दूसरी तिमाही में एबिटडा सालाना आधार पर 46% बढ़कर ₹8,743 करोड़ रहा
अहमदाबाद, 23 अक्टूबर 2026: भारत के निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी थर्मल पावर जनरेटर कंपनी, अदाणी समूह की कंपनियों में शामिल अदाणी पावर लिमिटेड (एपीएल) ने आज वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए।
नतीजों पर टिप्पणी करते हुए, अदाणी पावर लिमिटेड के सीईओ एस. बी. ख्यालिया ने कहा, "अदाणी पावर लगातार अपनी उपलब्धियों को आगे बढ़ा रही है और मुनाफे के साथ-साथ परियोजनाओं को पूरा करने के क्षेत्र में भी नए मुकाम हासिल कर रही है। भारत की प्रमुख निजी थर्मल पावर प्रोड्यूसर कंपनी के रूप में हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि देश की बढ़ती बुनियादी बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली और भरोसेमंद बिजली समय पर उपलब्ध हो। भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और जलवायु में होने वाले अप्रत्याशित बदलावों को देखते हुए, भारत की दीर्घकालिक बिजली जरूरतों को पूरा करने में घरेलू कोयले पर आधारित बिजली उत्पादन की अहमियत लगातार स्पष्ट होती जा रही है। हमें गर्व है कि वर्ष 2032 तक 100 गीगावाट की नई थर्मल पावर क्षमता जोड़ने के देश के लक्ष्य को पूरा करने में हम अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। अपनी अनुभवी टीमों और सक्षम साझेदारों के दृढ़ सहयोग से हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि भारत को अपनी विकास संबंधी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए चौबीसों घंटे आवश्यक बिजली उपलब्ध होती रहे।"
पावर मार्किट अपडेट:
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में भारत में बिजली की मांग पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 11.5% बढ़कर 502 बिलियन यूनिट हो गई। इस वृद्धि के पीछे तेज आर्थिक विकास और कमजोर मानसून प्रमुख कारण रहे। बिजली की बढ़ती मांग के चलते देश में बिजली उत्पादन भी सालाना आधार पर 11% बढ़कर 536 बिलियन यूनिट पहुंच गया। वहीं, हाइड्रोपावर उत्पादन की सीमित संभावनाओं के कारण बिजली आपूर्ति में कोयले और लिग्नाइट से बनने वाली बिजली की हिस्सेदारी बढ़कर 66% हो गई, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 65% थी। इस तिमाही में बिजली उत्पादन में हुई कुल अतिरिक्त वृद्धि में 73% योगदान कोयला और लिग्नाइट आधारित बिजली उत्पादन का रहा। भारत के कोयला आधारित पावर प्लांट्स का औसत प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ), यानी उपलब्ध उत्पादन क्षमता के उपयोग का स्तर, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में बढ़कर 68% हो गया। पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 62% था।
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में देश में बिजली की अधिकतम मांग बढ़कर 270 गीगावाट तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में दर्ज 230 गीगावाट की तुलना में 18% अधिक है। इस दौरान उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में सबसे अधिक 27-27 गीगावाट की अधिकतम बिजली मांग दर्ज की गई। इनके बाद गुजरात में 23 गीगावाट, तमिलनाडु में 20 गीगावाट और कर्नाटक में 16 गीगावाट की अधिकतम बिजली मांग रही।
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में इंडियन एनर्जी एक्सचेंज पर अगले दिन बिजली आपूर्ति के लिए निर्धारित बाजार मूल्य पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 46% बढ़कर ₹5.7 प्रति यूनिट हो गया। वहीं, रियल-टाइम मार्केट में बिजली का बाजार मूल्य भी सालाना आधार पर 49% बढ़कर ₹5.2 प्रति यूनिट दर्ज किया गया।
परिचालन प्रदर्शन:
| प्रमुख मानदंड | क्यू2 एफवाय27 |
क्यू2 एफवाय26 | एच1 FY27 | एच1 एफवाय26 | एफवाय26 |
|---|---|---|---|---|---|
| परिचालन क्षमता (मेगावाट)(1) | 18,150 | 18,150 | 18,150 | 18,150 | 18,150 |
| प्लांट लोड फैक्टर (पीएलएफ) | 70.1% | 62.8% | 74.1% | 64.8% | 66.5% |
| बिजली की बिक्री (बिलियन यूनिट) | 26.4 | 23.7 | 55.1 | 48.3 | 99.1 |
(1) परिचालन क्षमता के आंकड़ों में 180 मेगावाट का चुरक ताप विद्युत संयंत्र शामिल नहीं है। अधिग्रहण के बाद इस संयंत्र को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया चल रही है।
बिज़नेस अपडेट:
वित्तीय प्रदर्शन:
| विवरण (करोड़ रुपए में) |
वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही | वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही | Change बदलाव (+/-) | वित्त वर्ष 27 की पहली छमाही | वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही | बदलाव (+/-) | वित्त वर्ष 26 |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| जारी परिचालन से राजस्व(1) | 17,014.06 | 13,106.34 | 29.8% | 34,564.49 | 26,809.28 | 28.9% | 53,781.45 |
| जारी अन्य आय(2) | 514.29 | 532.92 | (3.5%) | 899.81 | 997.47 | (9.8%) | 1,801.18 |
| कुल जारी राजस्व | 17,528.35 | 13,639.26 | 28.5% | 35,464.30 | 27,806.75 | 27.5% | 55,582.63 |
| कुल रिपोर्टेड राजस्व | 19,950.60 | 14,307.79 | 39.4% | 39,272.90 | 28,881.49 | 36.0% | 57,865.28 |
| जारी एबिट्डा | 6,320.97 | 5,332.71 | 18.5% | 13,303.71 | 11,076.33 | 20.1% | 21,285.35 |
| रिपोर्टेड एबिट्डा | 8,743.22 | 6,001.24 | 45.7% | 17,112.31 | 12,151.07 | 40.8% | 23,430.87 |
| जारी कर पूर्व मुनाफा(3) | 4,369.51 | 3,297.68 | 32.5% | 9,283.66 | 7,095.77 | 30.8% | 13,353.99 |
| रिपोर्टेड कर पूर्व मुनाफा | 6,791.76 | 3,966.20 | 71.2% | 13,092.25 | 8,170.51 | 60.2% | 15,499.51 |
| सहयोगी कंपनी से मुनाफे में हिस्सेदारी(4) | (3.04) | - | 114.65 | - | - | ||
| कर खर्च / (क्रेडिट) | (230.60) | 1,059.74 | (121.8%) | 1,320.98 | 1,958.92 | (32.6%) | 2,528.43 |
| कर के बाद मुनाफा | 7,019.32 | 2,906.46 | 141.5% | 11,885.92 | 6,211.59 | 91.4% | 12,971.08 |
(1), (2), (3): निरंतर परिचालन राजस्व और निरंतर अन्य आय में पिछली अवधि की आय की पहचान शामिल नहीं है। निरंतर ईबीआईटीडीए और निरंतर कर-पूर्व लाभ में पिछली अवधि की आय और व्यय शामिल नहीं हैं। | (4): वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही और छमाही के परिणामों में जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड में हिस्सेदारी के अधिग्रहण के बाद सहयोगी कंपनी से प्राप्त लाभ का हिस्सा शामिल है।
ईबीआईटीडीए: ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पूर्व आय | nm: अर्थहीन
प्रमुख वित्तीय उपलब्धियां:
प्रोजेक्ट अपडेट:
एपीएल अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना के तहत 23,720 मेगावाट की नई थर्मल पावर क्षमता जोड़ने के लिए तेजी से काम कर रही है। कंपनी की 1,320 मेगावाट की कोरबा फेज-II सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना और 1,600 मेगावाट की महान फेज-II अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (यूएससीटीपीपी) का निर्माण कार्य पूरा होने के उन्नत चरण में है।
कोरबा फेज-II की पहली 660 मेगावाट क्षमता वाली सुपरक्रिटिकल यूनिट को पावर ग्रिड से जोड़ दिया गया है और इसके जल्द ही चालू होने की उम्मीद है। दूसरी इकाई के वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही में चालू होने की संभावना है। वहीं, महान फेज-II परियोजना के वित्त वर्ष 2027-28 की शुरुआती अवधि में पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है। इसी तरह, 1,600 मेगावाट की रायपुर फेज-II यूएससीटीपीपी और 1,600 मेगावाट की रायगढ़ फेज-II यूएससीटीपीपी ने निर्माण कार्य शुरू होने के 30 महीने से भी कम समय में 65% से अधिक प्रगति हासिल कर ली है। इन दोनों परियोजनाओं के वित्त वर्ष 2028-29 में चालू होने की योजना है।
इन परियोजनाओं के अलावा, 1,600 मेगावाट की मिर्जापुर ग्रीनफील्ड यूएससीटीपीपी, 1,600 मेगावाट की महान फेज-III यूएससीटीपीपी और 2,400 मेगावाट की अनूपपुर ग्रीनफील्ड यूएससीटीपीपी का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इन सभी परियोजनाओं में अब तक संतोषजनक प्रगति हुई है।
एपीएल रायपुर स्थित अपने बिजली उत्पादन केंद्र की क्षमता बढ़ाकर 4,570 मेगावाट करेगी। इसके लिए कंपनी 1,600 मेगावाट क्षमता वाली फेज-III यूएससीटीपीपी स्थापित करेगी। इस परियोजना से उत्पादित बिजली की आपूर्ति के लिए कंपनी ने जुलाई 2026 में महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) के साथ 1,600 मेगावाट का पीएसए किया है।
यह समझौता, वित्त वर्ष 2024-25 में एपीएल और एमएसईडीसीएल के बीच हुए 1,600 मेगावाट के पहले बिजली आपूर्ति समझौते के अतिरिक्त है। पहले समझौते के तहत बिजली की आपूर्ति आगामी रायपुर फेज-II यूएससीटीपीपी से की जाएगी।
ईएसजी प्रदर्शन:
अदाणी पावर के बारे में जानकारी
अदाणी समूह का हिस्सा अडानी पावर लिमिटेड (एपीएल), भारत की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की थर्मल पावर प्रोड्यूसर है। कंपनी की कुल परिचालन थर्मल पावर क्षमता 18,110 मेगावाट है, जो गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और तमिलनाडु में स्थित 12 पावर प्लांट्स में फैली हुई है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश में 180 मेगावाट क्षमता वाले एक थर्मल पावर प्लांट को फिर से चालू करने की प्रक्रिया चल रही है। गुजरात में कंपनी का 40 मेगावाट क्षमता वाला सौर ऊर्जा संयंत्र भी है। बिजली क्षेत्र के विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञों की विश्वस्तरीय टीम के सहयोग से अदाणी पावर अपनी विकास क्षमता को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का उपयोग करके भारत को बिजली की अतिरिक्त उपलब्धता वाला देश बनाने तथा सभी को गुणवत्तापूर्ण और किफायती बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है।
अधिक जानकारी के लिए लॉगिन: www.adanipower.com
मीडिया संपर्क: Roy.paul@adani.com
We Care About Your Privacy
We use cookies to give you the best experience on our website. By continuing, you're agreeing to our use of cookies. For more information read our Privacy Policy or edit your preferences
Essential for site operation. < Enables core functions like security and accessibility.
Remembers your settings like language & region.
Anonymous data to improve performance.
Enhanced features like videos & chat.
Improves outreach & measures engagement.