एपीएसईज़ेड, एनएमडीसी और वेले ब्राज़ील के बीच समझौता

अहमदाबाद, 21 फरवरी, 2026: दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट यूटिलिटी कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईज़ेड) ने एक और महत्वपूर्ण रणनीतिक समझौता किया। उसने अपनी सहायक कंपनी अदाणी गंगावरम पोर्ट लिमिटेड के माध्यम से एनएमडीसी लिमिटेड (भारत सरकार का उपक्रम) और वेले एस.ए. (ब्राज़ील) के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। यह एमओयू नई दिल्ली में आयोजित इंडिया-ब्राज़ील बिज़नेस फोरम समिट के दौरान किया गया।

यह एमओयू ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुईज़ इनासियो लूला-दा-सिल्वा के भारत दौरे के दौरान और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की उपस्थिति में साइन किया गया। यह समझौता भारत और ब्राज़ील के बीच मजबूत होते रणनीतिक रिश्तों को दर्शाता है।

इस समझौते के तहत गंगावरम पोर्ट पर आयरन ओर (लौह अयस्क) ब्लेंडिंग सुविधा और एक समर्पित विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईज़ेड) विकसित करने का रोडमैप तय किया गया है। इस साझेदारी के अंतर्गत, सभी पक्ष मिलकर आयरन ओर की ब्लेंडिंग, वैल्यू एडिशन और व्यावसायीकरण के लिए एक एकीकृत एसईज़ेड आधारित इकोसिस्टम को विकसित, संचालित और प्रबंधित करेंगे। इसका उद्देश्य भारत के पूर्वी तट पर आयरन ओर निर्यात की वैल्यू चेन को मजबूत करना और मिनरल प्रोसेसिंग और व्यापार में दक्षता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाना है। इस विकास के बाद गंगावरम पोर्ट की क्षमता बढ़कर 75 एमएमटी तक पहुंच जाएगी और यह भारत व क्षेत्र के लिए लौह अयस्क निर्यात का प्रमुख केंद्र बन जाएगा।

एपीएसईज़ेड के होल-टाइम डायरेक्टर और सीईओ अश्विनी गुप्ता ने कहा, “यह सहयोग मजबूत और भविष्य के लिए तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के हमारे साझा विचार को दर्शाता है, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। बेहतर खनिज लॉजिस्टिक्स को आधुनिक पोर्ट क्षमताओं के साथ जोड़कर हम उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के साथ ही साथ देश की आर्थिक प्रगति में भी योगदान दे रहे हैं। एनएमडीसी और वेले के साथ हमारी यह साझेदारी पूर्वी तट पर लौह अयस्क क्षेत्र के लिए एक आधुनिक, कुशल और टिकाऊ इकोसिस्टम तैयार करेगी। गंगावरम पोर्ट भारत का पहला ऐसा पोर्ट बनने की दिशा में है, जो दुनिया के सबसे बड़े वैलेमैक्स जहाज़ों को संभालने में सक्षम होगा।”

इस सहयोग के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:

  • गंगावरम पोर्ट पर एक समर्पित एसईज़ेड के भीतर एकीकृत आयरन ओर ब्लेंडिंग और वैल्यू एडिशन इकोसिस्टम का विकास।
  • पूरी तरह यांत्रिक बर्थिंग और कार्गो हैंडलिंग सुविधाओं की स्थापना, जो चार लाख मीट्रिक टन तक की क्षमता वाले वैलेमैक्स जहाज़ों को संभाल सकेंगी।
  • यार्ड मैनेजमेंट, ब्लेंडिंग ऑपरेशन और जहाज़ों की लोडिंग-अनलोडिंग तक पूरी सप्लाई चेन को और अधिक प्रभावी बनाना।
  • आयरन ओर निर्यात और पोर्ट आधारित औद्योगिक विकास के लिए गंगावरम पोर्ट को एक मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित करना।

यह साझेदारी मिलकर गंगावरम पोर्ट को वैश्विक आयरन ओर व्यापार के लिए एक अहम् प्रवेश द्वार के रूप में स्थापित करती है और भारत को एक प्रतिस्पर्धी व भविष्य के लिए तैयार समुद्री केंद्र के रूप में स्थापित करती है।

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