एपीएसईजेड का दूसरी तिमाही में राजस्व 24% और एबिटडा 23% बढ़ा, सालाना लक्ष्य में ₹1,000 करोड़ की बढ़ोतरी

मजबूत वित्तीय स्थिति से कंपनी के विकास को मिल रही है गति

अहमदाबाद, 28 अक्टूबर 2026: अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त हुई दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित किए। दूसरी तिमाही में कंपनी का समेकित राजस्व 24% बढ़कर ₹11,340 करोड़ और एबिटडा 23% बढ़कर ₹6,807 करोड़ हो गया। कंपनी का मजबूत प्रदर्शन भारत के सबसे बड़े और दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों में से एक के रूप में उसके विकास को दर्शाता है। घरेलू और इंटरनेशनल, लॉजिस्टिक्स और मरीन कारोबार में एक साथ विस्तार से कंपनी को विकास के कई अवसर मिल रहे हैं।

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (क्यू2 एफवाय27) और पहली छमाही (एच1 एफवाय27) के प्रमुख वित्तीय परिणाम (समेकित)

विवरण (₹ करोड़) क्यू2 एफवाय27 क्यू2 एफवाय26 सालाना बदलाव एच1 एफवाय27 एच1 एफवाय26 सालाना बदलाव
राजस्व 11,340 9,167 24% 22,161 18,294 21%
एबिटडा 6,807 5,550 23% 13,347 11,046 21%
पीएटी 3,682 3,120 18% 7,332 6,431 14%

पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा, "वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए बड़े स्तर पर काम करने की एपीएसईजेड की क्षमता हमें मजबूत वित्तीय स्थिति और लगातार बढ़ते कैश फ्लो के दम पर महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद करती है। इसी के तहत वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही भी शानदार रही। घरेलू पोर्ट्स हमारे मुनाफे का प्रमुख आधार बने हुए हैं, जबकि इंटरनेशनल पोर्ट, लॉजिस्टिक्स और मरीन कारोबार तेजी से विकास के नए केंद्र बनकर उभर रहे हैं। पहली छमाही के मजबूत प्रदर्शन को देखते हुए हमने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व, एबिटडा और कैपेक्स के अपने लक्ष्यों में बढ़ोतरी की है। एम्बिशन 2031 के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए निवेश की गति बढ़ाते हुए भी हमारी वित्तीय स्थिति बेहद मजबूत बनी हुई है। पिछले दो वर्षों में हमने ₹30,346 करोड़ का कैपेक्स किया है। इसमें पहली छमाही के दौरान योजना से अधिक किया गया निवेश भी शामिल है। इसके बावजूद हमने नेट डेब्ट-टू-एबिटडा का अनुपात केवल 1.8 गुना बनाए रखा है। यह हमारे कारोबारी मॉडल की मजबूती और पूंजी के अनुशासित उपयोग को दर्शाता है।"

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व, एबिटडा और कैपेक्स के लक्ष्य बढ़ाए गए

पहली छमाही के मजबूत प्रदर्शन को देखते हुए एपीएसईजेड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजस्व और एबिटडा के अनुमानित लक्ष्य में प्रत्येक के लिए ₹1,000 करोड़ की बढ़ोतरी की है। अब राजस्व का लक्ष्य ₹44,000–₹46,000 करोड़ और एबिटडा का लक्ष्य ₹26,000–₹27,000 करोड़ रखा गया है। इसके साथ ही, कंपनी वित्त वर्ष 2030-31 तक ₹91,500 करोड़ का राजस्व और ₹52,000 करोड़ का एबिटडा हासिल करने के अपने एम्बिशन 2031 लक्ष्य को पूरा करने के लिए निवेश की गति भी बढ़ा रही है। ये लक्ष्य वित्त वर्ष 2025-26 के स्तर की तुलना में क्रमशः 2.4 गुना और 2.3 गुना हैं। इसी के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कैपेक्स का लक्ष्य ₹3,000 करोड़ बढ़ाकर ₹15,000–₹17,000 करोड़ कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी कंपनी की विभिन्न विकास योजनाओं में निवेश की गति तेज करने को दर्शाती है।

सभी आंकड़े ₹ करोड़ में वित्त वर्ष 2026-27 का पुराना लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 का संशोधित लक्ष्य
राजस्व 43,000 - 45,000
(सालाना 11%–16% वृद्धि)
44,000-46,000
(सालाना 14%–19% वृद्धि)
एबिटडा 25,000 – 26,000
(सालाना 9%–14% वृद्धि)
26,000-27,000
(सालाना 14%–18% वृद्धि)
कैपेक्स 12,000 - 14,000 15,000 – 17,000
नेट डेब्ट/एबिटडा अधिकतम 2.5 गुना कोई बदलाव नहीं

कई कारोबार, एक एकीकृत मंच

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में एपीएसईजेड का समेकित राजस्व 24% बढ़कर ₹11,340 करोड़ हो गया, जबकि एबिटडा में 23% की वृद्धि हुई और यह ₹6,807 करोड़ पर पहुँच गया। यह कंपनी के सभी कारोबारों में व्यापक और मजबूत वृद्धि को दर्शाता है। दूसरी तिमाही का प्रदर्शन यह भी दर्शाता है कि एपीएसईजेड एक विविधतापूर्ण ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म के रूप में लगातार विकसित हो रही है। कंपनी के पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स, मरीन और इंटरनेशनल मार्केट्स जैसे विकास के कई प्रमुख क्षेत्र एक साथ विस्तार कर रहे हैं और कंपनी की वृद्धि में योगदान दे रहे हैं।.

राजस्व एबिटडा
क्यू2 वित्त वर्ष 27 क्यू2 वित्त वर्ष 26 वाई ओ वाई % क्यू2 वित्त वर्ष 27 क्यू2 वित्त वर्ष 26 वाई ओ वाई %
घरेलू पोर्ट 7,177 6,351 13% 5,201 4,688 11%
अंतरराष्ट्रीय पोर्ट 1,839 1,077 71% 878 261 236%
रसद 1,273 1,055 21% 237 220 8%
समुद्री 1,007 641 57% 447 338 32%
सेज 44 43 2% 44 43 2%
कुल 11,340 9,167 24% 6,807 5,550 23%

घरेलू पोर्ट्स: कमाई का प्रमुख आधार

घरेलू पोर्ट्स ने कंपनी को बड़े स्तर पर कारोबार, स्टेबिलिटी और मजबूत कैश फ्लो उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई। माल ढुलाई में वृद्धि और बेहतर दरों के कारण इन पोर्ट्स से होने वाले राजस्व में सालाना आधार पर 13% की बढ़ोतरी हुई। एबिटडा मार्जिन 72.5% पर बना रहा, जो उद्योग में बेहतरीन स्तर पर है। तिमाही के दौरान कंपनी के पोर्ट्स से कुल 118 एमएमटी माल की ढुलाई हुई। पूरे भारत में माल ढुलाई और कंटेनर कारोबार में एपीएसईजेड की बाजार हिस्सेदारी क्रमशः 27.3% और 44.4% रही। घरेलू पोर्ट्स की कुल क्षमता 671 एमएमटी थी।

इस तिमाही के दौरान एपीएसईजेड को पारादीप पोर्ट के सीक्यू-I और सीक्यू-II ड्राई बल्क बर्थ के संचालन के लिए 30 साल की रियायत मिली। इससे कंपनी की मशीनीकृत माल ढुलाई क्षमता में 18 एमएमटी की बढ़ोतरी होगी। यह विस्तार कंपनी के पूर्वी तट के पोर्ट नेटवर्क को मजबूत करेगा, खनिज संपदा से भरपूर अंदरूनी क्षेत्रों तक पहुँच बेहतर बनाएगा और भविष्य में माल ढुलाई बढ़ाने में मदद करेगा। इसके अलावा, एपीएसईजेड ने इसी तिमाही में विझिंजम पोर्ट पर ईएक्सआईएम से जुड़ा कारोबार भी शुरू कर दिया।

इंटरनेशनल पोर्ट्स: कारोबार के विस्तार से अब कमाई में भी महत्वपूर्ण योगदान

एपीएसईजेड के अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह कारोबार में मजबूत वृद्धि जारी रही। इस कारोबार ने रिकॉर्ड ₹1,839 करोड़ का राजस्व और ₹878 करोड़ का एबिटडा दर्ज किया। एबिटडा मार्जिन भी रिकॉर्ड 47.7% पर पहुँच गया। दूसरी तिमाही में माल ढुलाई की मात्रा वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही के 10 एमएमटी से बढ़कर 24 एमएमटी हो गई।

इस प्रदर्शन में कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल (सीडब्ल्यूआईटी) और तंजानिया के कारोबार के लगातार विस्तार के साथ ऑस्ट्रेलिया के एनक्यूएक्सटी के योगदान की अहम भूमिका रही। सीडब्ल्यूआईटी ने परिचालन शुरू होने के पहले 18 महीनों में 20 लाख टीईयू का संचालन किया। यह ग्राहकों के भरोसे और टर्मिनल की परिचालन क्षमता को दर्शाता है। पहले चरण की सफलता के बाद एपीएसईजेड ने सीडब्ल्यूआईटी के दूसरे चरण का उद्घाटन किया। इससे टर्मिनल की क्षमता 16 लाख टीईयू से दोगुनी होकर 32 लाख टीईयू हो गई। इस विस्तारित टर्मिनल का लक्ष्य वर्ष 2028 तक कोलंबो पोर्ट की 1.3 करोड़ टीईयू की निर्धारित क्षमता का लगभग 25% हिस्सा संभालना है।

तंजानिया के कारोबार ने भी शानदार प्रदर्शन किया। वहाँ तिमाही के दौरान अब तक की सर्वाधिक 2,65,518 टीईयू कंटेनर वॉल्यूम दर्ज की गई। जुलाई 2026 में ही 91,625 टीईयू कंटेनरों का संचालन हुआ, जो किसी एक महीने का अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है।

लॉजिस्टिक्स: शोर -टू-डोर सेवाओं का विस्तार

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में पश्चिम एशिया संकट के कारण प्रभावित हुए लॉजिस्टिक्स कारोबार ने दूसरी तिमाही में मजबूत वापसी की। दूसरी तिमाही में टीईयू वॉल्यूम 15% बढ़कर 1,67,453 टीईयू हो गई, जबकि पहली तिमाही में यह 1,45,310 टीईयू थी। ट्रकिंग से होने वाले राजस्व में सालाना आधार पर 28% की वृद्धि हुई। वहीं, आईएफएन से प्राप्त राजस्व दोगुने से अधिक बढ़कर ₹289 करोड़ हो गया। कारोबार के बदलते स्वरूप से एपीएसईजेड की उस रणनीति का पता चलता है, जिसके तहत कंपनी एक ऐसा एकीकृत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार कर रही है, जिसमें परिसंपत्तियों पर कम निवेश की आवश्यकता हो। यह नेटवर्क भारत भर के पोर्ट्स को औद्योगिक केंद्रों और उपभोग वाले प्रमुख बाजारों से जोड़ता है, ताकि बंदरगाह से लेकर ग्राहक के दरवाजे तक माल पहुँचाने की सेवाओं का विस्तार किया जा सके।

मरीन: ग्लोबल मेरीटाइम सर्विसेज का निर्माण

जहाजों के बेड़े में बढ़ोतरी, समुद्र में संचालित सेवाओं से अधिक योगदान और समुद्र के नीचे दी जाने वाली सेवाओं के कारोबार में प्रवेश के कारण मरीन कारोबार के राजस्व में सालाना आधार पर 57% और एबिटडा में 32% की वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी के जहाजों की संख्या बढ़कर 138 हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही में यह संख्या 127 थी। यह विस्तार एपीएसईजेड की वैश्विक समुद्री सेवा प्लेटफॉर्म विकसित करने की रणनीति का हिस्सा है।

मजबूत वित्तीय स्थिति से विकास की गति को मिल रहा बढ़ावा

  • पूंजीगत खर्च में तेजी: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में एपीएसईजेड ने ₹10,521 करोड़ का पूंजीगत खर्च किया। पहली छमाही के मजबूत प्रदर्शन को देखते हुए कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत खर्च का लक्ष्य बढ़ाकर ₹15,000–₹17,000 करोड़ कर दिया है। पहले यह लक्ष्य ₹12,000–₹14,000 करोड़ था।
  • पूंजी का अनुशासित उपयोग और कर्ज का बेहतर प्रबंधन: कंपनी का कुल कर्ज ₹57,717 करोड़ और नकदी शेष ₹12,502 करोड़ रहा। शुद्ध कर्ज और एबिटडा का अनुपात 1.8 गुना रहा। एनक्यूएक्सटी के पिछले 12 महीनों के एबिटडा को शामिल करके की गई गणना में भी यह अनुपात 1.8 गुना है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में ₹10,521 करोड़ के पूंजीगत खर्च और पिछले दो वर्षों में कुल ₹30,346 करोड़ खर्च करने के बावजूद कंपनी ने शुद्ध कर्ज और एबिटडा के अनुपात को लगातार नियंत्रित रखा है।
  • अधिक पूंजीगत खर्च के बावजूद सकारात्मक फ्री कैश फ्लो: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में अधिक पूंजीगत खर्च के बावजूद एपीएसईजेड ने ₹2,806 करोड़ का फ्री कैश फ्लो अर्जित किया।
  • क्रेडिट रेटिंग में सुधार और मजबूत रेटिंग की पुष्टि: एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स ने एपीएसईजेड की दीर्घकालिक जारीकर्ता क्रेडिट रेटिंग और उसके सीनियर अनसिक्योर्ड नोट्स की रेटिंग को ‘बीबीबी-’ से बढ़ाकर ‘बीबीबी’ कर दिया है। आउटलुक स्थिर रखा गया है। इससे एपीएसईजेड की रेटिंग एस एंड पी द्वारा भारत की संप्रभु क्रेडिट रेटिंग के बराबर हो गई है। जनवरी 2026 में जेसीआर ने भी कंपनी को ‘ए- / स्टेबल’ रेटिंग दी थी। इससे एपीएसईजेड उन चुनिंदा भारतीय कंपनियों में शामिल हो गई है, जिन्हें किसी अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी ने भारत की संप्रभु रेटिंग से ऊँची रेटिंग दी है।

केयर रेटिंग्स और आईसीआरए लिमिटेड ने भी एपीएसईजेड की घरेलू क्रेडिट रेटिंग ‘एएए’ की पुष्टि की है, जो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाती है। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी के कर्ज की औसत परिपक्वता अवधि 4.9 वर्ष थी, जबकि 30 सितंबर 2025 को यह 5.2 वर्ष थी। इससे कंपनी के कर्ज चुकाने की समय-सीमा का विविध और व्यवस्थित स्वरूप सामने आता है।

एपीएसईज़ेड के बारे में जानकारी

एपीएसईज़ेड, दुनिया भर में विविध कारोबार करने वाले अदाणी ग्रुप का हिस्सा है। यह एक प्रमुख इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर है, जो कार्गो की शुरुआत से लेकर उसकी अंतिम डिलीवरी तक की पूरी व्यवस्था संभालता है। इसमें कार्गो की बुकिंग और अंतरराष्ट्रीय फ्रेट नेटवर्क से लेकर पोर्ट पर हैंडलिंग, रेल ट्रांसपोर्ट, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और सड़क के जरिए ग्राहक के दरवाजे तक सामान पहुँचाना शामिल है।

आधुनिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई आधारित बेहतर प्लानिंग की मदद से, एपीएसईज़ेड की यह पूरी 'शोर-टू-डोर' सुविधा उसे भारत में इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशंस देने वाली प्रमुख कंपनी बनाती है। कंपनी भारत के पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी तटों पर रणनीतिक रूप से स्थित 16 पोर्ट्स और टर्मिनल्स का नेटवर्क चलाती है। इसके साथ ही, कंपनी के पास 138 जहाजों का विविध बेड़ा, 12 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, 31 लाख वर्ग फुट के वेयरहाउस और अपने प्लेटफॉर्म पर चलने वाले 40,000 से ज्यादा ट्रक हैं। इन सुविधाओं के जरिए कंपनी तटीय इलाकों और देश के अंदरूनी हिस्सों से आने वाले बड़े पैमाने के कार्गो को संभाल सकती है। एपीएसईज़ेड ऑस्ट्रेलिया, कोलंबो, इज़राइल और तंजानिया में 4 अंतरराष्ट्रीय पोर्ट्स भी चलाती है। फिलहाल कंपनी की कार्गो हैंडलिंग क्षमता सालाना 671 मिलियन टन है। भारत के कुल पोर्ट कार्गो में इसकी हिस्सेदारी करीब 27% है और वित्त वर्ष 31 तक कंपनी का लक्ष्य सालाना 1 अरब टन कार्गो संभालना है।

2025 के एसएंडपी ग्लोबल कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट में एपीएसईज़ेड को दुनिया की शीर्ष 5% ट्रांसपोर्टेशन और ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में जगह मिली। इस आकलन में कंपनी दुनिया भर में 95वें पर्सेंटाइल पर रही। इसके अलावा, विश्व बैंक के कंटेनर पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स 2024 में कंपनी के 5 पोर्ट्स को जगह मिली। बड़े स्तर पर काम करने की क्षमता, बेहतर संचालन और एकीकृत सेवाओं के दम पर एपीएसईज़ेड वैश्विक व्यापार को आसान और सुचारु बनाने में मदद करती है।

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