इस समझौते के तहत गंगावरम पोर्ट पर आयरन ओर (लौह अयस्क) ब्लेंडिंग सुविधा और एक समर्पित विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईज़ेड) विकसित करने का रोडमैप तय किया गया है। इस साझेदारी के अंतर्गत, सभी पक्ष मिलकर आयरन ओर की ब्लेंडिंग, वैल्यू एडिशन और व्यावसायीकरण के लिए एक एकीकृत एसईज़ेड आधारित इकोसिस्टम को विकसित, संचालित और प्रबंधित करेंगे। इसका उद्देश्य भारत के पूर्वी तट पर आयरन ओर निर्यात की वैल्यू चेन को मजबूत करना और मिनरल प्रोसेसिंग और व्यापार में दक्षता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है। इस विकास के बाद गंगावरम पोर्ट की क्षमता बढ़कर 75 एमएमटी तक पहुंच जाएगी और यह भारत व क्षेत्र के लिए लौह अयस्क निर्यात का प्रमुख केंद्र बन जाएगा।