अंबुजा सीमेंट्स ने विस्तार योजनाओं को दी रफ्तार, 30 एमटीपीए उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी

असम, बिहार, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में जुड़ेगी नई उत्पादन क्षमता

अहमदाबाद, 2 नवंबर, 2026: अदाणी समूह का हिस्सा और भारत की प्रमुख बिल्डिंग मटेरियल कंपनियों में से एक, अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड ने अपने अगले विस्तार चरण की योजना तैयार कर ली है। इसके तहत नए ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स के जरिए प्रमुख बाजारों में सीमेंट उत्पादन क्षमता लगभग 30 एमटीपीए बढ़ाई जाएगी। इस योजना से पूर्वी, पश्चिमी और उत्तरी भारत में कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क और मजबूत होगा। फिलहाल, अंबुजा सीमेंट्स की देशभर में 24 इंटीग्रेटेड सीमेंट प्लांट और 24 ग्राइंडिंग यूनिट्स के माध्यम से कुल उत्पादन क्षमता 113.5 एमटीपीए है।

इस विस्तार योजना के तहत पश्चिमी क्लस्टर में लगभग 15.5 एमटीपीए, पूर्वी क्लस्टर में 11.6 एमटीपीए और उत्तरी क्लस्टर में 2.9 एमटीपीए की नई ग्राइंडिंग क्षमता जोड़ी जाएगी। पूर्वी क्लस्टर में असम के रंगिया (2.9 एमटीपीए) और होजाई (2.9 एमटीपीए), झारखंड के गोड्डा (2.9 एमटीपीए) और बिहार के मुजफ्फरपुर (2.9 एमटीपीए) में नई उत्पादन क्षमता स्थापित की जाएगी। पश्चिमी क्लस्टर में गुजरात के मुंद्रा (2.9 एमटीपीए) और हजीरा (2.9 एमटीपीए), महाराष्ट्र के रायगढ़ (2.9 एमटीपीए), कल्याण (2.9 एमटीपीए), दहानू (0.7 एमटीपीए) और अमरावती (2.9 एमटीपीए) में क्षमता बढ़ाई जाएगी। वहीं, उत्तरी क्लस्टर में उत्तर प्रदेश के दादरी में लाइन-2 (2.9 एमटीपीए) के तहत नई क्षमता जोड़ी जाएगी। इस योजना में क्लिंकर उत्पादन क्षमता का विस्तार भी शामिल है। इसके तहत पूर्वी क्लस्टर में असम के उमरांगसो में 4 एमटीपीए और पश्चिमी क्लस्टर में महाराष्ट्र के मराठा में 4 एमटीपीए तथा गुजरात के मुंद्रा में 2.3 एमटीपीए की नई क्लिंकर उत्पादन क्षमता स्थापित की जाएगी। इससे बढ़ी हुई ग्राइंडिंग क्षमता की जरूरतों को पूरा करने के लिए क्लिंकर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित होगी और कंपनी का उत्पादन नेटवर्क और मजबूत होगा।

अदाणी समूह के सीमेंट कारोबार के सीईओ विनोद बाहेती ने कहा, "हमारे विस्तार के अगले चरण का मुख्य उद्देश्य विकास की गुणवत्ता पर ध्यान देना और उत्पादन नेटवर्क को अधिक संतुलित बनाना है। क्लिंकर और ग्राइंडिंग क्षमता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के साथ-साथ तेजी से विकास की संभावनाओं वाले प्रमुख बाजारों के करीब उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा रही है। इससे हमारे उत्पादन नेटवर्क को अधिक लचीलापन मिलेगा। जैसे-जैसे हम अपने कारोबार का विस्तार कर रहे हैं, हमारा ध्यान बाजारों तक बेहतर पहुंच बनाने के साथ-साथ लॉजिस्टिक्स और लागत को अधिक प्रभावी बनाने पर है, ताकि क्षमता में होने वाला हर नया विस्तार पूरे कारोबार की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करे। इन बाजारों में हमारा सप्लाई चेन नेटवर्क मजबूत है। साथ ही, हमारे ब्रांड की पहचान और प्रीमियम सीमेंट की बाजार हिस्सेदारी भी बेहतर है। हमारा यह विस्तार मूल्य आधारित रणनीतिक विकास योजना के अनुरूप होगा और इसे आगे बढ़ाने में मदद करेगा।"

"विस्तार के इस चरण और उत्पादन क्षमता बढ़ाने से जुड़ी अन्य योजनाओं के पूरा होने के बाद वित्त वर्ष 2030 तक कंपनी की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़कर 155 एमटीपीए हो जाएगी। इस पूरी विस्तार योजना पर लगभग 14,500 करोड़ रुपए खर्च किए जाएँगे। बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाने के साथ-साथ इन नई उत्पादन क्षमताओं से कामकाज में बेहतर दक्षता आएगी और उत्पादन लागत कम करने में मदद मिलेगी। बाजारों के नजदीक प्लांट होने से परिवहन की दूरी कम होगी, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत में भी कमी आएगी। इन सभी प्रयासों से कंपनी को वित्त वर्ष 2028 तक प्रति मीट्रिक टन सीमेंट की लागत 4,000 रुपए तक लाने का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।"

नई विस्तार योजना उन परियोजनाओं को आगे बढ़ाती है, जिन पर कंपनी पहले से काम कर रही है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के दौरान कंपनी ने कुल 4.6 एमटीपीए की अतिरिक्त सीमेंट उत्पादन क्षमता जोड़ी है। इसमें गुजरात के दहेज में 1.2 एमटीपीए क्षमता का विस्तार, उत्तर प्रदेश में 2.4 एमटीपीए की नई सलई बनवा ग्राइंडिंग यूनिट और महाराष्ट्र के कलंबोली में 1.0 एमटीपीए क्षमता का विस्तार शामिल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से कंपनी की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़कर 113.5 एमटीपीए हो गई है।

नजदीकी अवधि में शुरू होने वाले प्रोजेक्ट्स से कंपनी की क्षमता में और बढ़ोतरी होगी। इनमें पंजाब (नॉर्थ क्लस्टर) में बठिंडा जीयू (1.2 एमटीपीए) और राजस्थान में जोधपुर पेन्ना आईयू (2 एमटीपीए) शामिल हैं। इन दोनों प्रोजेक्ट्स की कुल क्षमता 3.2 एमटीपीए है। इनकी शुरुआत हो चुकी है और वित्त वर्ष 27 की दूसरी छमाही में इनका उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, बिहार (ईस्ट क्लस्टर) में वारिसलीगंज जीयू (2.4 एमटीपीए) भी वित्त वर्ष 27 की दूसरी छमाही में शुरू हो जाएगा। कंपनी की कुल क्षमता मार्च 2027 के अंत तक बढ़कर 119 एमटीपीए होने की उम्मीद है।

अंबुजा ने अधिग्रहण के बाद से 30 सितंबर 2026 तक क्षमता विस्तार से जुड़े 11 प्रोजेक्ट्स पूरे किए हैं। इनके जरिए सीमेंट उत्पादन क्षमता में 16.3 एमटीपीए और क्लिंकर उत्पादन क्षमता में 9.0 एमटीपीए की बढ़ोतरी हुई है। अब 30 एमटीपीए क्षमता विस्तार का नया कार्यक्रम इस सफर का अगला चरण है। इससे देशभर में फैले कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क की क्षमता, भौगोलिक पहुँच और कामकाज की दक्षता और मजबूत होगी। इस नेटवर्क में 25 इंटीग्रेटेड यूनिट्स (आईयू), 37 ग्राइंडिंग यूनिट्स (जीयू) और 3 क्लिंकर यूनिट्स (सीयू) शामिल हैं।

अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड के बारे में जानकारी

अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड दुनिया की 9वीं सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी है और विविध कारोबार वाले अदाणी पोर्टफोलियो का अहम हिस्सा है। अदाणी पोर्टफोलियो देश में सस्टेनेबल बिजनेस का सबसे तेजी से बढ़ता पोर्टफोलियो है। अंबुजा सीमेंट्स की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता 113.5 एमटीपीए है, जो 24 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स और 24 ग्राइंडिंग यूनिट्स में फैली हुई है। कंपनी एक हरित और मजबूत भारत के निर्माण में अहम् भूमिका निभा रही है। कंपनी अपने कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके लिए वित्त वर्ष 28 तक 1 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी (सोलर और विंड) और 376 मेगावॉट के वेस्ट हीट रिकवरी सिस्टम्स (डब्ल्यूएचआरएस) में निवेश किया जा रहा है। इसके अलावा, लो-कार्बन सीमेंट उत्पादन के लिए लेइलैक लिमिटेड और जीरो-कार्बन रोटो डायनामिक हीटर (आरडीएच) टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के लिए कूलब्रुक के साथ साझेदारी की गई है। अंबुजा सीमेंट्स लगातार अपनी जरूरत से ज्यादा पानी की उपलब्धता बनाए रखने वाली (वॉटर पॉजिटिव) और प्लास्टिक कचरे की खपत से ज्यादा उसे हटाने वाली (प्लास्टिक नेगेटिव) कंपनी बनी हुई है। कंपनी ने 2050 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है। वह दुनिया की उन चार बड़ी बिल्डिंग मटेरियल कंपनियों में शामिल है, जिनके निकट अवधि और नेट-जीरो लक्ष्य साइंस बेस्ड टारगेट्स इनिशिएटिव (एसबीटीआई) से प्रमाणित हैं। कंपनी के ब्लेंडेड सीमेंट प्रोडक्ट्स को ग्रीनप्रो सर्टिफिकेशन मिला है और इसके इनोवेटिव प्रोडक्ट्स को गृह प्रोडक्ट कैटलॉग में जगह मिली है। कंपनी के पास अपना पोर्ट नेटवर्क भी है, जिसमें 10 टर्मिनल्स शामिल हैं। इनके माध्यम से बल्क सीमेंट की ढुलाई कम लागत में और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर तरीके से की जाती है। टीआरए रिसर्च ने अंबुजा सीमेंट्स को 'भारत के सबसे भरोसेमंद सीमेंट ब्रांड्स' में शामिल किया है। यह दुनिया की पहली सीमेंट निर्माता कंपनी है, जो आईआरईएनए की मदद से संचालित ग्लोबल अलायंस फॉर इंडस्ट्रियल डीकार्बनाइजेशन (एएफआईडी) से जुड़ी है। इसके अलावा, कंपनी लीडआईटी की सदस्य भी है। यह भारी उद्योगों से होने वाले उत्सर्जन को नेट-जीरो तक लाने की दिशा में काम करने वाली पहली वैश्विक उच्चस्तरीय पहल है।

मीडिया संपर्क: roy.paul@adani.com

डिस्क्लेमर

इस मीडिया विज्ञप्ति में अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और एसीसी लिमिटेड के भविष्य के कारोबार, प्रदर्शन और वित्तीय स्थिति से जुड़े अनुमान दिए गए हैं। ये अनुमान मौजूदा मान्यताओं और उम्मीदों पर आधारित हैं। इनमें कुछ जोखिम और अनिश्चितताएँ शामिल हैं, जिनके कारण वास्तविक नतीजे बताए गए अनुमानों से काफी अलग हो सकते हैं। बाजार की स्थितियों में बदलाव, आर्थिक घटनाक्रम, नियामकीय जरूरतों, इंडस्ट्री से जुड़े बदलावों और अप्रत्याशित परिस्थितियों का कंपनी के प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है। अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और एसीसी लिमिटेड नई जानकारी, भविष्य की घटनाओं या किसी अन्य कारण से अपने अनुमानों को सार्वजनिक रूप से अपडेट करने या उनमें बदलाव करने के लिए बाध्य नहीं हैं। इन जोखिमों की विस्तृत जानकारी के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) और अन्य संबंधित नियामकीय संस्थाओं के पास जमा कंपनी के दस्तावेज देखे जा सकते हैं।

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