समारोह में नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के अध्यक्ष डॉ. अभिजात शेठ को चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं के प्रबंधन और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए मानद डॉक्टर ऑफ साइंस (डी.एससी.) की उपाधि प्रदान की गई।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के 10 संकायों के विद्यार्थियों को कुल 2,320 डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 123 पीएच.डी. की उपाधियां शामिल हैं। इसके अलावा, 83 मेधावी विद्यार्थियों को 123 स्वर्ण पदक, 7 रजत पदक और 13 अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। दत्ता मेघे मेडिकल कॉलेज (डीएमएमसी) की छात्रा पूजल देविदास मापारी ने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 23 पदक हासिल किए।
सफलता की असली पहचान समाज को वापस देने में है: देवेंद्र फडणवीस
दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस ने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा और उपलब्धियों का उपयोग समाज की बेहतरी के लिए करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, "यह समाज ही है, जिसने ऐसी संस्थाएं बनाई हैं, जिनकी मदद से आप अपनी पढ़ाई पूरी करके ग्रेजुएट हो सकें। इसलिए जीवन में एक समय ऐसा जरूर आना चाहिए, जब हम समाज को कुछ वापस दें। सफलता का मतलब यह नहीं है कि आप कितना पैसा कमाते हैं, बल्कि असली सफलता इस बात में है कि आप समाज को कितना कुछ दे पाते हैं।"
मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, "जब मैं यहां इतने सारे पीएच.डी. होल्डर्स को देखता हूं, तो भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं कि मुझे पीएच.डी. हासिल करने के लिए उतनी मेहनत नहीं करनी पड़ी, जितनी मेहनत इन्होंने की है।"