डॉ. प्रीति अदाणी ने भारत की विकास यात्रा में इनोवेशन और अनुसंधान की भूमिका पर जोर देते हुए कहा, "भारत ने उल्लेखनीय पैमाने पर बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है। अब हमें उसी बड़े पैमाने पर नवाचार करने और नए विचारों को विकसित करने की क्षमता पैदा करनी होगी।" उन्होंने उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत साझेदारी की जरूरत पर जोर दिया। डॉ. अदाणी ने कहा कि इस साझेदारी का उद्देश्य यह नहीं होना चाहिए कि उद्योग विश्वविद्यालयों को बताए कि उन्हें क्या पढ़ाना है, बल्कि वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से मिलने वाले अनुभव के आधार पर ऐसे नए सवाल और समाधान सामने आने चाहिए, जिनके बारे में उद्योग और शिक्षा जगत ने अलग-अलग रहते हुए नहीं सोचा हो।