अहमदाबाद, 29 अक्टूबर, 2026: विविध कारोबार वाले अदाणी पोर्टफोलियो का हिस्सा अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजों की घोषणा की।
अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ विनोद बाहेती ने कहा, “वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही और पहली छमाही के हमारे प्रदर्शन से पता चलता है कि मौसमी और बाहरी चुनौतियों के बावजूद अंबुजा का ध्यान गुणवत्ता के साथ कारोबार बढ़ाने पर बना हुआ है। ट्रेड और प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ने से राजस्व की गुणवत्ता बेहतर हुई है, वहीं अनुशासित कामकाज और लागत प्रबंधन से मुनाफे को सहारा मिला है।“
“हम मैन्युफैक्चरिंग में उत्कृष्टता, ऊर्जा दक्षता, लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने और डिजिटलीकरण के माध्यम से कमाई के मजबूत आधार तैयार कर रहे हैं। इसमें ऋण-मुक्त बैलेंस शीट भी मदद कर रही है। हमारी विकास यात्रा जारी है। दूसरी तिमाही में 4.6 एमटीपीए क्षमता शुरू की गई है और वित्त वर्ष 27 की दूसरी छमाही में 5.6 एमटीपीए की अतिरिक्त क्षमता को बढ़ाकर उत्पादन स्तर पर लाया जा रहा है।“
“बीसीएफसी इंफ्रास्ट्रक्चर को लागू करने, रिन्यूएबल पावर की हिस्सेदारी बढ़ाने, नई क्षमताओं का उत्पादन बढ़ाने और उनसे मिलने वाले अतिरिक्त प्रोत्साहनों से वित्त वर्ष 27 की दूसरी छमाही में प्रदर्शन को मजबूती मिलने की उम्मीद है।“
“हम वित्त वर्ष 27 तक प्रति टन 4,250 रुपए की लागत का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हमारी विकास रणनीति के अनुरूप कारोबार में ट्रेड की हिस्सेदारी प्रमुख बनी हुई है। साथ ही, हम मूल्य और मुनाफे पर ध्यान देते हुए, व्यापक समाधान उपलब्ध कराने के माध्यम से संस्थागत कारोबार को भी मजबूत कर रहे हैं। ट्रेड बिक्री में तेजी और संस्थागत बिक्री को सोच-समझकर तय करने से वित्त वर्ष 27 की दूसरी छमाही में हमारी बिक्री उद्योग की तुलना में अधिक बढ़ने की उम्मीद है। हाल ही में कीमतों में 10 से 15 रुपए की बढ़ोतरी के बाद उद्योग को अगले कुछ महीनों में कीमतों में और सुधार की उम्मीद है।
“शेयरधारकों से मिले मजबूत समर्थन के बाद एसीसी और ओरिएंट सीमेंट के अंबुजा सीमेंट्स में प्रस्तावित विलय को अंतिम मंजूरी के लिए अब एनसीएलटी के पास भेजा जाएगा। इस विलय से प्रति शेयर आय (ईपीएस) बढ़ने की उम्मीद है।”
उद्योग का परिदृश्य:
आगे की बात करें, तो तिमाही के दौरान मानसून से जुड़ी चुनौतियों के बाद भू-राजनीतिक संघर्षों, वैश्विक अनिश्चितता और ऊर्जा की बढ़ती लागत के कारण निकट भविष्य में परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। हालाँकि, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च, शहरीकरण, ग्रामीण आवास और औद्योगिक गतिविधियों से माँग को लगातार समर्थन मिल रहा है।
गुणवत्तापूर्ण विकास, प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने, परिचालन दक्षता, पूँजी के अनुशासित इस्तेमाल और एक सीमेंट प्लेटफॉर्म की दिशा में प्रगति पर हमारा ध्यान बना हुआ है। इससे हम स्थायी और बेहतर मूल्य पर आधारित विकास के लिए मजबूत स्थिति में हैं।
कारोबार का प्रदर्शन:
पेटकोक और कोयले की बढ़ती कीमतों, कोयले की सीमित उपलब्धता, डीजल और पैकेजिंग की बढ़ती लागत के कारण ईंधन और लॉजिस्टिक्स की लागत उच्च बनी हुई है। इससे उद्योग के मार्जिन पर दबाव पड़ रहा है। अंबुजा ने बाजार में अनुशासन बनाए रखने, उत्पादों के बेहतर मिश्रण और स्थायी मुनाफे को प्राथमिकता दी।
डीजल की बढ़ती लागत के कारण पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले लॉजिस्टिक्स लागत में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। हालाँकि, प्राइमरी लीड दूरी 265 किलोमीटर से घटाकर 254 किलोमीटर करने से इस असर को कुछ हद तक कम करने में मदद मिली। प्रमुख प्लांट्स में नियोजित शटडाउन भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिए गए हैं। दूसरी तिमाही में कुल लागत 4,410 रुपए प्रति टन रही। भू-राजनीतिक संघर्षों के प्रभाव को हटाने पर यह लागत 4,182 रुपए प्रति टन रही।
परिचालन से जुड़े आंकड़ें:
| विवरण (सालाना) | वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही | वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही | वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही |
|---|---|---|---|
| किल्न ईंधन लागत | 1.87 रुपए प्रति 1,000 किलो कैलोरी | 1.66 रुपए प्रति 1,000 किलो कैलोरी | 1.60 रुपए प्रति 1,000 किलो कैलोरी |
| बिजली लागत (नेट) | 4.8 रुपए प्रति किलोवॉट-घंटा | 4.3 रुपए प्रति किलोवॉट-घंटा | 6.0 रुपए प्रति किलोवॉट-घंटा |
| ग्रीन पॉवर की हिस्सेदारी | 61% | 48% | 41% |
| प्राइमरी लीड दूरी | 254 किलोमीटर | 249 किलोमीटर | 265 किलोमीटर |
| सीधे डिस्पैच की हिस्सेदारी (%) | 57% | 58% | 59% |
| प्रीमियम प्रोडक्ट (ट्रेड बिक्री का %) | 37% | 34% | 35% |
समेकित वित्तीय प्रदर्शन:
| विवरण | माप की इकाई | समेकित | ||||
|---|---|---|---|---|---|---|
| वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही | वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही | वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही | वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही | वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही | ||
| सीमेंट की बिक्री की मात्रा | मिलियन टन | 16.5 | 17.1 | 16.6 | 33.6 | 35.0 |
| परिचालन से राजस्व | करोड़ रुपए | 9,197 | 9,500 | 9,175 | 18,697 | 19,464 |
| परिचालन एबिट्डा और मार्जिन | करोड़ रुपए | 1,271 | 1,589 | 1,762 | 2,860 | 3,722 |
| % | 13.8% | 16.7% | 19.2% | 15.3% | 19.1% | |
| रुपए प्रति मीट्रिक टन | 770 | 931 | 1,061 | 852 | 1,064 | |
| कर के बाद मुनाफा² | करोड़ रुपए | 236 | 660 | 2,3361 | 896 | 3,3771 |
| प्रति शेयर आय (डाइल्यूटेड) | रुपए | 0.78 | 2.32 | 7.18 | 3.08 | 10.72 |
नोट: 1. इसमें 1,697 करोड़ रुपए के आयकर प्रावधान को वापस लेने की राशि शामिल है। 2. कर के बाद मुनाफे के लिए निवेशकों की प्रस्तुति में दिए गए रिपोर्टेड आँकड़ों के अनुसार सामान्यीकृत किया गया है।
बैलेंस शीट की मजबूती:
एक सीमेंट प्लेटफॉर्म से जुड़ी जानकारी:
ईएसजी से जुड़ी पहल:
डिजिटलाइजेशन:
ब्रांडिंग और तकनीकी सेवाएं:
अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड के बारे में जानकारी
अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड दुनिया की 9वीं सबसे बड़ी सीमेंट कंपनियों में शामिल है। यह विविध कारोबार वाले अदाणी ग्रुप का एक प्रमुख हिस्सा है, जो भारत में सस्टेनेबल व्यवसायों के क्षेत्र में सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाले समूहों में से एक है। कंपनी की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता 113.5 एमटीपीए है। इसके पास 24 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और 24 ग्राइंडिंग यूनिट हैं। अंबुजा सीमेंट्स एक हरित और मजबूत भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कंपनी कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके लिए वह 1 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी (सोलर + विंड), वित्त वर्ष 2027-28 तक 376 मेगावाट क्षमता वाले वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम (डब्ल्यूएचआरएस) और कम कार्बन उत्सर्जन वाले सीमेंट के उत्पादन में निवेश कर रही है। इसके अलावा, कंपनी ने कम कार्बन उत्सर्जन वाले सीमेंट के उत्पादन के लिए लीलाक लिमिटेड और शून्य कार्बन उत्सर्जन वाली रोटो डायनामिक हीटरटीएम (आरडीएचटीएम) तकनीक लागू करने के लिए कूलब्रूक के साथ साझेदारी की है। अंबुजा सीमेंट्स जल संरक्षण के क्षेत्र में अपनी सकारात्मक भूमिका बनाए हुए है और प्लास्टिक के उपयोग व उससे होने वाले प्रदूषण को कम करने की दिशा में भी काम कर रही है। कंपनी ने वर्ष 2050 तक नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। वह दुनिया की उन चार बड़ी बिल्डिंग मैटेरियल्स कंपनियों में शामिल है, जिनके निकट भविष्य और नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्यों को साइंस बेस्ड टार्गेट्स इनिशिएटिव (एसबीटीआई) ने मान्यता दी है। कंपनी के मिश्रित सीमेंट उत्पादों को ग्रीनप्रो प्रमाणन प्राप्त है। इसके नए उत्पाद जी आरआईएचए की उत्पाद सूची में भी शामिल हैं। कंपनी के पास अपने उपयोग के लिए पोर्ट्स का नेटवर्क है, जिसमें 10 टर्मिनल शामिल हैं। इससे सीमेंट को बड़ी मात्रा में कम प्रदूषण और कम लागत के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने में मदद मिलती है। टीआरए रिसर्च ने अंबुजा सीमेंट्स को 'भारत के सबसे भरोसेमंद सीमेंट ब्रांडों' में शामिल किया है। इसके अलावा, अंबुजा सीमेंट्स औद्योगिक क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए आईआरईएनए की मदद से संचालित वैश्विक गठबंधन अलायन्स फॉर इंडस्ट्रियल डिकार्बनाइजेशन (एएफआईडी) से जुड़ने वाली दुनिया की पहली सीमेंट निर्माता कंपनी है। कंपनी लीडआईटी की भी सदस्य है, जो भारी उद्योगों में नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करने की दिशा में काम करने वाली पहली वैश्विक उच्चस्तरीय पहल है।
मीडिया संपर्क - roy.paul@adani.com
निवेश संपर्क - deepak.balwani@adani.com
डिस्क्लेमर: इस प्रेस विज्ञप्ति में अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और एसीसी लिमिटेड के भविष्य के कारोबार, प्रदर्शन और वित्तीय स्थिति से संबंधित अनुमानित वक्तव्य शामिल हैं। ये वक्तव्य वर्तमान मान्यताओं और अपेक्षाओं पर आधारित हैं। इनमें कुछ अंतर्निहित जोखिम और अनिश्चितताएँ शामिल हैं, जिनके कारण वास्तविक परिणाम अनुमानित परिणामों से काफी अलग हो सकते हैं। बाजार की परिस्थितियों में बदलाव, आर्थिक घटनाक्रम, नियामक आवश्यकताओं, उद्योग की बदलती परिस्थितियों और अप्रत्याशित घटनाओं जैसे कारक कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और एसीसी लिमिटेड किसी भी अनुमानित वक्तव्य को सार्वजनिक रूप से अपडेट करने या उसमें संशोधन करने के लिए बाध्य नहीं हैं, चाहे ऐसा करने की आवश्यकता नई जानकारी मिलने, भविष्य में होने वाली घटनाओं या किसी अन्य कारण से उत्पन्न हो। इन जोखिमों के विस्तृत विवरण के लिए कृपया सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ़ इंडिया (सेबी) और अन्य संबंधित नियामक प्राधिकरणों के समक्ष कंपनी द्वारा दाखिल किए गए दस्तावेज़ देखें।
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