अहमदाबाद और कोलंबो, 07 अप्रैल 2025: अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने कोलंबो पोर्ट पर स्थित कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल (सीडब्ल्यूआईटी) के संचालन की शुरुआत की घोषणा की है।
यह टर्मिनल एक ऐतिहासिक पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत विकसित किया गया है। इसका संचालन भारत के सबसे बड़े पोर्ट ऑपरेटर अदाणी पोर्ट्स और श्रीलंका की प्रमुख कंपनी जॉन कील्स होल्डिंग्स और श्रीलंका पोर्ट्स अथॉरिटी द्वारा मिलकर किया जाएगा। यह समझौता 35 साल के बिल्ड, ऑपरेट, ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल पर आधारित है।
800 मिलियन अमेरिकी डॉलर के एक महत्वपूर्ण निवेश की इस परियोजना की 1,400 मीटर लंबाई और 20 मीटर गहराई है, जिससे टर्मिनल को हर साल करीब 3.2 मिलियन कंटेनर ट्वेंटी-फुट इक्विवेलेंट यूनिट्स (टीईयू) को संभालने की क्षमता प्राप्त होगी। यह कोलंबो का पहला ऐसा डीप-वॉटर टर्मिनल है, जो पूरी तरह से स्वचालित है। इससे कार्गो हैंडलिंग क्षमताओं को बढ़ाने और जहाजों का टर्नअराउंड समय घटाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इससे कोलंबो दक्षिण एशिया में एक प्रमुख ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में उभरेगा।
इसका निर्माण कार्य 2022 की शुरुआत में शुरू हुआ था और रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया। अब जब अत्याधुनिक तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर का काम लगभग पूरा हो गया है, सीडब्ल्यूआईटी को दक्षिण एशिया में रीजनल मेरीटाइम लॉजिस्टिक्स की दक्षता और विश्वसनीयता में नए बेंचमार्क सेट करने के लिए तैयार किया गया है।
अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा,“सीडब्ल्यूआईटी का संचालन शुरू होना भारत और श्रीलंका के बीच क्षेत्रीय सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह टर्मिनल न केवल हिंद महासागर क्षेत्र में व्यापार का उज्जवल भविष्य दर्शाता है, बल्कि इसका शुभारंभ श्रीलंका के लिए भी यह एक गर्व का क्षण है, जो श्रीलंका को ग्लोबल मेरीटाइम मैप में एक मजबूत स्थिति प्रदान करता है। यह टर्मिनल प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हज़ारों स्थानीय लोगों को रोजगार देगा और श्रीलंका की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। यह परियोजना दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती और बढ़ते रणनीतिक संबंधों का प्रतीक है और यह बताती है कि दूरदर्शिता और सार्वजनिक-निजी साझेदारी के माध्यम से क्या कुछ हासिल किया जा सकता है। रिकॉर्ड समय में इस विश्वस्तरीय सुविधा को पूरा करना अदाणी ग्रुप की इस क्षमता दर्शाता है कि वह दुनिया में कहीं भी बड़े और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को कुशलता से पूरा कर सकता है।"
जॉन कील्स ग्रुप के चेयरपर्सन कृष्ण बालेंद्र ने कहा, "हमें इस बात की खुशी है कि वेस्ट कंटेनर टर्मिनल तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जो रीजनल मेरीटाइम हब के रूप में श्रीलंका की स्थिति को मजबूत करती है। यह परियोजना जॉन कील्स समूह की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है साथ ही श्रीलंका के निजी क्षेत्र के बड़े निवेशों में से भी एक है। अदाणी ग्रुप और श्रीलंका पोर्ट्स अथॉरिटी के साथ मिलकर हम कोलंबो को एक प्रमुख ट्रांसशिपमेंट हब बनाएंगे। हमें विश्वास है कि परियोजना क्षेत्र में वैश्विक व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ाएगी।"
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