सेवाओं और एसेट -जीरो इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क सॉल्यूशंस के तेज़ विस्तार के कारण हुई।वित्त वर्ष 26 में एबिटडा 34% बढ़कर ₹863 करोड़ हो गया (वित्त वर्ष 25 में ₹642 करोड़)। वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में आय और एबिटडा क्रमशः 10% और 26% बढ़े। वित्त वर्ष 26 में आरओसीई 10% रहा (वित्त वर्ष 25 में 6%)।

वित्त वर्ष 26 के दौरान, मरीन ऑपरेशंस ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए 134% की साल-दर-साल आय वृद्धि दर्ज की (₹2,681 करोड़ बनाम वित्त वर्ष 25 में ₹1,144 करोड़)। साथ ही एबिटडा में 125% की वृद्धि हुई (₹1,357 करोड़ बनाम वित्त वर्ष 25 में ₹604 करोड़)। यह वृद्धि मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और साउथ एशिया (एमईएएसए) तथा भारतीय जलक्षेत्र में ऑफशोर सपोर्ट वेसल्स की खरीद और टियर-1 ग्राहकों के साथ किए गए टेक-ऑर-पे कॉन्ट्रैक्ट्स के कारण हुई। मरीन ऑपरेशंस स्थिर आय प्रदान करते हैं और पूंजी का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हैं। 31 मार्च 2026 तक, कंपनी के मरीन वेशल्स की संख्या बढ़कर अब तक के उच्चतम स्तर 136 हो गई। वित्त वर्ष 26 में एबिटडा मार्जिन 51% रहा (वित्त वर्ष 25 में 53%)। वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के दौरान, आय में 101% की तेज़ बढ़त हुई (₹726 करोड़ बनाम वित्त वर्ष 25 की चौथी तिमाही में ₹361 करोड़)। वित्त वर्ष 26 में आरओसीई 13% रहा (वित्त वर्ष 25 में भी 13%)।

फाइनेंशियल हाइलाइट्स

  • डेब्ट मैनेजमेंट: कुल कर्ज ₹55,103 करोड़ रहा। कैश बैलेंस ₹12,193 करोड़ रहा। नेट डेब्ट/एबिटडा 1.9 एक्स रहा (प्रो फोर्मा आधार पर, टीटीएम एनक्यूएक्सटी एबिटडा के अनुसार 1.8 एक्स)।
  • वित्त वर्ष 26 कैपेक्स: ₹15,320 करोड़ (वित्त वर्ष 26 के लिए गाइडेंस ₹11,000 करोड़ - ₹12,000 करोड़ था)।
  • नई क्रेडिट रेटिंग और पुष्टि: केयरएज ग्लोबल ने एपीएसईजेड को “केयरएज बीबीबी+/स्टेबल” लॉन्ग-टर्म फॉरेन करेंसी इश्यूअर रेटिंग दी। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च (आईएनडी-आरए) ने एपीएसईजेड की लॉन्ग-टर्म इश्यूअर रेटिंग “आईएनडी एएए” को “स्टेबल” आउटलुक के साथ बरकरार रखा। साथ ही, आईएनडी ने एपीएसईजेड की कमर्शियल पेपर रेटिंग “आईएनडी ए 1+” भी बरकरार रखी।"

    जीसीआर ने एपीएसईजेड को फॉरेन करेंसी और लोकल करेंसी लॉन्ग-टर्म इश्यूअर क्रेडिट रेटिंग “ए -/स्टेबल” दी, जो भारत की संप्रभु रेटिंग से एक स्तर ऊपर है। मूड़ी'स ने अपनी आउटलुक को “नेगेटिव” से बदलकर “स्टेबल” कर दिया और “बीएए3” रेटिंग को बरकरार रखा। आईसीआरए ने “एएए/स्टेबल” रेटिंग को बरकरार रखा। फिच रेटिंग्स ने आउटलुक को “नेगेटिव” से “स्टेबल” किया और “बीबीबी -” रेटिंग को बनाए रखा। एस एंड पी ग्लोबल ने ने रेटिंग आउटलुक को “नेगेटिव” से “पॉजिटिव” किया, जबकि “बीबीबी -” रेटिंग को बरकरार रखा।

    फिच रेटिंग्स ने एनक्यूएक्सटी की लॉन्ग-टर्म इश्यूअर डिफॉल्ट रेटिंग को “बीबी+” से बढ़ाकर “बीबीबी -” कर दिया, साथ ही आउटलुक “स्टेबल” रखा।

  • कैपिटल ऑप्टिमाइजेशन: मार्च 2026 में बॉन्ड बायबैक प्रोग्राम पूरा किया गया, जिसमें कुल यूएस $199.57 मिलियन के बॉन्ड वापस खरीदे गए (यूएस $196.94 मिलियन शुरुआती टेंडर डेट पर और यूएस $2.63 मिलियन एक्सपायरी से पहले)। इससे पहले, वित्तीय वर्ष के दौरान अगस्त 2025 में भी APSEZ ने बॉन्ड बायबैक प्रोग्राम पूरा किया था, जिसमें कुल यूएस $386.03 मिलियन के बॉन्ड वापस खरीदे गए (यूएस $384.38 मिलियन शुरुआती टेंडर डेट पर और यूएस $1.65 मिलियन एक्सपायरी से पहले)। 31 मार्च 2026 तक औसत कर्ज अवधि 5.4 साल रही (31 मार्च 2025 तक 4.3 साल थी)।
  • डिविडेंड: बोर्ड ने वित्त वर्ष 26 के लिए ₹7.5 प्रति शेयर डिविडेंड प्रस्तावित किया है।डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 12 जून 2026 तय की गई है।

वित्त वर्ष 27 गाइडेंस

₹ करोड़ वित्त वर्ष 27 गाइडेंस टिप्पणियां
रेवेन्यू 43,000 - 45,000 11% - 16% वृद्धि का अनुमान
एबिटडा 25,000 – 26,000 9% - 14% वृद्धि का अनुमान
कैपेक्स 12,000 - 14,000
नेट डेब्ट / एबिटडा 2.5 एक्स तक पहले दी गई गाइडेंस के अनुरूप

एपीएसईज़ेड के बारे में

एपीएसईज़ेड, वैश्विक स्तर पर फैले अदाणी समूह का हिस्सा है और कार्गो की शुरुआत से लेकर ग्राहक तक डिलीवरी तक की पूरी प्रक्रिया संभालने वाला एक प्रमुख इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर है। इसमें इंटरनेशनल फ्रेट नेटवर्क, पोर्ट हैंडलिंग, रेल ट्रांसपोर्ट, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और सड़क के जरिए अंतिम डिलीवरी शामिल है।

यह पूरी 'शोर-टू-डोर' क्षमता, आधुनिक डिजिटल सिस्टम और एआई आधारित प्लानिंग के साथ, एपीएसईज़ेड को भारत का एक प्रमुख इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन प्रोवाइडर बनाती है। कंपनी देश के पश्चिम, दक्षिण और पूर्वी तटों पर 15 पोर्ट्स और टर्मिनल्स का नेटवर्क संचालित करती है। इसके साथ ही 136 जहाजों का मरीन फ्लीट, 12 मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क, 3.1 मिलियन वर्ग फुट वेयरहाउस स्पेस और 25,000 से ज्यादा ट्रक इसके अपने प्लेटफॉर्म पर कार्यरत हैं, जिससे तटीय इलाकों और अंदरूनी क्षेत्रों से बड़े स्तर पर कार्गो संभालने की क्षमता मिलती है। एपीएसईज़ेड ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो, इज़राइल और तंजानिया में 4 इंटरनेशनल पोर्ट्स भी संचालित करता है।

653 मिलियन टन प्रति वर्ष की मौजूदा कार्गो हैंडलिंग क्षमता के साथ, एपीएसईज़ेड भारत के कुल पोर्ट वॉल्यूम का करीब 27% हिस्सा संभालता है और 2030 तक 1 बिलियन टन तक पहुँचने का लक्ष्य रखता है।

वर्ष 2025 के एसएंडपी ग्लोबल कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट में दुनिया की टॉप 5% ट्रांसपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में शामिल एपीएसईज़ेड और वर्ल्ड बैंक के कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स 2024 में इसके पाँच पोर्ट्स की उपस्थिति, कंपनी के मजबूत स्तर, बेहतर संचालन और इंटीग्रेटेड क्षमता को प्रदर्शित करती है, जो वैश्विक व्यापार को आसान बनाने में मदद करती है।

डिस्क्लेमर

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